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Sant Kabir Nagar News: ब्रिटिश मौलाना का मदरसा सील
Mon, 13 May 2024 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 13 May 2024 11:54 PM IST
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रविवार देर रात मोतीनगर मोहल्ले में मौलाना के मदरसे को सील करते तहसील प्रशासन के लोग। संवाद
- दोहरी नागरिकता लेने के बाद शहर में जमीन खरीदकर बनाया था मदरसा
- तहसील प्रशासन ने सरकारी संपत्ति का लगाया बोर्ड
- 12 फरवरी को डीएम कोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में भूमि निहित करने का दिया था आदेश
सवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। दोहरी नागरिकता लेने वाले ब्रिटेन के मौलाना शमशुल होदा खान का शहर के मोतीनगर मोहल्ला स्थित मदरसे को प्रशासन ने सील कर दिया है। डीएम कोर्ट के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने मदरसे को सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगाकर कब्जे में ले लिया है।
जिले के देवरिया लाल गांव निवासी मौलाना शमशुल होदा खान पुत्र मोहम्मद हुसैन खान ने वर्ष 2013 में ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बाद शहर के रजानगर मीट मंडी के पास कई जमीनें खरीदी थीं। वर्ष 2014 में एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के नाम से 640 वर्गमीटर भूमि का बैनामा भी कराया था।
मौलाना पर आरोप है कि वर्ष 2017 में 189.75 वर्गमीटर, 2018 में अलग-अलग 192.84 वर्गमीटर व 208.27 वर्ग मीटर जमीन अपनी असली पहचान छिपाकर रजिस्ट्री कराई थी। सहसरांव गांव निवासी अब्दुल करीम खां के प्रत्यावेदन पर सुनवाई करते हुए डीएम कोर्ट ने 12 फरवरी को दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद ऐसी सभी संपत्तियों से शमशुल व अन्य का नाम खारिज कर राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया था। डीएम कोर्ट के आदेश के बाद मार्च माह में खलीलाबाद तहसील व पुलिस प्रशासन शहर के मोतीनगर मोहल्ले में पहुंचकर खाली जमीन पर सरकारी बोर्ड लगाकर कब्जे में लिया।
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मौलाना के आवासीय परिसर को किराएदारों से खाली करवाकर प्रशासन ने सील कर दिया था। मदरसा प्रबंधन को अध्यनरत बच्चों के भविष्य को देखते हुए मोहलत दी गई थी। एसडीएम शैलेश कुमार दूबे के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने मदरसा को कब्जे में लेकर वहां आने-जाने वाले सभी रास्तों को सील कर सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगा दिया।
यह है पूरा मामला
मौलाना शमशुल होदा खान ने आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित मदरसे में तैनाती के दौरान साल 2013 में ब्रिटिश नागरिकता लेने का मामला सामने आया था। इसके बाद ब्रिटेन में रहते हुए वह मदरसे से वेतन उठाता रहा। वर्ष 2017 में उसने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति भी ले ली। बावजूद इसके पेंशन ले रहा था। सरकारी नौकरी करने के दौरान विभाग से बिना अनुमति के मौलाना ने विदेश का दौरा किया। मौलाना मैनचेस्टर (इंग्लैड) में पाकिस्तानी संगठन दावते इस्लामी चला रहा है। विदेश में रहने के दौरान ही उसने जिले में कई संपत्ति खरीदा। शिकायत के बाद हुई जांच में मामला उजागर हुआ, जिसके बाद मामला डीएम कोर्ट में पहुंचा। डीएम ने दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद 12 फरवरी को राज्य सरकार के पक्ष में भूमि निहित करने का आदेश पारित किया था।
डीएम कोर्ट के आदेश पर खतौनी को सही कराकर जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई की गई है। आवासीय परिसर को खाली कराकर दोहरी नागरिकता के बाद नियम विरूद्ध तरीके से खरीदी गई शमशुल होदा खान की सभी संपत्तियां जब्त कर ली गई हैं। मदरसा के लिए कुछ समय दिया गया था। उसे भी सील कर सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगवा दिया गया है।
- शैलेश कुमार दूबे, एसडीएम, खलीलाबाद
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- तहसील प्रशासन ने सरकारी संपत्ति का लगाया बोर्ड
- 12 फरवरी को डीएम कोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में भूमि निहित करने का दिया था आदेश
सवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। दोहरी नागरिकता लेने वाले ब्रिटेन के मौलाना शमशुल होदा खान का शहर के मोतीनगर मोहल्ला स्थित मदरसे को प्रशासन ने सील कर दिया है। डीएम कोर्ट के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने मदरसे को सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगाकर कब्जे में ले लिया है।
जिले के देवरिया लाल गांव निवासी मौलाना शमशुल होदा खान पुत्र मोहम्मद हुसैन खान ने वर्ष 2013 में ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बाद शहर के रजानगर मीट मंडी के पास कई जमीनें खरीदी थीं। वर्ष 2014 में एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के नाम से 640 वर्गमीटर भूमि का बैनामा भी कराया था।
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मौलाना पर आरोप है कि वर्ष 2017 में 189.75 वर्गमीटर, 2018 में अलग-अलग 192.84 वर्गमीटर व 208.27 वर्ग मीटर जमीन अपनी असली पहचान छिपाकर रजिस्ट्री कराई थी। सहसरांव गांव निवासी अब्दुल करीम खां के प्रत्यावेदन पर सुनवाई करते हुए डीएम कोर्ट ने 12 फरवरी को दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद ऐसी सभी संपत्तियों से शमशुल व अन्य का नाम खारिज कर राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया था। डीएम कोर्ट के आदेश के बाद मार्च माह में खलीलाबाद तहसील व पुलिस प्रशासन शहर के मोतीनगर मोहल्ले में पहुंचकर खाली जमीन पर सरकारी बोर्ड लगाकर कब्जे में लिया।
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मौलाना के आवासीय परिसर को किराएदारों से खाली करवाकर प्रशासन ने सील कर दिया था। मदरसा प्रबंधन को अध्यनरत बच्चों के भविष्य को देखते हुए मोहलत दी गई थी। एसडीएम शैलेश कुमार दूबे के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने मदरसा को कब्जे में लेकर वहां आने-जाने वाले सभी रास्तों को सील कर सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगा दिया।
यह है पूरा मामला
मौलाना शमशुल होदा खान ने आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित मदरसे में तैनाती के दौरान साल 2013 में ब्रिटिश नागरिकता लेने का मामला सामने आया था। इसके बाद ब्रिटेन में रहते हुए वह मदरसे से वेतन उठाता रहा। वर्ष 2017 में उसने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति भी ले ली। बावजूद इसके पेंशन ले रहा था। सरकारी नौकरी करने के दौरान विभाग से बिना अनुमति के मौलाना ने विदेश का दौरा किया। मौलाना मैनचेस्टर (इंग्लैड) में पाकिस्तानी संगठन दावते इस्लामी चला रहा है। विदेश में रहने के दौरान ही उसने जिले में कई संपत्ति खरीदा। शिकायत के बाद हुई जांच में मामला उजागर हुआ, जिसके बाद मामला डीएम कोर्ट में पहुंचा। डीएम ने दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद 12 फरवरी को राज्य सरकार के पक्ष में भूमि निहित करने का आदेश पारित किया था।
डीएम कोर्ट के आदेश पर खतौनी को सही कराकर जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई की गई है। आवासीय परिसर को खाली कराकर दोहरी नागरिकता के बाद नियम विरूद्ध तरीके से खरीदी गई शमशुल होदा खान की सभी संपत्तियां जब्त कर ली गई हैं। मदरसा के लिए कुछ समय दिया गया था। उसे भी सील कर सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगवा दिया गया है।
- शैलेश कुमार दूबे, एसडीएम, खलीलाबाद