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टीम के आने से मचा हड़कंप
Updated Sat, 19 Aug 2017 04:39 PM IST
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संतकबीरनगर। पूर्व सहायक एवं वित्त लेेखाधिकारी द्वारा सर्व शिक्षा अभियान के तहत हुए भुगतान में अनियमितता की शिकायत की जांच शनिवार को डीएम के निर्देश पर टीम ने शुरू कर दी। बीएसए कार्यालय में वरिष्ठ कोषाधिकारी, उप प्राचार्य डायट और डीआईओएस ने पहुंच कर पत्रावली तलब की। टीम के पहुंचने पर कार्यालय में हड़कंप मच गया।
डीएम मारकंडेय शाही के समक्ष बेसिक शिक्षा विभाग के सर्व शिक्षा अभियान के तहत पिछले सत्र का ड्रेस का भुगतान, कस्तूरबा विद्यालयों में छात्राओं के खाने पीने, सोने के लिए रजाई गद्दा व अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति का भुगतान, पुस्तकों की खरीद का भुगतान आदि में अनियमितता की शिकायत मिली थी। यह भुगतान पूर्व के सहायक एवं वित्त लेखाधिकारी के कार्यकाल में हुआ था। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम गठित कर दी थी, जिसमें वरिष्ठ कोषाधिकारी जगनारायण झा, डीआईओएस शिव कुमार ओझा, उप प्राचार्य डायट संध्या श्रीवास्तव शामिल हैं। टीम बीएसए कार्यालय पर पहुंची और कर्मचारियों से पत्रावली तलब की। कुछ पत्रावली टीम को नहीं मिली, जिस पर टीम ने वर्तमान सहायक एवं वित्त लेखाधिकारी से जल्द से जल्द उपलब्ध कराने को कहा। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि जांच शुरू हो गई है। इसके साथ ही कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी। किस संस्था को कितना भुगतान किया गया है, उसकी पूरी जांच होगी। जांच रिपोर्ट जल्द ही जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी। टीम के इस जांच को लेकर बीएसए कार्यालय में हड़कंप मचा रहा। कर्मचारियों का कहना था कि अगर सही से जांच हुई तो कई लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं, क्योंकि सर्व शिक्षा अभियान के भुगतान में मानकों की अनदेखी की गई है और चहेतों को लाभ पहुंचाया गया है।
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डीएम मारकंडेय शाही के समक्ष बेसिक शिक्षा विभाग के सर्व शिक्षा अभियान के तहत पिछले सत्र का ड्रेस का भुगतान, कस्तूरबा विद्यालयों में छात्राओं के खाने पीने, सोने के लिए रजाई गद्दा व अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति का भुगतान, पुस्तकों की खरीद का भुगतान आदि में अनियमितता की शिकायत मिली थी। यह भुगतान पूर्व के सहायक एवं वित्त लेखाधिकारी के कार्यकाल में हुआ था। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम गठित कर दी थी, जिसमें वरिष्ठ कोषाधिकारी जगनारायण झा, डीआईओएस शिव कुमार ओझा, उप प्राचार्य डायट संध्या श्रीवास्तव शामिल हैं। टीम बीएसए कार्यालय पर पहुंची और कर्मचारियों से पत्रावली तलब की। कुछ पत्रावली टीम को नहीं मिली, जिस पर टीम ने वर्तमान सहायक एवं वित्त लेखाधिकारी से जल्द से जल्द उपलब्ध कराने को कहा। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि जांच शुरू हो गई है। इसके साथ ही कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी। किस संस्था को कितना भुगतान किया गया है, उसकी पूरी जांच होगी। जांच रिपोर्ट जल्द ही जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी। टीम के इस जांच को लेकर बीएसए कार्यालय में हड़कंप मचा रहा। कर्मचारियों का कहना था कि अगर सही से जांच हुई तो कई लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं, क्योंकि सर्व शिक्षा अभियान के भुगतान में मानकों की अनदेखी की गई है और चहेतों को लाभ पहुंचाया गया है।
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