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मल्टी नेशनल प्रोडक्ट बनेगा बखिरा का बर्तन, मगहर का कपड़ा
Updated Mon, 08 Oct 2018 11:18 PM IST
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संतकबीरनगर। बाजारी प्रतिस्पर्धा में पिछड़कर खत्म होने के कगार पर पहुंच गए बखिरा के बर्तन उद्योग की चमक फिर से दुनिया देखेगी। अब इसे नए कलेवर के साथ बाजार में उतारने की तैयारी चल रही है। प्रदेश सरकार का प्रयास रंग लाया तो इस साल के आखिर तक ही बखिरा के बने फूल व पीतल के बर्तन एक मल्टीनेशनल कंपनी (अमेजोन) के ऑनलाइन बिक्री वाले सामानों की सूची में दिखेंगे। इसके अलावा मगहर के बने सूती कपड़े भी इस सूची में शामिल हो सकते हैं। सब कुछ ठीक रहा तो जल्दी ही इसके लिए प्रदेश सरकार और कंपनी के अफसरों के बीच करार की प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी।
बखिरा बाजार में करीब 200 परिवार कई पीढ़ियों से फूल व पीतल के बर्तन बनाते रहे हैं। लेकिन स्टील व एल्यूमिनियम के बर्तनों की चमक ने इनकी रंगत फीकी कर दी थी। अब यहां केवल 20-25 परिवार ही किसी तरह अपने पुश्तैनी धंधे को बचाए हुए हैं। पिछले वर्ष प्रदेश सरकार की तरफ से शुरू किए गए एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) कार्यक्रम के तहत संतकबीरनगर जिले से बखिरा के फूल व पीतल के बर्तन उद्योग को शामिल किया गया था। यहां के कारीगर लखनऊ में लगी प्रदर्शनी में शामिल होने गए थे। इसके बाद राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने इस पुरातन उद्योग को बचाने के लिए प्रयास शुरू किया था।
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जिला प्रशासन की पहल पर शुरू हुआ प्रयास
डीआरडीए के परियोजना निदेशक प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि शासन स्तर पर हुई बैठकों में इस उद्योग के लिए बाजार उपलब्ध कराने के उपायों पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान बताया गया कि प्रदेश सरकार ने खादी के कपड़ों के लिए मल्टी नेशनल मार्केटिंग कंपनी अमेजोन से समझौता किया है। कंपनी कमीशन के आधार पर इन कपड़ों की मार्केटिंग करती है। इसी आधार पर बखिरा के बने फूल व पीतल के बर्तनों के लिए भी ऑनलाइन मार्केटिंग का आइडिया आया। जिले से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लखनऊ निदेशालय केे पत्र भेजा गया। इस पत्र के आधार पर मल्टी नेशनल कंपनियों के प्रदेश स्तर के प्रतिनिधियों से वार्ता शुरू हुई।
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कई कंपनियों ने दिखाई रुचि
बखिरा के बर्तन उद्योग की ऑनलाइन मार्केटिंग के लिए प्रयास शुरू हुआ तो कई कंपनियों के अफसरों ने इसमें रुचि दिखाई। बाजार की बदलती इच्छाएं और यहां बने उत्पाद की गुणवत्ता को देखते हुए बर्तन के अलावा सूती कपड़ों पर भी बात चली। मगहर में तैयार हो रहे कपड़ों की भी डिमांड कंपनियों ने की। इसके बाद प्रयास में और तेजी आई है।
जल्दी समझौता होने की उम्मीद- पीडी
बखिरा के बने फूल व पीतल के बर्तनों की ऑनलाइन बिक्री के लिए मल्टी नेशनल मार्केटिंग कंपनियों से बातचीत चल रही है। स्थानीय स्तर पर जो जानकारी है उसके हिसाब से प्रदेश सरकार और मल्टी नेशनल मार्केटिंग कंपनी अमेजोन के बीच वार्ता हुई है। सब कुछ ठीक रहा तो इसी वर्ष सरकार से करार हो जाएगा। कंपनी कमीशन के आधार पर काम करेगी। अगर समझौता हो गया तो बखिरा के बने फूल व पीतल के बर्तन ऑनलाइन पूरी दुनिया में खरीदे जा सकेंगे। इससे इस उद्योग को नया जीवन मिल जाएगा।
प्रमोद कुमार यादव, पीडी-डीआरडीए, संतकबीरनगर