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बुजुर्ग की मौत 7

Sat, 07 Jul 2018 11:00 PM IST
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:00 PM IST
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बुजुर्ग की मौत 7
कोटे की दुकान पर अनाज लेने गए बुजुर्ग की मौत
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दिल की बीमारी थी, काफी देर तक धूप में खड़े होने से बेहोश होकर गिर पड़े थे
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई : क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी
फोटो के साथ
अमर उजाला ब्यूरो
बखिरा। क्षेत्र के लेडुआ-महुआ ग्राम पंचायत के कोटे की दुकान पर अनाज लेने गए बुजुर्ग की शनिवार को मौत हो गई। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जाता है कि उनको हृदय रोग था।
लेडुआ-महुआ के पूर्वी टोला में कोटे की दुकान पर अनाज लेने के लिए शनिवार को ग्रामीण जुटे हुए थे। अनाज लेने वाले ग्राहक कड़ी धूप होने के बावजूद कतारबद्ध होकर बारी का इंतजार कर रहे थे। उसी बीच अनाज के लिए कतार में गांव के ही 75 वर्षीय मोहम्मद नईम भी खड़े थे। काफी देर तक धूप में खड़े होने की वजह से अनाज लेते समय वह बेहोश होकर गिर पड़े। दुकान में हुई इस घटना से कोटेदार घबड़ा गया। लोगों की मदद से उनको घर पहुंचाया गया, लेकिन जब तक उनकी मौत हो चुकी थी। कोटेदार अनवरी बेगम ने बताया कि अनाज देते समय वह बेहोश होकर गिर गए। तत्काल उन्हें चारपाई पर लिटाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी। बताया कि तत्काल ही परिजनों को सूचित कर दिया गया। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ब्रजेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
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लोगों ने संवेदना दिखाई होती तो नहीं होती मौत
बखिरा। लोगों में स्वार्थपरता इस कदर हाबी हो चुकी है कि बुजुर्गों व कमजोरों के प्रति सम्मान की भावना ही खत्म होती जा रही है। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि कोटे की दुकान पर अनाज लेने के लिए 75 साल के मोहम्मद नईम कतार में खड़े रहे। किसी ने मानवीय संवेदना नहीं दिखाई, जिससे उन्हें पहले अनाज मिल जाए। हार्ट की बीमारी की दवा करा रहे मोहम्मद नईम को कोटे की दुकान से अनाज लेना भारी पड़ गया।
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पति की मौत से बेसुध हो गईं पत्नी
बखिरा। लेडुआ महुआ गांव में मोहम्मद नईम पत्नी के साथ रहते थे। उनके चार बेटे काफी दिनों से भिवंडी (मुंबई) में रहकर रोजी रोटी का जुगाड़ करते हैं। मोहम्मद नईम को दिल की बीमारी थी। इलाज के सिलसिले में मोहम्मद नईम का भिवंडी आना-जाना लगा रहता था। बेटे खर्च की रकम भेज देते थे। कोटे के गेहूं-चावल से गुजर हो रहा था। बेटों ने कई बार साथ में रखने की जिद की, लेकिन बुजुर्ग दंपती घर छोड़कर भिवंडी जाने को राजी नहीं थे। मौत की सूचना पाकर पत्नी सैदुनिशा बेसुध हो गईं। वह जोर-जोर से पति को पुकार रही थीं। इससे वहां मौजूद लोगों की आंखें डबडबा गईं।
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