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आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन का इंतजार
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आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन का इंतजार
महज तीन ब्लॉकों में वितरित हुआ स्मार्ट फोन
-जिले में कार्यरत हैं करीब दो हजार आशा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। आशा कार्यकर्ताओं को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए सरकार ने उन्हें स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जिले के छह ब्लॉक की आशा कार्यकर्ताओं को अब भी स्मार्टफोन का इंतजार है। यह स्थिति तब है, जबकि कम्युनिटी हेल्थ अधिकारियों व आशा संगिनी को प्रशिक्षण देकर आशा कार्यकर्ताओं को डिजिटली दक्ष बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जा चुकी है। ऐसे में सवाल यह है कि जब सभी आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध ही नहीं हुआ तो फिर उन्हें ट्रेनिंग कैसे दी जाएगी।
सूबे की योगी सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने की मुहिम शुरू की है। शासन की मंशा है कि स्मार्ट फोन से जुड़ने के बाद आशा कार्यकर्ताओं को फील्ड में काम करने में सहूलियत मिलेगी। उन्हें अनावश्यक रूप से आशा डायरी आदि लेकर चलने से निजात मिलेगी। साथ ही डिजिटल रूप से ऐप के माध्यम से ऑनलाइन डाटा अपलोड कर सूचनाओं को आदान-प्रदान करेंगी। इससे न सिर्फ पारदर्शिता आएगी, बल्कि अधिकारियों तक उनके काम का ब्यौरा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। जिले में इस योजना के तहत करीब दो हजार आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराया जाना है, लेकिन अब तक मात्र तीन ब्लॉकों में आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराया जा सका है। इसमें खलीलाबाद, बघौली व पौली ब्लॉक शामिल हैं, जबकि मेंहदावल, सांथा, बेलहरकला, सेमरियावां, हैंसरबाजार व नाथनगर में आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन का अब भी इंतजार है। स्मार्ट फोन उपलब्ध न होने से आशाओं को प्रशिक्षित करने में भी दिक्कत आ रही है। अपर सीएमओ आरसीएच डॉ. मोहन झा ने कहा कि सभी आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराया जाना है, इससे उन्हें काम में काफी सहूलियत मिलेगी। पहले चरण में मात्र 630 स्मार्ट फोन उपलब्ध हुए थे, जिसका वितरण करा दिया गया है। जैसे ही स्मार्टफोन उपलब्ध होगा, वैसे ही शेष आशा कार्यकर्ताओं को फोन उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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महज तीन ब्लॉकों में वितरित हुआ स्मार्ट फोन
-जिले में कार्यरत हैं करीब दो हजार आशा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। आशा कार्यकर्ताओं को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए सरकार ने उन्हें स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जिले के छह ब्लॉक की आशा कार्यकर्ताओं को अब भी स्मार्टफोन का इंतजार है। यह स्थिति तब है, जबकि कम्युनिटी हेल्थ अधिकारियों व आशा संगिनी को प्रशिक्षण देकर आशा कार्यकर्ताओं को डिजिटली दक्ष बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जा चुकी है। ऐसे में सवाल यह है कि जब सभी आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध ही नहीं हुआ तो फिर उन्हें ट्रेनिंग कैसे दी जाएगी।
सूबे की योगी सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने की मुहिम शुरू की है। शासन की मंशा है कि स्मार्ट फोन से जुड़ने के बाद आशा कार्यकर्ताओं को फील्ड में काम करने में सहूलियत मिलेगी। उन्हें अनावश्यक रूप से आशा डायरी आदि लेकर चलने से निजात मिलेगी। साथ ही डिजिटल रूप से ऐप के माध्यम से ऑनलाइन डाटा अपलोड कर सूचनाओं को आदान-प्रदान करेंगी। इससे न सिर्फ पारदर्शिता आएगी, बल्कि अधिकारियों तक उनके काम का ब्यौरा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। जिले में इस योजना के तहत करीब दो हजार आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराया जाना है, लेकिन अब तक मात्र तीन ब्लॉकों में आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराया जा सका है। इसमें खलीलाबाद, बघौली व पौली ब्लॉक शामिल हैं, जबकि मेंहदावल, सांथा, बेलहरकला, सेमरियावां, हैंसरबाजार व नाथनगर में आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन का अब भी इंतजार है। स्मार्ट फोन उपलब्ध न होने से आशाओं को प्रशिक्षित करने में भी दिक्कत आ रही है। अपर सीएमओ आरसीएच डॉ. मोहन झा ने कहा कि सभी आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराया जाना है, इससे उन्हें काम में काफी सहूलियत मिलेगी। पहले चरण में मात्र 630 स्मार्ट फोन उपलब्ध हुए थे, जिसका वितरण करा दिया गया है। जैसे ही स्मार्टफोन उपलब्ध होगा, वैसे ही शेष आशा कार्यकर्ताओं को फोन उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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