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बीते वर्ष की उपलब्धियां
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सेहत क्षेत्र को लगे उम्मदों के पंख
जिला अस्पताल में लगी नई सीटी स्कैन मशीन
जन औषधि केंद्र खुलने से लोगों को मिलने लगी सस्ती दवाएं
स्वास्थ्य जगत
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। वर्ष-2018 स्वास्थ्य विभाग के लिए उपलब्धियों भरा रहा। इस साल जिले को कई योजनाओं की सौगात मिली। जिला अस्पताल परिसर में 100 बेड का मैटरनिटी विंग बनकर तैयार हो गया। सीटी स्कैन मशीन से जांच शुरू हो गई तो जन औषधि केंद्र से मरीजों को सस्ते दर पर दवाइयां मिलने लगीं। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को पांच लाख तक का इलाज मिलने लगा।
सीटी स्कैन सेंटर से मिली बड़ी राहत
संयुक्त जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेंटर न होने से मरीजों को काफी दिक्कत हो रही थी। प्राइवेट अस्पताल में सीटी स्कैन का खर्च 1800 रुपये आता है, जबकि जिला अस्पताल में यह सुविधा फ्री है। मार्च में यहां सीटी स्कैन शुरू हो गया। हर दिन 50 से अधिक मरीज यहां आ रहे हैं।
आधे दर पर मिलने लगी दवाइयां
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर सभी दवाइयां बाजार से आधी कीमत पर मिलने लगीं हैं। जुलाई में इसका उद्घाटन किया गया। जिला अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों से भी लोग दवा के लिए इस केंद्र पर आने लगे। इसका सबसे अधिक फायदा गरीब परिवारों को मिला। बाजार से आधी कीमत पर मिल रही दवाइयों का यह सेंटर जिला अस्पताल परिसर में ही है।
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सीएचसी खलीलाबाद में हर्बल गार्डन
एलोपैथ से बचने के लिए लोग अब फिर आयुर्वेद की तरफ मुड़ने लगे हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी खलीलाबाद सीएचसी में हर्बल गार्डन की स्थापना की। यहां विभिन्न प्रजाति के औषधीय पौधे लगाए गए हैं। इसका लाभ इलाज के साथ-साथ अन्य लोगों को प्रोत्साहित करने में भी मिल रहा है।
70 हजार को गोल्डन कार्ड
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले के 78 हजार लोगों को सूचीबद्घ किया गया है। इसमें से 70 हजार लोगों को गोल्डेन कार्ड वितरित किया गया है। गंभीर रूप से बीमार कार्डधारकों के परिवार को चिह्नित अस्पताल में पांच लाख तक के इलाज की सुविधा मिलेगी।
मलौली सीएचसी में बना पीआईसीयू
इंसेफेलाइटिस जैसी जानलेवा बीमारी की चपेट में आने वाले धनघटा क्षेत्र के मासूमों के लिए मलौली सीएचसी में पीआईसीयू शुरू किया गया। यहां बाल रोग विशेषज्ञ भी तैनात किए गए हैं। इससे बच्चों की इलाज में मदद मिली। जनपद मुख्यालय से दूर स्थित इस क्षेत्र में बच्चों के लिए यह सेंटर वरदान है।
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जिला अस्पताल में लगी नई सीटी स्कैन मशीन
जन औषधि केंद्र खुलने से लोगों को मिलने लगी सस्ती दवाएं
स्वास्थ्य जगत
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। वर्ष-2018 स्वास्थ्य विभाग के लिए उपलब्धियों भरा रहा। इस साल जिले को कई योजनाओं की सौगात मिली। जिला अस्पताल परिसर में 100 बेड का मैटरनिटी विंग बनकर तैयार हो गया। सीटी स्कैन मशीन से जांच शुरू हो गई तो जन औषधि केंद्र से मरीजों को सस्ते दर पर दवाइयां मिलने लगीं। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को पांच लाख तक का इलाज मिलने लगा।
सीटी स्कैन सेंटर से मिली बड़ी राहत
संयुक्त जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेंटर न होने से मरीजों को काफी दिक्कत हो रही थी। प्राइवेट अस्पताल में सीटी स्कैन का खर्च 1800 रुपये आता है, जबकि जिला अस्पताल में यह सुविधा फ्री है। मार्च में यहां सीटी स्कैन शुरू हो गया। हर दिन 50 से अधिक मरीज यहां आ रहे हैं।
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आधे दर पर मिलने लगी दवाइयां
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर सभी दवाइयां बाजार से आधी कीमत पर मिलने लगीं हैं। जुलाई में इसका उद्घाटन किया गया। जिला अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों से भी लोग दवा के लिए इस केंद्र पर आने लगे। इसका सबसे अधिक फायदा गरीब परिवारों को मिला। बाजार से आधी कीमत पर मिल रही दवाइयों का यह सेंटर जिला अस्पताल परिसर में ही है।
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सीएचसी खलीलाबाद में हर्बल गार्डन
एलोपैथ से बचने के लिए लोग अब फिर आयुर्वेद की तरफ मुड़ने लगे हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी खलीलाबाद सीएचसी में हर्बल गार्डन की स्थापना की। यहां विभिन्न प्रजाति के औषधीय पौधे लगाए गए हैं। इसका लाभ इलाज के साथ-साथ अन्य लोगों को प्रोत्साहित करने में भी मिल रहा है।
70 हजार को गोल्डन कार्ड
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले के 78 हजार लोगों को सूचीबद्घ किया गया है। इसमें से 70 हजार लोगों को गोल्डेन कार्ड वितरित किया गया है। गंभीर रूप से बीमार कार्डधारकों के परिवार को चिह्नित अस्पताल में पांच लाख तक के इलाज की सुविधा मिलेगी।
मलौली सीएचसी में बना पीआईसीयू
इंसेफेलाइटिस जैसी जानलेवा बीमारी की चपेट में आने वाले धनघटा क्षेत्र के मासूमों के लिए मलौली सीएचसी में पीआईसीयू शुरू किया गया। यहां बाल रोग विशेषज्ञ भी तैनात किए गए हैं। इससे बच्चों की इलाज में मदद मिली। जनपद मुख्यालय से दूर स्थित इस क्षेत्र में बच्चों के लिए यह सेंटर वरदान है।