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बोर्ड परीक्षा : संस्कृत के प्रश्नपत्र की संरचना को समझना जरूरी
Thu, 15 Jan 2026 01:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 15 Jan 2026 01:15 AM IST
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मिथिलेश त्रिपाठी, सहायक अध्यापक संस्कृत, बोर्ड परीक्षा की तैयारी में
संतकबीरनगर। यूपी बोर्ड परीक्षा में इंटरमीडिएट की संस्कृत परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए विषय विशेषज्ञ ने विद्यार्थियों को सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र की संरचना को समझना जरूरी है, ताकि समय से सभी प्रश्नों का जवाब दिया जा सके।
श्रीसीताराम इंटर काॅलेज सिरसी के संस्कृत के सहायक अध्यापक मिथिलेश त्रिपाठी ने कहा कि परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए प्रश्नपत्र की संरचना को समझना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी नियमित रिवीजन करें। पढ़ते समय शॉर्ट नोट्स बनाएं और बहु विकल्पीय प्रश्नों व संदर्भ आधारित प्रश्नों की तैयारी पर विशेष ध्यान दें। संस्कृत की तैयारी सामान्य हिंदी की तरह ही नियमित अभ्यास, बेहतर रणनीति और समय प्रबंधन के साथ की जाए।
उन्होंने बताया कि संस्कृत में व्याकरण, श्लोक एवं सूक्तियों से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें याद करना एवं बार-बार अभ्यास करना आवश्यक है। अपठित गद्यांश का अभ्यास भी छात्रों की लेखन क्षमता और समझ को बेहतर बनाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों और मॉडल पेपर हल करने से परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिलती है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को उत्तर लिखकर याद करने की आदत डालनी चाहिए, जिससे उत्तर स्पष्ट लिखे जाएं। पेपर समय से पूर्ण हो सकें। अधिक अंक प्राप्त किए जा सकें।
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श्रीसीताराम इंटर काॅलेज सिरसी के संस्कृत के सहायक अध्यापक मिथिलेश त्रिपाठी ने कहा कि परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए प्रश्नपत्र की संरचना को समझना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी नियमित रिवीजन करें। पढ़ते समय शॉर्ट नोट्स बनाएं और बहु विकल्पीय प्रश्नों व संदर्भ आधारित प्रश्नों की तैयारी पर विशेष ध्यान दें। संस्कृत की तैयारी सामान्य हिंदी की तरह ही नियमित अभ्यास, बेहतर रणनीति और समय प्रबंधन के साथ की जाए।
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उन्होंने बताया कि संस्कृत में व्याकरण, श्लोक एवं सूक्तियों से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें याद करना एवं बार-बार अभ्यास करना आवश्यक है। अपठित गद्यांश का अभ्यास भी छात्रों की लेखन क्षमता और समझ को बेहतर बनाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों और मॉडल पेपर हल करने से परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिलती है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को उत्तर लिखकर याद करने की आदत डालनी चाहिए, जिससे उत्तर स्पष्ट लिखे जाएं। पेपर समय से पूर्ण हो सकें। अधिक अंक प्राप्त किए जा सकें।
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