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Sant kabir nagar: तत्कालीन तहसीलदार, लेखपाल, कानूनगो जालसाजी का केस दर्ज

Sat, 03 Sep 2022 11:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 03 Sep 2022 11:47 AM IST
सार

एसपी सोनम कुमार ने बताया कि रमजान अली, तत्कालीन लेखपाल पड़रिया, तहसील खलीलाबाद, तत्कालीन कानूनगो तहसील खलीलाबाद, तहसीलदार खलीलाबाद और तत्कालीन प्रधान पड़रिया के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया गया है। विवेचना में जो साक्ष्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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Case registered for forgery of then Tehsildar Lekhpal, Kanungo
FIR - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

संतकबीरनगर में चाचा को मृत और उनके कोई संतान नहीं होना दर्शाकर भतीजे ने उनकी जमीन और मकान की अपने नाम वरासत करा ली। इसमें खलीलाबाद तहसील के जिम्मेदारों ने भी सहयोग किया। सीजेएम कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार शाम पुलिस ने भतीजे, तत्कालीन लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार व पूर्व प्रधान के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है।

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बेलहर क्षेत्र के पड़रिया गांव निवासी अब्दुल मजीद का आरोप है कि उनके पिता अब्बास अली लंबे समय से गांव की पुश्तैनी जमीन और मकान अपने सगे भाई शाह अली की देखरेख में छोड़कर रोजगार के लिए मुंबई चले गए थे। वर्ष 1993 में शाह अली की मौत होने पर उनके पुत्र रमजान अली ने अपने पिता की संपत्ति अपने नाम वरासत करा ली।
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अब्दुल मजीद का आरोप है कि शाह अली की मौत के छह महीने बाद रमजान अली ने उसके पिता अब्बास अली को मृतक दिखाकर और कोई संतान नहीं होने की बात कह कर तत्कालीन लेखपाल, कानूनगो व तहसीलदार तथा ग्राम प्रधान के माध्यम से फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करवा लिया। इसके बाद उसके पिता की संपत्ति व मकान नाम अपने नाम करवा लिया। अब्दुल मजीद का कहना है कि उसके पिता अब्बास अली की मृत्यु 18 सितंबर 2009 को मुंबई में हुई है। इस संबंध में मृत्यु प्रमाणपत्र मुंबई महानगर पालिका ने जारी किया है।
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अब्दुल मजीद का कहना है कि उसके दो भाई और दो बहनें भी जीवित हैं। उन्होंने कभी भी चचेरे भाई से अपनी जमीन और मकान के बारे में नहीं पूछा। आरोप है कि रमजान अली ने जालसाजी और धोखे से उसके पिता की संपत्ति अपने नाम करवा ली। इसकी जानकारी उसके परिवार को वर्ष 2021 में तब हुई, जब वे गांव आए। इसके बाद जब इस संबंध में रमजान अली से बात की गई तो वह अपशब्द कहने लगा और धमकी देते हुए भगा दिए। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।  एसपी को रजिस्टर्ड डाक से शिकायती पत्र भेजा गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। फिर अदालत की शरण लेनी पड़ी।


एसपी सोनम कुमार ने बताया कि रमजान अली, तत्कालीन लेखपाल पड़रिया, तहसील खलीलाबाद, तत्कालीन कानूनगो तहसील खलीलाबाद, तहसीलदार खलीलाबाद और तत्कालीन प्रधान पड़रिया के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया गया है। विवेचना में जो साक्ष्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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