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संतकबीरनगर के युवक की अहमदाबाद में मौत
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जिले के युवक की अहमदाबाद में मौत
फोटो
पतंग की डोर से कटी गर्दन, सोमवार को हुई घटना
बखिरा थाना क्षेत्र के तेनुडाड़ मंझारी का निवासी था
अमर उजाला ब्यूरो
भिटवा बाजार। बखिरा थाना क्षेत्र के ग्राम तेनुडाड़ मंझारी निवासी एक युवक की सोमवार को हादसे में अहमदाबाद में मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब मकर संक्रांति के दिन युवक बाइक से किसी कार्य से जा रहा था। उसी दौरान पतंग की डोर गले में फंस गई और वह सड़क पर गिर गया। आसपास के लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित किया। घर पर युवक की मौत की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया।
क्षेत्र के तेनुडाड़ मंझारी निवासी 23 वर्षीय रोहित कुमार मिश्र पुत्र जयभारत मिश्र गुजरात के अहमदाबाद शहर में रोजी-रोटी के लिए तीन साल पहले गया था। वहां कांट्रैक्टर का काम करने लगा था। दीपावाली के बाद दोबारा वह अहमदाबाद गया था। परिजनों के अनुसार सोमवार को रोहित अपने कमरे से बाइक लेकर निकला था। मकर संक्रांति का दिन होने के कारण आसपास के लोग पतंग उड़ा रहे थे। इसी दौरान पतंग की डोर रोहित के गर्दन में फंस गई और वह बाइक लेकर सड़क पर गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना बगल के गांव दासडीह निवासी एक युवक ने रोहित के माता-पिता को फोन पर दी। पुत्र की मौत खबर सुनकर माता-पिता के पैरों तले से जमीन निकल गई और दहाड़े मारकर रोने लगे। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त हो गया।
बेटे के सिर पर सेहरा देखने की तम्मना रह गई अधूरी
शोएब सिद्दीकी
अमर उजाला ब्यूरो
भिटवा बाजार। इंसान भले ही शुभ मुहूर्त देखकर कार्य करता है, लेकिन होता वही है जो ईश्वर की मर्जी होती है। कुछ ऐसा ही हादसा सोमवार को तेनुडाड़ मंझारी निवासी रोहित के साथ घटित हुआ। मां-बाप लड़ला और परिवार का कमाऊ पूत गुजरात के अहमदाबाद में रहकर काम करता था। बेटे को कमाते देख मां-बाप ने बेटे के सिर पर सेहरा बांधना चाहा और उसकी शादी जिले के उमरीकला गांव निवासी एक लड़की के साथ तय कर दी। मां-बाप ने तिलक और शादी की तारीख भी निश्चित कर दिया। 19 फरवरी तथा एक मई को शादी की तारीख सुनिश्चित थी। फरवरी में घर आने को कहकर रोहित दीपावली के बाद अहमदाबाद चला गया था। शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था। सोमवार को जैसे ही मोबाइल पर रोहित के मौत की खबर आई। उसके माता-पिता, भाई, बहन और बुजुर्ग बाबा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। मंगलवार शाम तक उसका शव घर पर नहीं पहुंचा था।
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पतंग की डोर से कटी गर्दन, सोमवार को हुई घटना
बखिरा थाना क्षेत्र के तेनुडाड़ मंझारी का निवासी था
अमर उजाला ब्यूरो
भिटवा बाजार। बखिरा थाना क्षेत्र के ग्राम तेनुडाड़ मंझारी निवासी एक युवक की सोमवार को हादसे में अहमदाबाद में मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब मकर संक्रांति के दिन युवक बाइक से किसी कार्य से जा रहा था। उसी दौरान पतंग की डोर गले में फंस गई और वह सड़क पर गिर गया। आसपास के लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित किया। घर पर युवक की मौत की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया।
क्षेत्र के तेनुडाड़ मंझारी निवासी 23 वर्षीय रोहित कुमार मिश्र पुत्र जयभारत मिश्र गुजरात के अहमदाबाद शहर में रोजी-रोटी के लिए तीन साल पहले गया था। वहां कांट्रैक्टर का काम करने लगा था। दीपावाली के बाद दोबारा वह अहमदाबाद गया था। परिजनों के अनुसार सोमवार को रोहित अपने कमरे से बाइक लेकर निकला था। मकर संक्रांति का दिन होने के कारण आसपास के लोग पतंग उड़ा रहे थे। इसी दौरान पतंग की डोर रोहित के गर्दन में फंस गई और वह बाइक लेकर सड़क पर गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना बगल के गांव दासडीह निवासी एक युवक ने रोहित के माता-पिता को फोन पर दी। पुत्र की मौत खबर सुनकर माता-पिता के पैरों तले से जमीन निकल गई और दहाड़े मारकर रोने लगे। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त हो गया।
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बेटे के सिर पर सेहरा देखने की तम्मना रह गई अधूरी
शोएब सिद्दीकी
अमर उजाला ब्यूरो
भिटवा बाजार। इंसान भले ही शुभ मुहूर्त देखकर कार्य करता है, लेकिन होता वही है जो ईश्वर की मर्जी होती है। कुछ ऐसा ही हादसा सोमवार को तेनुडाड़ मंझारी निवासी रोहित के साथ घटित हुआ। मां-बाप लड़ला और परिवार का कमाऊ पूत गुजरात के अहमदाबाद में रहकर काम करता था। बेटे को कमाते देख मां-बाप ने बेटे के सिर पर सेहरा बांधना चाहा और उसकी शादी जिले के उमरीकला गांव निवासी एक लड़की के साथ तय कर दी। मां-बाप ने तिलक और शादी की तारीख भी निश्चित कर दिया। 19 फरवरी तथा एक मई को शादी की तारीख सुनिश्चित थी। फरवरी में घर आने को कहकर रोहित दीपावली के बाद अहमदाबाद चला गया था। शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था। सोमवार को जैसे ही मोबाइल पर रोहित के मौत की खबर आई। उसके माता-पिता, भाई, बहन और बुजुर्ग बाबा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। मंगलवार शाम तक उसका शव घर पर नहीं पहुंचा था।
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