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जिला स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण
Updated Mon, 29 Oct 2018 11:52 PM IST
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इस माह से आयकर कटौती करके ही भेजें वेतन बिल- वरिष्ठ कोषाधिकारी
फोटो है
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। आय के श्रोत पर आयकर कटौती आहरण वितरण अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी के आय की गणना पिछले वर्ष के अनुसार करके 11 माह में बांटकर प्रत्येक माह आयकर कटौती करें। प्रतिमाह टैक्स जमा नहीं करने पर एक प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज देना होगा।
यह जानकारी आयकर अधिकारी (टीडीएस) फैजाबाद सुनील श्रीवास्तव ने दी । वे जिले के आहरण वितरण अधिकारियों की कार्यशाला को विकास भवन सभागार में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिमबर्समेंट यदि 15 हजार रुपये से अधिक है तो शेष धनराशि पर टैक्स देना होगा। कार्यालय भवन का किराया एक लाख अस्सी हजार से अधिक होने पर टैक्स काटना होगा। आयकर अधिकारी ने बताया कि आहरण वितरण अधिकारी की यह भी जिम्मेदारी है कि उसके अधीन तैनात सभी अधिकारी कर्मचारी की आयकर कटौती का प्रत्येक तिमाही रिटर्न जमा कराए। ऐसा न करने पर प्रतिदिन 200 रुपये जुर्माना देना होगा।
उन्होनें बताया कि प्राईवेट में यदि व्यक्ति को भुगतान किया जाता है तो एक प्रतिशत तथा फर्म को भुगतान करने पर दो प्रतिशत आयकर कटौती होगी। पूर्व में यह कटौती 2.24 प्रतिशत थी। पैन नंबर नहीं देने पर वेतन भोगी कर्मचारी से 10 प्रतिशत तथा फर्म से 20 प्रतिशत आयकर की कटौती होगी। उन्होनें अधिकारियों को आगाह किया कि आयकर कटौती, रिटर्न फाइल करने तथा आयकर विभाग की नोटिस की अनदेखी ना करें और समय से कार्रवाई करें। इस कार्रवाई की सूचना नोटिस देने वाले अधिकारी को भी भेजें। इसमें समय का विशेष महत्व है इस लिए समय का पालन करें। वर्ष 2014 के बाद अब आयकर विभाग द्वारा लगाया गया जुर्माना माफ नहीं होता है, इसलिए प्रयास करें कि जुर्माना देने की नौबत ही न आए।
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कार्यशाला में मौजूद मुख्य कोषाधिकारी जगनारायण झा ने कहा कि सभी अधिकारी आयकर नियमों का अक्षरश: पालन करें। इस माह से अगर अधिकारी-कर्मचारी का आयकर कटौती करके वेतन बिल प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। कार्यशाला में जिला विकास अधिकारी विरेन्द्र सिंह, उपायुक्त मनरेगा राकेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक शिव कुमार ओझा, तन्मय पाण्डेय, लक्ष्मी मौर्या, संजय सिंह समेत सभी विभागों के जनपद स्तरीय अफसर मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। आय के श्रोत पर आयकर कटौती आहरण वितरण अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी के आय की गणना पिछले वर्ष के अनुसार करके 11 माह में बांटकर प्रत्येक माह आयकर कटौती करें। प्रतिमाह टैक्स जमा नहीं करने पर एक प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज देना होगा।
यह जानकारी आयकर अधिकारी (टीडीएस) फैजाबाद सुनील श्रीवास्तव ने दी । वे जिले के आहरण वितरण अधिकारियों की कार्यशाला को विकास भवन सभागार में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिमबर्समेंट यदि 15 हजार रुपये से अधिक है तो शेष धनराशि पर टैक्स देना होगा। कार्यालय भवन का किराया एक लाख अस्सी हजार से अधिक होने पर टैक्स काटना होगा। आयकर अधिकारी ने बताया कि आहरण वितरण अधिकारी की यह भी जिम्मेदारी है कि उसके अधीन तैनात सभी अधिकारी कर्मचारी की आयकर कटौती का प्रत्येक तिमाही रिटर्न जमा कराए। ऐसा न करने पर प्रतिदिन 200 रुपये जुर्माना देना होगा।
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उन्होनें बताया कि प्राईवेट में यदि व्यक्ति को भुगतान किया जाता है तो एक प्रतिशत तथा फर्म को भुगतान करने पर दो प्रतिशत आयकर कटौती होगी। पूर्व में यह कटौती 2.24 प्रतिशत थी। पैन नंबर नहीं देने पर वेतन भोगी कर्मचारी से 10 प्रतिशत तथा फर्म से 20 प्रतिशत आयकर की कटौती होगी। उन्होनें अधिकारियों को आगाह किया कि आयकर कटौती, रिटर्न फाइल करने तथा आयकर विभाग की नोटिस की अनदेखी ना करें और समय से कार्रवाई करें। इस कार्रवाई की सूचना नोटिस देने वाले अधिकारी को भी भेजें। इसमें समय का विशेष महत्व है इस लिए समय का पालन करें। वर्ष 2014 के बाद अब आयकर विभाग द्वारा लगाया गया जुर्माना माफ नहीं होता है, इसलिए प्रयास करें कि जुर्माना देने की नौबत ही न आए।
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कार्यशाला में मौजूद मुख्य कोषाधिकारी जगनारायण झा ने कहा कि सभी अधिकारी आयकर नियमों का अक्षरश: पालन करें। इस माह से अगर अधिकारी-कर्मचारी का आयकर कटौती करके वेतन बिल प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। कार्यशाला में जिला विकास अधिकारी विरेन्द्र सिंह, उपायुक्त मनरेगा राकेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक शिव कुमार ओझा, तन्मय पाण्डेय, लक्ष्मी मौर्या, संजय सिंह समेत सभी विभागों के जनपद स्तरीय अफसर मौजूद थे।