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Sant Kabir Nagar News: नौकरी का झांसा देने के आरोपी की जमानत निरस्त
Thu, 22 Feb 2024 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 22 Feb 2024 11:24 PM IST
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संतकबीरनगर। न्यायालय सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम की कोर्ट ने बेरोजगार युवक को रेलवे में टीईटी पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर सात लाख पचास हजार रुपये लेने और फर्जी ज्वाइनिंग दिल्ली में कराए जाने के मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित अभिषेक पांडेय ने थाना मेंहदावल पुलिस को सूचना दी कि उसके ही गांव के आदर्श चौरसिया, अमित चौरसिया पुत्रगण पवनसुत चौरसिया व उनकी माता मालती देवी पत्नी पवनसुत चौरसिया ने पीड़ित को रेलवे में टीईटी पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने मामा आरोपी मनोज चौरसिया से मिलवाया और पीड़ित बेरोजगार युवक का मेडिकल कराकर फर्जी रुप से ज्वाइन लेटर दिलवाया गया तथा घूस देने के लिए कहा गया। पीड़ित ने आरोपी के खाता यूनियन बैंक में पांच लाख पचास हजार रुपया भेज दिया। नकद में भी धीरे-धीरे दो लाख रुपया दिया।
फर्जी ज्वाइनिंग करवाने के बहाने नई दिल्ली बुलाया गया फिर धनबाद में भी 10-15 दिन तक भटकाया गया। फिर दिल्ली बुलाया गया। पूछने पर बाद में पता चला कि सब फर्जी है। पीड़ित ने फोन से पैसा मांगा तो आरोपी कहते हैं कि अगर पैसा मांगोगे तो मार दिए जाओगे। तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध थाना मेंहदावल में केस दर्ज हुआ। आरोपी ने कोर्ट में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र अपने अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल किया और कहा महज हैरान परेशान करने के उद्देश्य से उसे झूठे मुकदमे में फंसा दिया है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया कहा कि आरोपी का अपराध गंभीर है। जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किए जाने की याचना किया। कोर्ट ने मामले के तथ्यों परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता तथा पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी मनोज निवासी अयोध्या जोत बरगाहपुर थाना बृजमनगज जनपद महराजगंज की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित अभिषेक पांडेय ने थाना मेंहदावल पुलिस को सूचना दी कि उसके ही गांव के आदर्श चौरसिया, अमित चौरसिया पुत्रगण पवनसुत चौरसिया व उनकी माता मालती देवी पत्नी पवनसुत चौरसिया ने पीड़ित को रेलवे में टीईटी पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने मामा आरोपी मनोज चौरसिया से मिलवाया और पीड़ित बेरोजगार युवक का मेडिकल कराकर फर्जी रुप से ज्वाइन लेटर दिलवाया गया तथा घूस देने के लिए कहा गया। पीड़ित ने आरोपी के खाता यूनियन बैंक में पांच लाख पचास हजार रुपया भेज दिया। नकद में भी धीरे-धीरे दो लाख रुपया दिया।
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फर्जी ज्वाइनिंग करवाने के बहाने नई दिल्ली बुलाया गया फिर धनबाद में भी 10-15 दिन तक भटकाया गया। फिर दिल्ली बुलाया गया। पूछने पर बाद में पता चला कि सब फर्जी है। पीड़ित ने फोन से पैसा मांगा तो आरोपी कहते हैं कि अगर पैसा मांगोगे तो मार दिए जाओगे। तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध थाना मेंहदावल में केस दर्ज हुआ। आरोपी ने कोर्ट में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र अपने अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल किया और कहा महज हैरान परेशान करने के उद्देश्य से उसे झूठे मुकदमे में फंसा दिया है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया कहा कि आरोपी का अपराध गंभीर है। जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किए जाने की याचना किया। कोर्ट ने मामले के तथ्यों परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता तथा पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी मनोज निवासी अयोध्या जोत बरगाहपुर थाना बृजमनगज जनपद महराजगंज की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।