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40 नहीं, अब 14 रजिस्टरों में दर्ज होंगे रिकॉर्ड
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40 नहीं, अब 14 रजिस्टरों में दर्ज होंगे रिकॉर्ड
परिषदीय स्कूलों के पुुराने रजिस्टरों को अभिलेख के तौर पर रखा जाएगा सुरक्षित
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों में रजिस्टर पर रिकॉर्ड दर्ज करने से शिक्षकों को राहत मिलेगी। 40 की जगह 14 रजिस्टर रखे जाएंगे। इन्हीं पर सभी रिकॉर्ड दर्ज होंगे। यह आदेश अगस्त से लागू हो जाएगा। पुराने रजिस्टरों को अभिलेख के तौर पर स्कूलों में ही सुरक्षित रखा जाएगा।
जिले में 1545 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें उच्च प्राथमिक, प्राथमिक और संविलियन विद्यालय शामिल हैं। पहल विद्यालय के रिकॉर्ड 40 प्रकार के रजिस्टर दर्ज किए जाते थे। इसकी जानकारी जब परियोजना कार्यालय पहुंची तो वहां से इन रजिस्टरों को उपयोग न करने के निर्देश दिए गए। 14 प्रकार के रजिस्टर रखने पर सहमति बनी।
इन रजिस्टरों में शिक्षक डायरी, उपस्थिति पंजिका, प्रवेश पंजिका, कक्षावार विद्यार्थी उपस्थिति पंजिका, एमडीएम पंजिका, समेकित निशुल्क सामग्री वितरण पंजिका, स्टॉक पंजिका, आय-व्यय पंजिका, चेक इश्यू पंजिका, बैठक पंजिका, निरीक्षण पंजिका, पत्र व्यवहार पंजिका, बाल गणना पंजिका, पुस्तकालय एवं खेलकूद पंजिका शामिल है।
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नई पंजिका का प्रारूप राज्य परियोजना कार्यालय से भेजा जाएगा। उसी के अनुसार पंजिका की छपाई होगी। बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि 14 प्रकार की पंजिका रखने का आदेश हुआ है। पुरानी पंजिका को अभिलेख के तौर पर रखा जाएगा। जल्द ही सभी स्कूलों में नई पंजिका उपलब्ध कर दी जाएगी।
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परिषदीय स्कूलों के पुुराने रजिस्टरों को अभिलेख के तौर पर रखा जाएगा सुरक्षित
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों में रजिस्टर पर रिकॉर्ड दर्ज करने से शिक्षकों को राहत मिलेगी। 40 की जगह 14 रजिस्टर रखे जाएंगे। इन्हीं पर सभी रिकॉर्ड दर्ज होंगे। यह आदेश अगस्त से लागू हो जाएगा। पुराने रजिस्टरों को अभिलेख के तौर पर स्कूलों में ही सुरक्षित रखा जाएगा।
जिले में 1545 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें उच्च प्राथमिक, प्राथमिक और संविलियन विद्यालय शामिल हैं। पहल विद्यालय के रिकॉर्ड 40 प्रकार के रजिस्टर दर्ज किए जाते थे। इसकी जानकारी जब परियोजना कार्यालय पहुंची तो वहां से इन रजिस्टरों को उपयोग न करने के निर्देश दिए गए। 14 प्रकार के रजिस्टर रखने पर सहमति बनी।
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इन रजिस्टरों में शिक्षक डायरी, उपस्थिति पंजिका, प्रवेश पंजिका, कक्षावार विद्यार्थी उपस्थिति पंजिका, एमडीएम पंजिका, समेकित निशुल्क सामग्री वितरण पंजिका, स्टॉक पंजिका, आय-व्यय पंजिका, चेक इश्यू पंजिका, बैठक पंजिका, निरीक्षण पंजिका, पत्र व्यवहार पंजिका, बाल गणना पंजिका, पुस्तकालय एवं खेलकूद पंजिका शामिल है।
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नई पंजिका का प्रारूप राज्य परियोजना कार्यालय से भेजा जाएगा। उसी के अनुसार पंजिका की छपाई होगी। बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि 14 प्रकार की पंजिका रखने का आदेश हुआ है। पुरानी पंजिका को अभिलेख के तौर पर रखा जाएगा। जल्द ही सभी स्कूलों में नई पंजिका उपलब्ध कर दी जाएगी।