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...पूरी करहुं मनकाम हे छठ मइया
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पक्के पाखरे पर सूर्यदेव को अर्घ्य देने के लिए पानी में खड़ी महिलाएं।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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...पूरी करहुं मनकाम हे छठ मइया
संतकबीरनगर। भगवान भास्कर को उगते समय अर्घ्य देने के लिए सुबह घाट पर पहुंच कर व्रती महिलाओं ने वेदी सजाया। गन्ने के मंडप में गीत गाते हुए छठ मइया की विधिवत पूजा की। उन्हें अच्छत, चंदन, पुष्प, सिंदूर से पूजकर नारियल, शरीफा, सेब, केला, नींबू, कच्ची अमरुद, मूंगफली, आंवला, पपीता, मीठा ठेकुआ चढ़ाया, दीप जलाए और मन्नतें मांगीं।
महिलाएं घुटने भर पानी में खड़े होकर सूप में फल आदि लेकर सूर्यदेवता को अर्घ्य देने के लिए प्रस्तुत हुईं तो उनके सहयोगी पति ने दूध और जलधार गिराकर अर्घ्य में सहयोग दिया। ...आवहु आवहु हे सुरुज देव! मानहु विनती हमार!!...पूरी करहुं मनकाम हे छठ मइया... आदि छठमाता के गीतों के गुंजार के साथ सोमवार को भोर के वक्त में पूजा समारोह स्थल का वातावरण अद्भुत आध्यात्मिक छटा बिखेर रहा था।
अरुण आभा वाले भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने के बाद महिलाएं पूजा मंडप में पुन: मां के सामने पहुंचीं। देवी के वेदी के सामने वस्तु रख आरती उतारीं, प्रणाम कर मनवांछित फल मांगा। फिर पति के हाथों प्रसाद ग्रहण किया। घाट पर पहुंचे लोग परिजनों के साथ अलग-अलग इस परंपरा को निभाने मे लगे रहे।
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हर मंडप दिव्य आभा से देवपुरी का दृश्य उपस्थित कर रहा था। खलीलाबाद के कोतवाली स्थित पोखरा, शुगर मिल के पास काफी भीड़ रही। नगर पालिका प्रशासन के साथ जिला प्रशासन ने प्रकाश के साथ पेयजल का बंदोबस्त किया था। सुरक्षा में पुलिस लगी रही। नगर पालिका के चेयरमैन श्याम सुंदर वर्मा की तरफ से श्रद्धालुओं को पानी व प्रसाद का वितरण किया गया।
शुगर मिल कॉलोनी के सरोवर और विधियानी मां समय जी के पोखरे पर जुटे श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया और छठ मइया के गीतों के बीच पूजा अर्चना की। छत्तीस घंटे का कठोर निर्जल व्रत करते हुए सूर्य देवता को अपनी श्रद्धा अर्पित करने वाले भक्तों ने कहा, हे छठ मइया फिर आना और अगले साल हमारी पूजा स्वीकार करना।
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संतकबीरनगर। भगवान भास्कर को उगते समय अर्घ्य देने के लिए सुबह घाट पर पहुंच कर व्रती महिलाओं ने वेदी सजाया। गन्ने के मंडप में गीत गाते हुए छठ मइया की विधिवत पूजा की। उन्हें अच्छत, चंदन, पुष्प, सिंदूर से पूजकर नारियल, शरीफा, सेब, केला, नींबू, कच्ची अमरुद, मूंगफली, आंवला, पपीता, मीठा ठेकुआ चढ़ाया, दीप जलाए और मन्नतें मांगीं।
महिलाएं घुटने भर पानी में खड़े होकर सूप में फल आदि लेकर सूर्यदेवता को अर्घ्य देने के लिए प्रस्तुत हुईं तो उनके सहयोगी पति ने दूध और जलधार गिराकर अर्घ्य में सहयोग दिया। ...आवहु आवहु हे सुरुज देव! मानहु विनती हमार!!...पूरी करहुं मनकाम हे छठ मइया... आदि छठमाता के गीतों के गुंजार के साथ सोमवार को भोर के वक्त में पूजा समारोह स्थल का वातावरण अद्भुत आध्यात्मिक छटा बिखेर रहा था।
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अरुण आभा वाले भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने के बाद महिलाएं पूजा मंडप में पुन: मां के सामने पहुंचीं। देवी के वेदी के सामने वस्तु रख आरती उतारीं, प्रणाम कर मनवांछित फल मांगा। फिर पति के हाथों प्रसाद ग्रहण किया। घाट पर पहुंचे लोग परिजनों के साथ अलग-अलग इस परंपरा को निभाने मे लगे रहे।
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हर मंडप दिव्य आभा से देवपुरी का दृश्य उपस्थित कर रहा था। खलीलाबाद के कोतवाली स्थित पोखरा, शुगर मिल के पास काफी भीड़ रही। नगर पालिका प्रशासन के साथ जिला प्रशासन ने प्रकाश के साथ पेयजल का बंदोबस्त किया था। सुरक्षा में पुलिस लगी रही। नगर पालिका के चेयरमैन श्याम सुंदर वर्मा की तरफ से श्रद्धालुओं को पानी व प्रसाद का वितरण किया गया।
शुगर मिल कॉलोनी के सरोवर और विधियानी मां समय जी के पोखरे पर जुटे श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया और छठ मइया के गीतों के बीच पूजा अर्चना की। छत्तीस घंटे का कठोर निर्जल व्रत करते हुए सूर्य देवता को अपनी श्रद्धा अर्पित करने वाले भक्तों ने कहा, हे छठ मइया फिर आना और अगले साल हमारी पूजा स्वीकार करना।