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भाकियू ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया
Thu, 14 Feb 2019 11:33 PM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Thu, 14 Feb 2019 11:33 PM IST
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भाकियू ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसानों की समस्याओं को उठाया गया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
भाकियू के जिलाध्यक्ष पं. जर्नादन मिश्र के नेतृत्व कार्यकर्ता सुबह 11 बजे कजेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों का मिलों पर बकाया है, जिसे तत्काल ब्याज सहित भुगतान कराने की व्यवस्था की जाए। केंद्र और प्रदेश सरकार ने कहा था कि अगर भुगतान में 14 दिन से ज्यादा समय लगता है तो ढुलाई भाड़ा नहीं काटा जाएगा, इसके बाद भी कई शुगर मिलों ने ढुलाई भाड़ा काटा है। इसे भी वापस कराया जाए। एनजीटी के पुराने वाहनों के आदेश से ट्रैक्टर को मुक्त किया जाए। सभी तरह के वाहनों की समय सीमा 15 वर्ष की जाए। राज्य में सोयाबीन, दलहन, बासमती धान, मक्का, आलू सहित फल-सब्जियों को भी समर्थन मूल्य के अधीन लाया जाए। आलू का समर्थन मूल्य कम से कम 12 सौ रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए। दूध के दाम भी तय हो। पशु पालकों को बैंक के क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत लाया जाए। किसानों को निजी नलकूप के लिए बिजली निशुल्क उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान सुबाष चंद्र, शोभाराम ठाकुर, भोला गुप्ता, हरिहर यादव, दयाराम विश्वकर्मा, रामरूप चौधरी, रामजी यादव, शंकर मौजूद रहे।
भाकियू के जिलाध्यक्ष पं. जर्नादन मिश्र के नेतृत्व कार्यकर्ता सुबह 11 बजे कजेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों का मिलों पर बकाया है, जिसे तत्काल ब्याज सहित भुगतान कराने की व्यवस्था की जाए। केंद्र और प्रदेश सरकार ने कहा था कि अगर भुगतान में 14 दिन से ज्यादा समय लगता है तो ढुलाई भाड़ा नहीं काटा जाएगा, इसके बाद भी कई शुगर मिलों ने ढुलाई भाड़ा काटा है। इसे भी वापस कराया जाए। एनजीटी के पुराने वाहनों के आदेश से ट्रैक्टर को मुक्त किया जाए। सभी तरह के वाहनों की समय सीमा 15 वर्ष की जाए। राज्य में सोयाबीन, दलहन, बासमती धान, मक्का, आलू सहित फल-सब्जियों को भी समर्थन मूल्य के अधीन लाया जाए। आलू का समर्थन मूल्य कम से कम 12 सौ रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए। दूध के दाम भी तय हो। पशु पालकों को बैंक के क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत लाया जाए। किसानों को निजी नलकूप के लिए बिजली निशुल्क उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान सुबाष चंद्र, शोभाराम ठाकुर, भोला गुप्ता, हरिहर यादव, दयाराम विश्वकर्मा, रामरूप चौधरी, रामजी यादव, शंकर मौजूद रहे।
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