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मलेरिया के 41 व एईएस के आठ मरीज मिले
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खलीलाबाद इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर का निरीक्षण करते जिला मलेरिया अधिकारी।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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मलेरिया के 41 व एईएस के आठ मरीज मिले
- मौसम में बदलाव होने से संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में संक्रामक रोगों ने पांव पसार दिया है। जिले में मलेरिया के 41 व एईएस के आठ मरीज मिले हैं। इन सभी को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। मरीजों के मिलने पर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप है। सभी सीएचसी को अलर्ट कर दिया गया है। सीएमओ ने मौसम में बदलाव होने से संक्रामक रोग फैलने की आशंका जताई है। सभी अधिकारियों व सर्विलांस टीम को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी राम सिंह ने बताया कि जिले में अप्रैल से अब तक अभियान में बुखार से पीड़ित कुल 25,078 लोगों की स्लाइड बनाई गई है। इनमें मलेरिया के 41 मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही एईएस के आठ मरीज मिले हैं। जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
उन्होंने बताया कि अभी टीम गांव में जाकर बुखार से पीड़ित लोगों के ब्लड का सैंपल ले रही है। मलेरिया व एईएस के मरीज मिलने पर जिले के सभी नौ ब्लॉक क्षेत्र के साथ ही नगरीय क्षेत्र की आरआरटी (रैपिड रिस्पांस टीम) को सक्रिय कर दिया गया है। जिला आरआरटी इनकी गतिविधियों की निगरानी करने के साथ ही इन्हें आवश्यक सहयोग भी प्रदान करेगी।
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जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. मुबारक अली ने बताया कि जिले में संक्रामक रोगों को रोकने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के जरिए लोगों को पानी उबालकर पीने अथवा पानी में क्लोरीन की गोली डालकर पीने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बच्चों को पूरे आस्तीन के कपड़े तथा फुल पैंट व जूते पहनने के लिए अभिभावकों को बताया गया है।
संक्रामक रोगों को रोकने के लिए यह है सुविधाएं
जिले में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए हर पीएचसी पर अर्ली ट्रीटमेंट सेंटर (ईटीसी) के साथ ही हैंसर बाजार, मेंहदावल, सेमरियावां व खलीलाबाद में पीआईसीयू वार्ड बनाए गए हैं। वहीं जिला मुख्यालय पर कुल 28 बेड का पीआईसीयू स्थापित किया गया है। हर ईटीसी पर आवश्यक दवाओं के साथ ही ऑक्सीजन की भी उपलब्धता है।
संक्रामक रोगों से बचने के लिए गांव-गांव अभियान चलाया जा रहा है। क्लोरीन टैबलेट, ओआरएस और ब्लीचिंग पाउडर आदि की उपलब्धता हर स्वास्थ्य इकाई पर कर दिया गया है। बुखार के मरीजों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरह से सतर्क है। लोग खुद साफ सफाई रखे और दूसरों को भी प्रेरित करें।
- डॉ. अनिरुद्ध सिंह, सीएमओ
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- मौसम में बदलाव होने से संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में संक्रामक रोगों ने पांव पसार दिया है। जिले में मलेरिया के 41 व एईएस के आठ मरीज मिले हैं। इन सभी को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। मरीजों के मिलने पर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप है। सभी सीएचसी को अलर्ट कर दिया गया है। सीएमओ ने मौसम में बदलाव होने से संक्रामक रोग फैलने की आशंका जताई है। सभी अधिकारियों व सर्विलांस टीम को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी राम सिंह ने बताया कि जिले में अप्रैल से अब तक अभियान में बुखार से पीड़ित कुल 25,078 लोगों की स्लाइड बनाई गई है। इनमें मलेरिया के 41 मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही एईएस के आठ मरीज मिले हैं। जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
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उन्होंने बताया कि अभी टीम गांव में जाकर बुखार से पीड़ित लोगों के ब्लड का सैंपल ले रही है। मलेरिया व एईएस के मरीज मिलने पर जिले के सभी नौ ब्लॉक क्षेत्र के साथ ही नगरीय क्षेत्र की आरआरटी (रैपिड रिस्पांस टीम) को सक्रिय कर दिया गया है। जिला आरआरटी इनकी गतिविधियों की निगरानी करने के साथ ही इन्हें आवश्यक सहयोग भी प्रदान करेगी।
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जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. मुबारक अली ने बताया कि जिले में संक्रामक रोगों को रोकने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के जरिए लोगों को पानी उबालकर पीने अथवा पानी में क्लोरीन की गोली डालकर पीने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बच्चों को पूरे आस्तीन के कपड़े तथा फुल पैंट व जूते पहनने के लिए अभिभावकों को बताया गया है।
संक्रामक रोगों को रोकने के लिए यह है सुविधाएं
जिले में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए हर पीएचसी पर अर्ली ट्रीटमेंट सेंटर (ईटीसी) के साथ ही हैंसर बाजार, मेंहदावल, सेमरियावां व खलीलाबाद में पीआईसीयू वार्ड बनाए गए हैं। वहीं जिला मुख्यालय पर कुल 28 बेड का पीआईसीयू स्थापित किया गया है। हर ईटीसी पर आवश्यक दवाओं के साथ ही ऑक्सीजन की भी उपलब्धता है।
संक्रामक रोगों से बचने के लिए गांव-गांव अभियान चलाया जा रहा है। क्लोरीन टैबलेट, ओआरएस और ब्लीचिंग पाउडर आदि की उपलब्धता हर स्वास्थ्य इकाई पर कर दिया गया है। बुखार के मरीजों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरह से सतर्क है। लोग खुद साफ सफाई रखे और दूसरों को भी प्रेरित करें।
- डॉ. अनिरुद्ध सिंह, सीएमओ