{"_id":"6a888d325908150f5e0b130e","slug":"challenges-persist-along-the-saryu-floodwaters-have-entered-nine-schools-khalilabad-news-c-209-1-kld1026-155937-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: सरयू स्थिर पर दुश्वारियां बरकरार..नौ स्कूलों में घुसा बाढ़ का पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: सरयू स्थिर पर दुश्वारियां बरकरार..नौ स्कूलों में घुसा बाढ़ का पानी
विज्ञापन
गायघाट-तिघरा मार्ग पर चढ़ा बाढ़ का पानी। संवाद
धनघटा/ मेंहदावल। जिले में सरयू का जलस्तर स्थिर है। खतरे के निशान से नदी सिर्फ पांच सेमी नीचे है। पानी बढ़ने पर सरयू पास के गांवों में तबाही मचा सकती है। शुक्रवार को हैंसर ब्लाॅक क्षेत्र की दो हजार आबादी वाले गांव गायघाट दक्षिणी को बाढ़ से बचाने की कोशिश जारी रही। गांव चारों तरफ से बाढ़ से घिर चुका है। घरों में पानी न घुसे इसके लिए प्रशासन व ग्रामीण पसीना बहा रहे हैं। इलाके के नौ विद्यालयों में बाढ़ का पानी घुस गया है। मेंहदावल में राप्ती का पानी 37 सेमी 24 घंटे में नीचे आया है।
धनघटा में ग्रामीणों के समक्ष पशुओं की सुरक्षा को लेकर चुनौती बनी हुई है। बाढ़ में फसलों के साथ हरा चारा भी डूब गया है। गांव से बाहर निकलने के रास्ते पानी में डूब गए हैं। गांव निवासी चंद्रभान, अवधेश, त्रियुगी, कन्हैया, राम रूप, राम चरन आदि ने बताया कि बाढ़ का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। तमाम प्रयास के बावजूद गांव में बाढ़ का पानी पहुंचना शुरू हो गया है।
ग्रामीणों ने कहा कि घरों में रखा सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोई तरकीब नहीं दिख रही है। घरों में रखे खाद्यान व अन्य सामान के बाढ़ में डूबने के आसार बने हैं, जिस प्रकार नदी का जलस्तर बढ़ा है उससे घरों को बचाना मुश्किल होगा।
विज्ञापन
शुक्रवार को एसडीएम वीरेंद्र गुप्ता ने बाढ़ से प्रभावित गांव का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि नदी भले ही स्थिर है लेकिन सभी तैयारियां बनी रहें। हल्का लेखपाल अपने-अपने हल्के में मौजूद रहकर जरूरत के मुताबिक लोगों की मदद करें। सभी बाढ़ चौकिया सक्रिय रखें।
-- -- -- -- --
बाढ़ प्रभावित गांवों में नाव लगा दी गई है। बाढ़ से घिर रहे गांवों की निगरानी बढ़ा दी गई है। सभी हल्का लेखपालों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। नदी का पानी दो दिन से न तो घट रहा है और न ही बढ़ रहा है। जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारी कर्मचारी एमबीडी बांध की मरम्मत कराने में लगे हैं।
-रामजी, तहसीलदार
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
सैकड़ों बच्चों का भविष्य दावं पर
धनघटा। क्षेत्र में सरयू की बाढ़ से जहां 20 गांव मैरुंड होने के कगार पर हैं वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के नौ प्राथमिक विद्यालय पानी में डूब गए हैं। बाढ़ से परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों का भविष्य दावं पर लग गया है। बाढ़ से लोगों के सामने अनेक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। ग्रामीणों के अनुसार प्रशासनिक बचाव कार्य सिर्फ कागजों तक सिमटा हुआ है। गायघाट दक्षिणी में पर्याप्त नाव की व्यवस्था न होने से लोगों में तहसील प्रशासन के विरुद्ध आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
बाढ़ से सरयू के मांझा क्षेत्र के गांवों की हालत खराब हो गई है। बाढ़ से नौ परिषदीय विद्यालयों में पानी घुसने से विद्यालय बंद कर दिया गया है। सैकड़ों बच्चों को पठन-पाठन के लिए अब तक विभाग द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। हैंसर ब्लाॅक के प्राथमिक विद्यालय धमचिया, प्राथमिक विद्यालय सियर कला, प्राथमिक विद्यालय गायघाट दक्षिणी, प्राथमिक विद्यालय भौवापार, प्राथमिक विद्यालय कठहा खैरगाड़, प्राथमिक विद्यालय केवटहिया, उच्च प्राथमिक विद्यालय गायघाट दक्षिणी में बाढ़ का पानी भर गया है। स्कूल चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। यहां पढ़ने वाले लगभग आठ सौ से अधिक छात्र-छात्राओं का पठन पाठन ठप हो गया है। यहां तैनात शिक्षक भी आ रहे हैं। गायघाट निवासी प्रभुनाथ यादव, रामशंकर यादव, हरिकेश यादव, राम प्रसाद चौहान, अनिरुद्ध आदि ने बताया कि बाढ़ से रोजी रोटी छिनने के बाद अब बच्चों का भविष्य भी खराब हो रहा है। तहसील प्रशासन छात्र-छात्राओं के भविष्य की सुध नहीं ले रहा है।
-- -- -- -
बाढ़ से अब तक नौ विद्यालय बंद हो चुके हैं। वहां पढ़ने वाले बच्चों के पठन-पाठन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
-ज्ञान प्रकाश मिश्र, खंड शिक्षा अधिकारी, हैंसर
-- -- -- -
नीचे आ रहा राप्ती का जलस्तर
मेंहदावल। क्षेत्र में स्थित राप्ती का जलस्तर घट रहा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर 76.19 मीटर पर स्थिर हो गया। 37 सेमी 24 घंटे में नदी का जलस्तर नीचे आया है। फिर भी विभागीय अधिकारी मौके पर रहकर जल स्तर की निगरानी कर रहे हैं। अवर अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि राप्ती का जलस्तर लगातार घट रहा है। जल अस्तर की लगातार निगरानी कराई जा रही है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
नाव के लिए सपा नेता और तहसीलदार में तकरार
धनघटा। शुक्रवार को सपा नेता अनिल यादव और तहसीलदार रामजी के बीच नाव के लिए मोबाइल पर तकरार हो गई। इसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि इसकी पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है। सपा नेता बाढ़ से प्रभावित गांव कंचनपुर, गायघाट आदि गए थे। कंचनपुर के लोगों ने जब नाव न लगाए जाने की बात सपा नेता को बताई तो उन्होंने तहसीलदार से फोन पर नाव न लगाए जाने की बात कही। इस पर तहसीलदार रामजी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों में 22 नाव लगाई गई हैं। इसमें से 19 नाव चल रही हैं। बात आगे बढ़ी तो सपा नेता ने तहसील का घेराव करने की बात कही। उसके बाद तहसीलदार ने फोन काट दिया।
विज्ञापन
धनघटा में ग्रामीणों के समक्ष पशुओं की सुरक्षा को लेकर चुनौती बनी हुई है। बाढ़ में फसलों के साथ हरा चारा भी डूब गया है। गांव से बाहर निकलने के रास्ते पानी में डूब गए हैं। गांव निवासी चंद्रभान, अवधेश, त्रियुगी, कन्हैया, राम रूप, राम चरन आदि ने बताया कि बाढ़ का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। तमाम प्रयास के बावजूद गांव में बाढ़ का पानी पहुंचना शुरू हो गया है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने कहा कि घरों में रखा सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोई तरकीब नहीं दिख रही है। घरों में रखे खाद्यान व अन्य सामान के बाढ़ में डूबने के आसार बने हैं, जिस प्रकार नदी का जलस्तर बढ़ा है उससे घरों को बचाना मुश्किल होगा।
विज्ञापन
शुक्रवार को एसडीएम वीरेंद्र गुप्ता ने बाढ़ से प्रभावित गांव का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि नदी भले ही स्थिर है लेकिन सभी तैयारियां बनी रहें। हल्का लेखपाल अपने-अपने हल्के में मौजूद रहकर जरूरत के मुताबिक लोगों की मदद करें। सभी बाढ़ चौकिया सक्रिय रखें।
बाढ़ प्रभावित गांवों में नाव लगा दी गई है। बाढ़ से घिर रहे गांवों की निगरानी बढ़ा दी गई है। सभी हल्का लेखपालों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। नदी का पानी दो दिन से न तो घट रहा है और न ही बढ़ रहा है। जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारी कर्मचारी एमबीडी बांध की मरम्मत कराने में लगे हैं।
-रामजी, तहसीलदार
सैकड़ों बच्चों का भविष्य दावं पर
धनघटा। क्षेत्र में सरयू की बाढ़ से जहां 20 गांव मैरुंड होने के कगार पर हैं वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के नौ प्राथमिक विद्यालय पानी में डूब गए हैं। बाढ़ से परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों का भविष्य दावं पर लग गया है। बाढ़ से लोगों के सामने अनेक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। ग्रामीणों के अनुसार प्रशासनिक बचाव कार्य सिर्फ कागजों तक सिमटा हुआ है। गायघाट दक्षिणी में पर्याप्त नाव की व्यवस्था न होने से लोगों में तहसील प्रशासन के विरुद्ध आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
बाढ़ से सरयू के मांझा क्षेत्र के गांवों की हालत खराब हो गई है। बाढ़ से नौ परिषदीय विद्यालयों में पानी घुसने से विद्यालय बंद कर दिया गया है। सैकड़ों बच्चों को पठन-पाठन के लिए अब तक विभाग द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। हैंसर ब्लाॅक के प्राथमिक विद्यालय धमचिया, प्राथमिक विद्यालय सियर कला, प्राथमिक विद्यालय गायघाट दक्षिणी, प्राथमिक विद्यालय भौवापार, प्राथमिक विद्यालय कठहा खैरगाड़, प्राथमिक विद्यालय केवटहिया, उच्च प्राथमिक विद्यालय गायघाट दक्षिणी में बाढ़ का पानी भर गया है। स्कूल चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। यहां पढ़ने वाले लगभग आठ सौ से अधिक छात्र-छात्राओं का पठन पाठन ठप हो गया है। यहां तैनात शिक्षक भी आ रहे हैं। गायघाट निवासी प्रभुनाथ यादव, रामशंकर यादव, हरिकेश यादव, राम प्रसाद चौहान, अनिरुद्ध आदि ने बताया कि बाढ़ से रोजी रोटी छिनने के बाद अब बच्चों का भविष्य भी खराब हो रहा है। तहसील प्रशासन छात्र-छात्राओं के भविष्य की सुध नहीं ले रहा है।
बाढ़ से अब तक नौ विद्यालय बंद हो चुके हैं। वहां पढ़ने वाले बच्चों के पठन-पाठन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
-ज्ञान प्रकाश मिश्र, खंड शिक्षा अधिकारी, हैंसर
नीचे आ रहा राप्ती का जलस्तर
मेंहदावल। क्षेत्र में स्थित राप्ती का जलस्तर घट रहा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर 76.19 मीटर पर स्थिर हो गया। 37 सेमी 24 घंटे में नदी का जलस्तर नीचे आया है। फिर भी विभागीय अधिकारी मौके पर रहकर जल स्तर की निगरानी कर रहे हैं। अवर अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि राप्ती का जलस्तर लगातार घट रहा है। जल अस्तर की लगातार निगरानी कराई जा रही है।
नाव के लिए सपा नेता और तहसीलदार में तकरार
धनघटा। शुक्रवार को सपा नेता अनिल यादव और तहसीलदार रामजी के बीच नाव के लिए मोबाइल पर तकरार हो गई। इसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि इसकी पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है। सपा नेता बाढ़ से प्रभावित गांव कंचनपुर, गायघाट आदि गए थे। कंचनपुर के लोगों ने जब नाव न लगाए जाने की बात सपा नेता को बताई तो उन्होंने तहसीलदार से फोन पर नाव न लगाए जाने की बात कही। इस पर तहसीलदार रामजी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों में 22 नाव लगाई गई हैं। इसमें से 19 नाव चल रही हैं। बात आगे बढ़ी तो सपा नेता ने तहसील का घेराव करने की बात कही। उसके बाद तहसीलदार ने फोन काट दिया।