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पोषण पुनर्वास केंद्र खुलेगा
Sant kabir nagar
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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संतकबीरनगर। कुपोषित बच्चों के इलाज, उनको पोषक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिले में पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना की जाएगी। स्थानीय स्तर पर केंद्र के संचालन के लिए भवन की तलाश की जा रही है। भवन उपलब्ध होते ही एक माह के अंदर केंद्र को क्रियाशील कर दिया जाएगा। इसके लिए धन का बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन से मुहैया कराया जा रहा है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से इसके लिए बातचीत की जा रही है। जिससे शीघ्र-अतिशीघ्र पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना कर कार्य शुरू किया जाए। शासन स्तर से इसके लिए एक माह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नवजात बच्चों से लेकर चार साल तक के बच्चों को 21 दिनों तक इसमें भर्ती करके इलाज की सुविधा और उनको पोषक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों में बुंदेलखंड, पूर्वांचल और मध्य यूपी के जिलों में पैदा होने वाले 41 फीसदी नवजात बच्चों का वजन काफी कम पाया गया। जबकि कुपोषण से अधिकतर बच्चों की मृत्यु भी पाई गई। लिहाजा, इनके मृत्युदर में कमी लाने के मकसद से शासन स्तर से सर्वे कराकर जिलों में पोषण पुनर्वास केंद्र खोलने का निर्देश दिया गया। इस बाबत सीएमओ डॉ. बद्री विशाल का कहना है कि केंद्र खोलने के लिए भवन की तलाश जारी है। भवन उपलब्ध होने पर कार्य शुरू किया जाएगा।
केंद्र में यह सुविधाएं होंगी मुहैया
10 शैय्यायुक्त बेड
पोषण संबंधित खाद्य सामग्री
एक पोषण विशेषज्ञ
बाल रोग विशेषज्ञ की टीम
छह नर्स
एक-एक वार्ड ब्वाय, रसोइया और सफाईकर्मी
सेंटर की होगी वीडियोग्राफी
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बद्री विशाल ने बताया कि केंद्र के संचालन के समय कार्यों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाएगी। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी। ऐसे में आवश्यकताओं की कमी तत्काल पूरा किया जाएगा और लापरवाही पर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से इसके लिए बातचीत की जा रही है। जिससे शीघ्र-अतिशीघ्र पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना कर कार्य शुरू किया जाए। शासन स्तर से इसके लिए एक माह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नवजात बच्चों से लेकर चार साल तक के बच्चों को 21 दिनों तक इसमें भर्ती करके इलाज की सुविधा और उनको पोषक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों में बुंदेलखंड, पूर्वांचल और मध्य यूपी के जिलों में पैदा होने वाले 41 फीसदी नवजात बच्चों का वजन काफी कम पाया गया। जबकि कुपोषण से अधिकतर बच्चों की मृत्यु भी पाई गई। लिहाजा, इनके मृत्युदर में कमी लाने के मकसद से शासन स्तर से सर्वे कराकर जिलों में पोषण पुनर्वास केंद्र खोलने का निर्देश दिया गया। इस बाबत सीएमओ डॉ. बद्री विशाल का कहना है कि केंद्र खोलने के लिए भवन की तलाश जारी है। भवन उपलब्ध होने पर कार्य शुरू किया जाएगा।
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केंद्र में यह सुविधाएं होंगी मुहैया
10 शैय्यायुक्त बेड
पोषण संबंधित खाद्य सामग्री
एक पोषण विशेषज्ञ
बाल रोग विशेषज्ञ की टीम
छह नर्स
एक-एक वार्ड ब्वाय, रसोइया और सफाईकर्मी
सेंटर की होगी वीडियोग्राफी
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बद्री विशाल ने बताया कि केंद्र के संचालन के समय कार्यों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाएगी। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी। ऐसे में आवश्यकताओं की कमी तत्काल पूरा किया जाएगा और लापरवाही पर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
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