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अपराजिता मुहिम से जुड़ी महिलाओं ने भी दी श्रद्घांजलि-Cordination
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अपराजिता के तहत आतंकवाद पर हुई विचार गोष्ठी में बोलीं महिलाएं
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। पुलवामा हमले से आधी आबादी भी गम और गुस्से में दिखी। उन्होंने कहा अब सरकार को आर-पार की लड़ाई छेड़ देनी चाहिए। अमर उजाला की मुहिम अपराजिता से जुड़ी महिलाओं ने शुक्रवार को अमर उजाला दफ्तर में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद आतंकवाद के मुद्दे पर कहा कि बहुत हुआ बर्दाश्त, अब कार्रवाई करे सरकार।
खलीलाबाद कार्यालय में हुई आतंकवाद विषययक गोष्ठी की मुख्य अतिथि महिला थाने की एसओ अनीता यादव ने कहा कि यह संकट का वक्त है। लोगों को धैर्य से काम लेना होगा। हमें अपने जवानों की शहादत पर गर्व है। प्रत्येक देशवासी शहीद परिवारों के साथ खड़ा है। इस तरह की घटनाओं से आतंकी हमें डराना चाहते हैं लेकिन यह वीरों का देश है। हमें पहले से अधिक सतर्क रहना होगा। डॉ. सोनी सिंह ने कहा कि सुरक्षा बलों को विषम परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। हमारे जवान शहादत से नहीं डरते। हमें कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ते हुए हंसते-हंसते मौत को गले लगाना आता है, लेकिन अब एक्शन की जरूरत है।
प्राथमिक शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष अंबिका देवी यादव ने कहा कि जिनके घर के लाल इस हमले में शहीद हुए हैं उन परिवारों की पीड़ा असहनीय है। पूरा देश उन परिवारों के साथ खड़ा है, लेकिन पीड़ित परिवारों को न्याय तभी मिलेगा जब ऐसी नापाक हरकत करने वालों को कड़ा सबक सिखाया जाए। गोष्ठी में आशा संघ की जिलाध्यक्ष सरोज यादव, सुमन त्रिपाठी, मुमताज खातून, ऋचा श्रीवास्तव, इंदू यादव, आरती देवी, रीता सिंह, रेनू पाल, मंजू निषाद, इंदू यादव आदि ने भी विचार रखे।
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महिलाएं बोलीं
हमलावरों को कड़ी सजा मिले
आतंकी हमले की खबर सुनकर मन विचलित हो गया। ड्यूटी पर जा रहे सैनिकों पर कायराना हमला करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
- रीता सिंह
देश पहले की भावना जरूरी
आतंकवादियों की नापाक हरकतें तभी पूर्ण होती हैं जब उन्हें इस देश में बैठे लोग मदद करते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति के अंदर पहले देश की भावना का विकास जरूरी है।
-ऋचा श्रीवास्तव
अब चूकना ठीक नहीं
हर रोज मरने से अच्छा है कि अब आर-पार की लड़ाई हो ही जाए। आतंकवादियों को सबक सिखाने का यह अंतिम अवसर है। अगर इस बार चूके तो जनता माफ नहीं करेगी।
-इंदू देवी
हर नागरिक बने सैनिक
आतंकियों पर सख्ती के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि भविष्य में ऐसे लोग सिर न उठा सकें। इसके लिए जरूरी है कि देश का प्रत्येक व्यक्ति खुद को सैनिक समझे।
- आरती देवी
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। पुलवामा हमले से आधी आबादी भी गम और गुस्से में दिखी। उन्होंने कहा अब सरकार को आर-पार की लड़ाई छेड़ देनी चाहिए। अमर उजाला की मुहिम अपराजिता से जुड़ी महिलाओं ने शुक्रवार को अमर उजाला दफ्तर में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद आतंकवाद के मुद्दे पर कहा कि बहुत हुआ बर्दाश्त, अब कार्रवाई करे सरकार।
खलीलाबाद कार्यालय में हुई आतंकवाद विषययक गोष्ठी की मुख्य अतिथि महिला थाने की एसओ अनीता यादव ने कहा कि यह संकट का वक्त है। लोगों को धैर्य से काम लेना होगा। हमें अपने जवानों की शहादत पर गर्व है। प्रत्येक देशवासी शहीद परिवारों के साथ खड़ा है। इस तरह की घटनाओं से आतंकी हमें डराना चाहते हैं लेकिन यह वीरों का देश है। हमें पहले से अधिक सतर्क रहना होगा। डॉ. सोनी सिंह ने कहा कि सुरक्षा बलों को विषम परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। हमारे जवान शहादत से नहीं डरते। हमें कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ते हुए हंसते-हंसते मौत को गले लगाना आता है, लेकिन अब एक्शन की जरूरत है।
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प्राथमिक शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष अंबिका देवी यादव ने कहा कि जिनके घर के लाल इस हमले में शहीद हुए हैं उन परिवारों की पीड़ा असहनीय है। पूरा देश उन परिवारों के साथ खड़ा है, लेकिन पीड़ित परिवारों को न्याय तभी मिलेगा जब ऐसी नापाक हरकत करने वालों को कड़ा सबक सिखाया जाए। गोष्ठी में आशा संघ की जिलाध्यक्ष सरोज यादव, सुमन त्रिपाठी, मुमताज खातून, ऋचा श्रीवास्तव, इंदू यादव, आरती देवी, रीता सिंह, रेनू पाल, मंजू निषाद, इंदू यादव आदि ने भी विचार रखे।
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महिलाएं बोलीं
हमलावरों को कड़ी सजा मिले
आतंकी हमले की खबर सुनकर मन विचलित हो गया। ड्यूटी पर जा रहे सैनिकों पर कायराना हमला करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
- रीता सिंह
देश पहले की भावना जरूरी
आतंकवादियों की नापाक हरकतें तभी पूर्ण होती हैं जब उन्हें इस देश में बैठे लोग मदद करते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति के अंदर पहले देश की भावना का विकास जरूरी है।
-ऋचा श्रीवास्तव
अब चूकना ठीक नहीं
हर रोज मरने से अच्छा है कि अब आर-पार की लड़ाई हो ही जाए। आतंकवादियों को सबक सिखाने का यह अंतिम अवसर है। अगर इस बार चूके तो जनता माफ नहीं करेगी।
-इंदू देवी
हर नागरिक बने सैनिक
आतंकियों पर सख्ती के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि भविष्य में ऐसे लोग सिर न उठा सकें। इसके लिए जरूरी है कि देश का प्रत्येक व्यक्ति खुद को सैनिक समझे।
- आरती देवी