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कैसे सहती ‘टोनहिन’ के ताने, दुनिया छोड़ गई सरस्वती
Sun, 23 Dec 2018 10:32 PM IST
पल्लवी कश्यप
Santkabirnagar
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Published by: पल्लवी कश्यप
Updated Sun, 23 Dec 2018 10:32 PM IST
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अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
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हैंसर (संतकबीरनगर)। कोई चाची कहता था तो कोई बड़की माई। कोई दीदी-दीदी कह अपने दुख दर्द बांटता था तो कोई भौजी-भौजी कह हंसी ठिठोली कर लिया करता था, लेकिन किस्मत ने दुर्दिन क्या दिखाए, सबकी नजरें बदल गईं। जिन जुबां से कभी प्यार भरे बोल फूटते थे, वे ‘टोनहिन’ के ताने देने लगे। अपने ही गांव में अपनों से इतनी नफरत, सरस्वती सह न पाई और दुनिया छोड़ गई। उसने मौत भी चुनी तो दर्दनाक। अपने ही हाथों शरीर पर मिट्टी का तेल उड़ेला और आग लगा ली। शनिवार रात गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से लखनऊ ले जाते समय उसकी मौत हो गई। अब गांव में सन्नाटा है। वे जुबां भी चुप हैं, जो कभी 60 साल की उस वृद्धा को ‘टोनहिन’ कह कर चिढ़ाते थे। सरस्वती की मौत की खबर से आंखें शायद उनकी भी गिली हुई होंगी, दिल उनका भी रोया होगा।
धनघटा थाना क्षेत्र के गांव करमा के टोला मोलनाचक निवासी अक्षयवर चौधरी की पत्नी सरस्वती ने शनिवार सुबह खुद को आग लगा ली थी। आनन-फानन में उसे सीएचसी मलौली ले जाया गया था, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया, लेकिन हालत बिगड़ते देख लखनऊ रेफर कर दिया। घर वाले सरस्वती को लेकर लखनऊ के लिए निकले, लेकिन गोरखपुर के नौसढ़ में ही उसकी सांसे थम गईं। परिजनों ने रविवार सुबह उसका अंतिम संस्कार कर दिया। रंगीता ने बताया कि उसकी सास टोनहिन के ताने सुन-सुनकर तंग आ चुकी थी और जब बर्दाश्त से बाहर हो गया तो जान दे दी। सरस्वती ने भी डॉक्टर को बताया था कि गांव के लोग उसे ‘टोनहिन’ कहकर पुकारते हैं। ऐसे ताने रोज-रोज सुनकर वह तंग आ चुकी थी, इसलिए जीवन खत्म करने ती ठान ली और शरीर पर केरोसिन डालकर आग लगा ली।
तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई
- एसओ करुणाकर पांडेय ने बताया कि महिला का बयान दर्ज नहीं कराया जा सका है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। मोलनाचक के प्रधान निजामुद्दीन उर्फ गुड्डू खान ने बताया कि सरस्वती के पति अक्षयवर चौधरी लकवे की वजह से बिस्तर पर पड़े हैं। उनके तीन बेटे और दो बेटियां थीं। दो साल पहले छोटी बेटी की मौत हो गई थी। दो बेटे राजेश और राजकुमार रोजी-रोटी के चक्कर में विदेश में हैं। छोटा बेटे राहुल और उसकी पत्नी तथा राजकुमार की पत्नी रंगीता घर गांव में रहते हैं।
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धनघटा थाना क्षेत्र के गांव करमा के टोला मोलनाचक निवासी अक्षयवर चौधरी की पत्नी सरस्वती ने शनिवार सुबह खुद को आग लगा ली थी। आनन-फानन में उसे सीएचसी मलौली ले जाया गया था, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया, लेकिन हालत बिगड़ते देख लखनऊ रेफर कर दिया। घर वाले सरस्वती को लेकर लखनऊ के लिए निकले, लेकिन गोरखपुर के नौसढ़ में ही उसकी सांसे थम गईं। परिजनों ने रविवार सुबह उसका अंतिम संस्कार कर दिया। रंगीता ने बताया कि उसकी सास टोनहिन के ताने सुन-सुनकर तंग आ चुकी थी और जब बर्दाश्त से बाहर हो गया तो जान दे दी। सरस्वती ने भी डॉक्टर को बताया था कि गांव के लोग उसे ‘टोनहिन’ कहकर पुकारते हैं। ऐसे ताने रोज-रोज सुनकर वह तंग आ चुकी थी, इसलिए जीवन खत्म करने ती ठान ली और शरीर पर केरोसिन डालकर आग लगा ली।
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तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई
- एसओ करुणाकर पांडेय ने बताया कि महिला का बयान दर्ज नहीं कराया जा सका है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। मोलनाचक के प्रधान निजामुद्दीन उर्फ गुड्डू खान ने बताया कि सरस्वती के पति अक्षयवर चौधरी लकवे की वजह से बिस्तर पर पड़े हैं। उनके तीन बेटे और दो बेटियां थीं। दो साल पहले छोटी बेटी की मौत हो गई थी। दो बेटे राजेश और राजकुमार रोजी-रोटी के चक्कर में विदेश में हैं। छोटा बेटे राहुल और उसकी पत्नी तथा राजकुमार की पत्नी रंगीता घर गांव में रहते हैं।
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