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अमानत में खयानत : दस साल तक फर्जी रसीद देकर रकम झटकता रहा एलआईसी एजेंट, ऐसे खुली पोल
Sun, 24 Sep 2023 11:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 24 Sep 2023 11:50 AM IST
सार
गोरखनाथ इलाके के रसूलपुर अजय नगर के रहने वाले रईस अहमद ने करीब 10 साल पहले अपने एक परिचित एलआईसी एजेंट बाल गोविंद दुबे से आठ लाख का बीमा कराया था। रईस प्रीमियम राशि बाल गोविंद को नकद जमा करने के लिए देते थे। इसके बाद वो उन्हें इसकी फर्जी रसीद देता था।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अमानत में खयानत का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एलआईसी का एजेंट दस वर्षों से पॉलिसीधारक से प्रीमियम की रकम लेकर उसे फर्जी रसीद देता रहा। इतना ही नहीं एजेंट ने बीमाधारक को फर्जी बॉन्ड भी थमा दिया। बीमा की अवधि पूरी होने पर पॉलिसीधारक ने राशि के लिए प्रयास किया तो इस ठगी का मामला पकड़ में आया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस आरोपी एजेंट के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की पड़ताल कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, गोरखनाथ इलाके के रसूलपुर अजय नगर के रहने वाले रईस अहमद ने करीब 10 साल पहले अपने एक परिचित एलआईसी एजेंट बाल गोविंद दुबे से आठ लाख का बीमा कराया था। रईस प्रीमियम राशि बाल गोविंद को नकद जमा करने के लिए देते थे। इसके बाद वो उन्हें इसकी रसीद देता था।
यह सिलसिला दस साल तक जारी रहा। अब रईस अहमद के बीमे की मैच्योरिटी पूरी हो गई। वह लगातार बाल गोविंद से अपने बीमे की रकम की वापसी के लिए कहने लगे। लेकिन, वह टाल- मटोल करता रहा। जब रईस अहमद ने दबाव बनाया तो बाल गोविंद ने बताया कि उसने उन्हें जो रसीद और बॉन्ड दिया है, वह फर्जी है। किस्त की पूरी रकम उसने खुद पर खर्च कर ली है।
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मामला पकड़े जाने पर बाल गोविंद ने रईस अहमद को 100 रुपये के स्टांप पेपर पर लिखकर दिया कि अलग-अलग तारीखों में वो उनके पूरे पैसे वापस कर देगा। लेकिन, काफी वक्त बीत जाने के बाद भी उसने रईस को एक रुपया वापस नहीं किया। इसके बाद अब उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आरोपी एलआईसी एजेंट बाल गोविंद के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की पड़ताल कर रही है।
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जानकारी के मुताबिक, गोरखनाथ इलाके के रसूलपुर अजय नगर के रहने वाले रईस अहमद ने करीब 10 साल पहले अपने एक परिचित एलआईसी एजेंट बाल गोविंद दुबे से आठ लाख का बीमा कराया था। रईस प्रीमियम राशि बाल गोविंद को नकद जमा करने के लिए देते थे। इसके बाद वो उन्हें इसकी रसीद देता था।
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यह सिलसिला दस साल तक जारी रहा। अब रईस अहमद के बीमे की मैच्योरिटी पूरी हो गई। वह लगातार बाल गोविंद से अपने बीमे की रकम की वापसी के लिए कहने लगे। लेकिन, वह टाल- मटोल करता रहा। जब रईस अहमद ने दबाव बनाया तो बाल गोविंद ने बताया कि उसने उन्हें जो रसीद और बॉन्ड दिया है, वह फर्जी है। किस्त की पूरी रकम उसने खुद पर खर्च कर ली है।
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मामला पकड़े जाने पर बाल गोविंद ने रईस अहमद को 100 रुपये के स्टांप पेपर पर लिखकर दिया कि अलग-अलग तारीखों में वो उनके पूरे पैसे वापस कर देगा। लेकिन, काफी वक्त बीत जाने के बाद भी उसने रईस को एक रुपया वापस नहीं किया। इसके बाद अब उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आरोपी एलआईसी एजेंट बाल गोविंद के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की पड़ताल कर रही है।