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संपूर्ण समाधान दिवस : कोई सात साल तो कोई महीनों से लगा रहा चक्कर
Sun, 05 Nov 2023 02:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 05 Nov 2023 02:21 AM IST
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खलीलाबाद तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनते डीएम महेंद्र सिं
संतकबीरनगर। तहसीलों में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन हुआ। पहले की तरह फरियादी आए। अपनी दरख्वास्त देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। लेकिन मौके पर निस्तारण की आस अधूरी रह गई। जो लोग तहसीलों में पहुंचे। उनमें कोई सात साल तो कोई चार-पांच साल से चक्कर काट रहा है। खलीलाबाद तहसील में 50 प्रार्थना पत्र आए। इनमें से मौके पर किसी का निस्तारण नहीं हो सका। डीएम ने इन सभी प्रकरणों को गुणवत्तापूर्ण खत्म करने का निर्देश दिया।
शनिवार की सुबह खलीलाबाद तहसील सभागार के बाहर फरियादियों की भीड़ लग गई। करीब 10 बजे डीएम महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस शुरू हुआ। एसपी सत्यजीत गुप्ता भी मौजूद रहे। फरियादियों को सुनकर डीएम ने अधिकारियों से तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की बात कही। डीएम ने स्पष्ट कहा कि शिकायत का निस्तारण होने पर सहमति पत्र पर दोनाें पक्षों के हस्ताक्षर आवश्यक हैं। उन्होंने राजस्व के मामलों में लेखपाल और पुलिसकर्मियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। एसपी ने भी पुलिसकर्मियों को मामलों को गंभीरता से निपटाने की हिदयत दी। करीब आधे घंटे के बाद डीएम-एसपी क्षेत्र में निकल गए।
उनके जाने के बाद एसडीएम सदर शैलेष दुबे की अध्यक्षता में आयोजन आगे बढ़ा। लाइन लगाकर एक-एक फरियादी की बात एडीएम ने सुनीं। उन्होंने लेखपाल, कानूनगो सहित अन्य समस्याओं का निस्तारण करने को कहा। इस दौरान कई ऐसे फरियादी मिले, जिनके मामलों का निस्तारण बीते दिवसों में नहीं हो सका है।
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दोपहर 12.04 बजे तहसील सभागार के बाहर वैसाखी के सहारे आए मीरगंज के हरिश्चंद मिले। पूछने पर बोले कि बता-बताकर थक गए हैं। एक बिस्सा जमीन (साढ़े तीन डिस्मिल) पट्टे पर मिली है। बीते साल दिसंबर में आदेश हुआ था। लेकिन अब तक कब्जा नहीं पाया। एक साल होने वाला है। हर बार प्रार्थना पत्र दे जाता हूं।
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सात साल से दौड़ रही महिला
तहसील परिसर में मिली मुकरी देवी अपने मामले के निस्तारण के लिए सात साल से दौड़ रही हैं। उनकी बात मानें तो जमीन के सह खातेदारों ने उनके हिस्से पर जबरन कब्जा कर लिया है। कब्जा हटाने की बात कहने पर जानमाल की धमकी दे रहे हैं। इस मामले के लिए वह सात साल से परेशान हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में भी प्रार्थना पत्र देने आती हैं। उनके अलावा शेखर, अदालत सहित अन्य लोग भी भूमि विवाद के मामलों में चक्कर काट रहे हैं।
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सीडीओ ने सुनीं फरियाद, दिए निस्तारण के निर्देश
मेंहदावल। तहसील सभागार में सीडीओ ने संपूर्ण समाधान में फरियादियों की बात सुनीं। इस दौरान कुल 72 मामले आए, जिनमें महज तीन का ही निस्तारण हो सका। अन्य को आश्वासन देकर लौटा दिया गया।
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52 में तीन हुए निस्तारित, 27 प्रकरण अटके
धनघटा। तहसील सभागार धनघटा में एडीएम की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। कुल 52 मामले आए, जिनमें महज तीन का ही निस्तारण हो सका। इनमें 27 मामले राजस्व के थे। यहां भी ऐसे फरियादी आए, जिनके मामलों का निस्तारण बीते कई समाधान दिवसों से नहीं हो पा रहा है। इनमें जमीन पर अवैध कब्जा, बिजली कनेक्शन लेने सहित अन्य प्रकरण शामिल थे।
बड़गो निवासी रुपई ने बताया कि 15 वर्ष पहले उनके पैतृक जमीन का फर्जी वसीयत कराकर गांव का व्यक्ति जबरन कब्जा कर लिया। तभी से जमीन पर कब्जा पाने के लिए प्रार्थना पत्र देता चला आ रहा हूं। रामपुर दक्षिणी गांव के रामनिवास ने बताया कि उनकी जमीन पर गांव के कुछ लोग जबरन कब्जा कर लिए हैं। पैमाइश प्रार्थना पत्र कई माह से दे रहा हूं। भोतहा गांव निवासी राम भवन ने बताया कि बिजली निगम से दो साल पहले कनेक्शन दिया। बिजली कर्मचारियों ने घर पर मीटर लगा दिया। लेकिन अब तक बिजली सप्लाई नहीं हुई। संठी गांव निवासी उदय राज की जमीन पर 10 वर्ष साल से कुछ लोगों ने कब्जा किया है। जमीन की पैमाइश भी हो चुकी है। लेकिन वह जमीन नहीं पा रहे हैं।
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यहां आने का कोई फायदा जरूर मिलेगा। इस चक्कर में हर बार आ जाते हैं। इस बार भी आश्वासन मिला है। देखिए क्या होता है। -हरिश्चंद, मीरगंज
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सात साल से अधिकारियों के दफ्तर का चक्कर लगा रही हूं। लेकिन न्याय नहीं मिल पा रहा है। सह खातेदारों ने ही जमीन जबरन ले ली है। शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है। -मुकरी देवी, चिरैया कोट
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प्राप्त शिकायतों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। सभी प्रकरणों की गंभीरता से जांच करके जवाबदेह लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 10 प्रतिशत प्रकरण ऐसे होते हैं, जिसको लेकर शिकायतकर्ता यह कहते हैं कि उनकी शिकायत का निस्तारण नहीं हो रहा है। अथवा उनको सुना नहीं गया है, अथवा गुणवत्तापरक निस्तारण नहीं किया गया है, जो अत्यंत ही आपत्तिजनक है। इसलिए जन शिकायतों का निस्तारण प्रत्येक दशा में निष्पक्षता, समयबद्धता, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित कराया जाएगा। -महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
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शनिवार की सुबह खलीलाबाद तहसील सभागार के बाहर फरियादियों की भीड़ लग गई। करीब 10 बजे डीएम महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस शुरू हुआ। एसपी सत्यजीत गुप्ता भी मौजूद रहे। फरियादियों को सुनकर डीएम ने अधिकारियों से तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की बात कही। डीएम ने स्पष्ट कहा कि शिकायत का निस्तारण होने पर सहमति पत्र पर दोनाें पक्षों के हस्ताक्षर आवश्यक हैं। उन्होंने राजस्व के मामलों में लेखपाल और पुलिसकर्मियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। एसपी ने भी पुलिसकर्मियों को मामलों को गंभीरता से निपटाने की हिदयत दी। करीब आधे घंटे के बाद डीएम-एसपी क्षेत्र में निकल गए।
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उनके जाने के बाद एसडीएम सदर शैलेष दुबे की अध्यक्षता में आयोजन आगे बढ़ा। लाइन लगाकर एक-एक फरियादी की बात एडीएम ने सुनीं। उन्होंने लेखपाल, कानूनगो सहित अन्य समस्याओं का निस्तारण करने को कहा। इस दौरान कई ऐसे फरियादी मिले, जिनके मामलों का निस्तारण बीते दिवसों में नहीं हो सका है।
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दोपहर 12.04 बजे तहसील सभागार के बाहर वैसाखी के सहारे आए मीरगंज के हरिश्चंद मिले। पूछने पर बोले कि बता-बताकर थक गए हैं। एक बिस्सा जमीन (साढ़े तीन डिस्मिल) पट्टे पर मिली है। बीते साल दिसंबर में आदेश हुआ था। लेकिन अब तक कब्जा नहीं पाया। एक साल होने वाला है। हर बार प्रार्थना पत्र दे जाता हूं।
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सात साल से दौड़ रही महिला
तहसील परिसर में मिली मुकरी देवी अपने मामले के निस्तारण के लिए सात साल से दौड़ रही हैं। उनकी बात मानें तो जमीन के सह खातेदारों ने उनके हिस्से पर जबरन कब्जा कर लिया है। कब्जा हटाने की बात कहने पर जानमाल की धमकी दे रहे हैं। इस मामले के लिए वह सात साल से परेशान हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में भी प्रार्थना पत्र देने आती हैं। उनके अलावा शेखर, अदालत सहित अन्य लोग भी भूमि विवाद के मामलों में चक्कर काट रहे हैं।
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सीडीओ ने सुनीं फरियाद, दिए निस्तारण के निर्देश
मेंहदावल। तहसील सभागार में सीडीओ ने संपूर्ण समाधान में फरियादियों की बात सुनीं। इस दौरान कुल 72 मामले आए, जिनमें महज तीन का ही निस्तारण हो सका। अन्य को आश्वासन देकर लौटा दिया गया।
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52 में तीन हुए निस्तारित, 27 प्रकरण अटके
धनघटा। तहसील सभागार धनघटा में एडीएम की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। कुल 52 मामले आए, जिनमें महज तीन का ही निस्तारण हो सका। इनमें 27 मामले राजस्व के थे। यहां भी ऐसे फरियादी आए, जिनके मामलों का निस्तारण बीते कई समाधान दिवसों से नहीं हो पा रहा है। इनमें जमीन पर अवैध कब्जा, बिजली कनेक्शन लेने सहित अन्य प्रकरण शामिल थे।
बड़गो निवासी रुपई ने बताया कि 15 वर्ष पहले उनके पैतृक जमीन का फर्जी वसीयत कराकर गांव का व्यक्ति जबरन कब्जा कर लिया। तभी से जमीन पर कब्जा पाने के लिए प्रार्थना पत्र देता चला आ रहा हूं। रामपुर दक्षिणी गांव के रामनिवास ने बताया कि उनकी जमीन पर गांव के कुछ लोग जबरन कब्जा कर लिए हैं। पैमाइश प्रार्थना पत्र कई माह से दे रहा हूं। भोतहा गांव निवासी राम भवन ने बताया कि बिजली निगम से दो साल पहले कनेक्शन दिया। बिजली कर्मचारियों ने घर पर मीटर लगा दिया। लेकिन अब तक बिजली सप्लाई नहीं हुई। संठी गांव निवासी उदय राज की जमीन पर 10 वर्ष साल से कुछ लोगों ने कब्जा किया है। जमीन की पैमाइश भी हो चुकी है। लेकिन वह जमीन नहीं पा रहे हैं।
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यहां आने का कोई फायदा जरूर मिलेगा। इस चक्कर में हर बार आ जाते हैं। इस बार भी आश्वासन मिला है। देखिए क्या होता है। -हरिश्चंद, मीरगंज
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सात साल से अधिकारियों के दफ्तर का चक्कर लगा रही हूं। लेकिन न्याय नहीं मिल पा रहा है। सह खातेदारों ने ही जमीन जबरन ले ली है। शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है। -मुकरी देवी, चिरैया कोट
प्राप्त शिकायतों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। सभी प्रकरणों की गंभीरता से जांच करके जवाबदेह लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 10 प्रतिशत प्रकरण ऐसे होते हैं, जिसको लेकर शिकायतकर्ता यह कहते हैं कि उनकी शिकायत का निस्तारण नहीं हो रहा है। अथवा उनको सुना नहीं गया है, अथवा गुणवत्तापरक निस्तारण नहीं किया गया है, जो अत्यंत ही आपत्तिजनक है। इसलिए जन शिकायतों का निस्तारण प्रत्येक दशा में निष्पक्षता, समयबद्धता, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित कराया जाएगा। -महेंद्र सिंह तंवर, डीएम