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बारिश हुई
Updated Thu, 21 Sep 2017 06:27 PM IST
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संतकबीरनगर। गुरुवार की सुबह मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। दोपहर में आकाश में घरा कोहरा छा गया और फिर जमकर बारिश हुई। इससे एक पखवारे से गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिल गई। बारिश होने से धान की फसल को संजीवनी मिल गई है। कारण यह है कि कई दिनों से बारिश न होने के कारण फसल सूखने लगी थी। हालांकि बारिश के चलते शहर में जगह-जगह जल जमाव हो गया है। सड़कें कीचड़ से सराबोर हो गई है। ऐसे में राहगीरों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
करीब एक पखवारे से बारिश न होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ रहा था। इस बीच बिजली की कटौती भी बनी रही, इससे लोगों की दुश्वारियां और बढ़ गई थी। बारिश न होने से धान की फसल भी सूखने लगी थी। फसल बचाने के लिए किसानों को महंगे डीजल खरीद कर सिंचाई करने को मजबूर होना पड़ रहा था, लेकिन गुरुवार की सुबह मौसम का मिजाज बदल गया और सुबह हल्की बारिश हुई। दोपहर बाद तेज बारिश का सिलसिला शुरू हुआ और करीब दो घंटे तक जमकर बारिश हुई। इससे जहां उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली वहीं धान की फसल के लिए यह बारिश संजीवनी साबित हुई है। किसान घनश्याम पांडेय, राधेश्याम, रविंद्र कुमार, विजय शुक्ला आदि ने कहा कि महंगे डीजल खरीद कर सिंचाई कर पाना मुश्किल हो रहा था, अब बारिश हुई है तो धान की फसल तेजी से विकास करेगी। दूसरी तरफ बारिश से शहर के विभिन्न मोहल्लों में जल जमाव हो गया है। स्थिति यह है कि डाक बंगले के सामने, मुखलिसपुर चौक, नेहरू चौक सहित अन्य स्थानों पर जल जमाव के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। जहां पर जल जमाव कम है वहां कीचड़ के कारण राहगीरों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि यह बारिश धान की फसल के लिए अमृत के समान है। यदि फसल में किसी तरह का रोग लगने का खतरा हो तो उसके लक्षण बताकर दवाएं खरीद किसान छिड़काव करें।
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करीब एक पखवारे से बारिश न होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ रहा था। इस बीच बिजली की कटौती भी बनी रही, इससे लोगों की दुश्वारियां और बढ़ गई थी। बारिश न होने से धान की फसल भी सूखने लगी थी। फसल बचाने के लिए किसानों को महंगे डीजल खरीद कर सिंचाई करने को मजबूर होना पड़ रहा था, लेकिन गुरुवार की सुबह मौसम का मिजाज बदल गया और सुबह हल्की बारिश हुई। दोपहर बाद तेज बारिश का सिलसिला शुरू हुआ और करीब दो घंटे तक जमकर बारिश हुई। इससे जहां उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली वहीं धान की फसल के लिए यह बारिश संजीवनी साबित हुई है। किसान घनश्याम पांडेय, राधेश्याम, रविंद्र कुमार, विजय शुक्ला आदि ने कहा कि महंगे डीजल खरीद कर सिंचाई कर पाना मुश्किल हो रहा था, अब बारिश हुई है तो धान की फसल तेजी से विकास करेगी। दूसरी तरफ बारिश से शहर के विभिन्न मोहल्लों में जल जमाव हो गया है। स्थिति यह है कि डाक बंगले के सामने, मुखलिसपुर चौक, नेहरू चौक सहित अन्य स्थानों पर जल जमाव के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। जहां पर जल जमाव कम है वहां कीचड़ के कारण राहगीरों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि यह बारिश धान की फसल के लिए अमृत के समान है। यदि फसल में किसी तरह का रोग लगने का खतरा हो तो उसके लक्षण बताकर दवाएं खरीद किसान छिड़काव करें।
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