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औपचारिकता पूर्ण निस्तारण किया तो होगी कार्रवाई:डीएम
Updated Tue, 17 Oct 2017 11:58 PM IST
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संतकबीरनगर/हैंसर। मंगलवार को तीनों तहसील मुख्यालयों पर संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। धनघटा में डीएम ने फरियाद सुनी। शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निपटारे पर जोर देते हुए डीएम ने खानापूरी करने वाले अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी। इस दौरान कुल 316 मामले आए। इनमें सिर्फ 12 मामले का ही मौके पर निपटारा हो पाया।
मंगलवार को सुबह 10 बजते ही डीएम मार्कंडेय शाही और एसपी हेमराज मीणा धनघटा संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंच गए। उस समय कुछ ही लोग आए थे। डीएम ने उपस्थिति पंजिका अपने पास रख ली। दुघरा कला गांव में विकास कार्यों की जांच का मामला मंगलवार को फिर तहसील दिवस में छाया रहा। जिला पंचायत सदस्य संतोष चौहान के नेतृत्व पहुंचे गांव के लोग प्रधान, सेक्रेटरी और बीडीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किए। उसके बाद तहसील सभागार में पहुंच कर डीएम को शिकायती पत्र देकर गांव में हुए विकास कार्यों की जांच उच्च स्तरीय टीम से कराने की मांग की। थोड़ी देर बाद दुघरा कला गांव के प्रधान पति फूलचंद चौहान ने तहसील में पहुंचकर जिला पंचायत सदस्य की मां द्वारा संचालित कोटे की दुकान का जांच और आरोपोें को बेबुनियाद बताते हुए डीएम को शिकायती पत्र दिया। दिव्यांग भगवती निषाद, उषा, सजानू, किशन, पवन कुमार, बेचन, सुधीर, रामनयन, शिवबरन, उर्मिला, लवली आदि करीब एक घंटे तक तहसील में यह कहते हुए धरनारत दिया कि किसी योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। बार बार प्रार्थना पत्र देने के बाद भी पेंशन तक नहीं बन रही है। बाद में डीएम को प्रार्थना पत्र देकर सरकारी सुविधाओं की मांग की। डीएम ने संबंधित विभाग के अधिकारी को कार्रवाई का आदेश दिया। तहसील दिवस में जिलाधिकारी ने एक-एक प्रार्थना पत्र को पढ़ा और संबंधित विभाग के लोगों को फटकार लगाई। डीएम ने कहा कि जन समस्याओं का निस्तारण करने में कोरम पूर्ण करने का काम नही होने दिया जाएगा। जन समस्याओं के निस्तारण को लेकर सीएम गंभीर है। अगर कोई अधिकारी इसमें लापरवाही की तो उसे अवश्य ही सजा भुगतनी पड़ेगी। यहां कुल 194 मामले आए और सिर्फ चार मामलों का ही निस्तारण हुआ। इसी तरह खलीलाबाद में 85 में तीन मामले निस्तारित हुए और मेंहदावल में 39 मामले में पांच मामले का निस्तारण हुआ।
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मंगलवार को सुबह 10 बजते ही डीएम मार्कंडेय शाही और एसपी हेमराज मीणा धनघटा संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंच गए। उस समय कुछ ही लोग आए थे। डीएम ने उपस्थिति पंजिका अपने पास रख ली। दुघरा कला गांव में विकास कार्यों की जांच का मामला मंगलवार को फिर तहसील दिवस में छाया रहा। जिला पंचायत सदस्य संतोष चौहान के नेतृत्व पहुंचे गांव के लोग प्रधान, सेक्रेटरी और बीडीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किए। उसके बाद तहसील सभागार में पहुंच कर डीएम को शिकायती पत्र देकर गांव में हुए विकास कार्यों की जांच उच्च स्तरीय टीम से कराने की मांग की। थोड़ी देर बाद दुघरा कला गांव के प्रधान पति फूलचंद चौहान ने तहसील में पहुंचकर जिला पंचायत सदस्य की मां द्वारा संचालित कोटे की दुकान का जांच और आरोपोें को बेबुनियाद बताते हुए डीएम को शिकायती पत्र दिया। दिव्यांग भगवती निषाद, उषा, सजानू, किशन, पवन कुमार, बेचन, सुधीर, रामनयन, शिवबरन, उर्मिला, लवली आदि करीब एक घंटे तक तहसील में यह कहते हुए धरनारत दिया कि किसी योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। बार बार प्रार्थना पत्र देने के बाद भी पेंशन तक नहीं बन रही है। बाद में डीएम को प्रार्थना पत्र देकर सरकारी सुविधाओं की मांग की। डीएम ने संबंधित विभाग के अधिकारी को कार्रवाई का आदेश दिया। तहसील दिवस में जिलाधिकारी ने एक-एक प्रार्थना पत्र को पढ़ा और संबंधित विभाग के लोगों को फटकार लगाई। डीएम ने कहा कि जन समस्याओं का निस्तारण करने में कोरम पूर्ण करने का काम नही होने दिया जाएगा। जन समस्याओं के निस्तारण को लेकर सीएम गंभीर है। अगर कोई अधिकारी इसमें लापरवाही की तो उसे अवश्य ही सजा भुगतनी पड़ेगी। यहां कुल 194 मामले आए और सिर्फ चार मामलों का ही निस्तारण हुआ। इसी तरह खलीलाबाद में 85 में तीन मामले निस्तारित हुए और मेंहदावल में 39 मामले में पांच मामले का निस्तारण हुआ।
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