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मां की ममता पर कलह पड़ा भारी
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चार साल पहले घर छोड़ प्रेमी के यहां पहुंची थी नित्या
- बेटे और मां की मौत की वजह कलह मान रही पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। चार वर्ष पूर्व प्रेम के वशीभूत होकर मां-बाप की मर्जी के खिलाफ निर्णय लेकर प्रेमी के घर पहुंची नित्या की अर्थी बेटे के साथ इतनी जल्द उठ जाएगी, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। रविवार सुबह जब कुआनो नदी में उसकी और उसके मासूम बालक की लाश मिली तो लोगों की आंखें नम हो गईं। लोग यही कहते सुने गए कि कलह ने दो जिंदगियों को निगल लिया।
धनघटा क्षेत्र के मुठही खुर्द गांव निवासी आनंद कुमार उर्फ सबलू की बेटी नित्या और बगल के गांव निवासी सुरेंद्र के बेेटे अनिल के बीच प्रेम परवान चढ़ा तो मां-बाप को बताए बिना नित्या चार साल पहले अनिल के घर पहुंच गई। लुधियाना में रह रहे अनिल के कहने पर नित्या को उसके परिजनों ने जगह दे दी। कुछ दिन बाद अनिल घर लौटा और बतौर पति-पत्नी दोनों साथ रहने लगे। एक साल बाद नित्या ने पुत्र को जन्म दिया, उसका नाम नीतेश रखा गया। गांव वालों का कहना है कि अनिल जनवरी में कमाने के लिए लुधियाना चला गया। इधर, नित्या के मायके के लोगों ने उसे त्याग दिया और उससे कोई संबंध नही रखा। गांव वालों की मानें तो नित्या का ससुराल वालों से बहुत अच्छा संबंध नहीं बन पाया था।
एसओ रणधीर मिश्र का कहना है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पारिवारिक कलह के कारण ही महिला ने बच्चे के साथ नदी में कूदकर जान दे दी होगी। वैसे घटना से जुड़े हर पहलुओं पर जांच की जा रही है। दूसरी तरफ मृतका के पिता आनंद कुमार उर्फ सबलू ने इस घटना पर कुछ भी बोलने से इंकार करते हुए कहा कि जिस दिन नित्या अपनी मर्जी से घर से बाहर निकली उसी दिन वह हमारे लिए मर गई थी। उससे हमें कुछ भी लेना देना नहीं है।
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- बेटे और मां की मौत की वजह कलह मान रही पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। चार वर्ष पूर्व प्रेम के वशीभूत होकर मां-बाप की मर्जी के खिलाफ निर्णय लेकर प्रेमी के घर पहुंची नित्या की अर्थी बेटे के साथ इतनी जल्द उठ जाएगी, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। रविवार सुबह जब कुआनो नदी में उसकी और उसके मासूम बालक की लाश मिली तो लोगों की आंखें नम हो गईं। लोग यही कहते सुने गए कि कलह ने दो जिंदगियों को निगल लिया।
धनघटा क्षेत्र के मुठही खुर्द गांव निवासी आनंद कुमार उर्फ सबलू की बेटी नित्या और बगल के गांव निवासी सुरेंद्र के बेेटे अनिल के बीच प्रेम परवान चढ़ा तो मां-बाप को बताए बिना नित्या चार साल पहले अनिल के घर पहुंच गई। लुधियाना में रह रहे अनिल के कहने पर नित्या को उसके परिजनों ने जगह दे दी। कुछ दिन बाद अनिल घर लौटा और बतौर पति-पत्नी दोनों साथ रहने लगे। एक साल बाद नित्या ने पुत्र को जन्म दिया, उसका नाम नीतेश रखा गया। गांव वालों का कहना है कि अनिल जनवरी में कमाने के लिए लुधियाना चला गया। इधर, नित्या के मायके के लोगों ने उसे त्याग दिया और उससे कोई संबंध नही रखा। गांव वालों की मानें तो नित्या का ससुराल वालों से बहुत अच्छा संबंध नहीं बन पाया था।
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एसओ रणधीर मिश्र का कहना है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पारिवारिक कलह के कारण ही महिला ने बच्चे के साथ नदी में कूदकर जान दे दी होगी। वैसे घटना से जुड़े हर पहलुओं पर जांच की जा रही है। दूसरी तरफ मृतका के पिता आनंद कुमार उर्फ सबलू ने इस घटना पर कुछ भी बोलने से इंकार करते हुए कहा कि जिस दिन नित्या अपनी मर्जी से घर से बाहर निकली उसी दिन वह हमारे लिए मर गई थी। उससे हमें कुछ भी लेना देना नहीं है।
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