{"_id":"5b7af7dc42c792464a0c7d12","slug":"161534785500-sant-kabir-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावन के अंतिम सोमवार पर जलाभिषेक को उमड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन के अंतिम सोमवार पर जलाभिषेक को उमड़े
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Mon, 20 Aug 2018 11:03 PM IST
विज्ञापन
सवान के अंतिम सोमवार को तामेश्वरनाथ शिव मंदिर पर जल चढ़ाने के खड़े भक्त।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संतकबीरनगर। सावन के अंतिम सोमवार को तामेश्वरनाथ मंदिर समेत जिले के सभी शिव मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ गई। लोगों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। तामेश्वरनाथ मंदिर में आधी रात से ही श्रद्धालुओं की लाइन लगी थी। सरयू, कुआनों आदि नदियों का पवित्र जलभरकर कांवड़ियों का जत्था बोलबम के नारे लगाते हुए मंदिर पर जलाभिषेक को पहुंचा।
सावन का अंतिम सोमवार होने के चलते तामेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए सबसे अधिक भीड़ थी। मंदिर के प्रवेश द्वार के सामने लंबी कतार लगी थी। मंदिर के व्यवस्थापक कमेटी के सदस्य और प्रधान नरेंद्र नाथ भारती ने बताया कि सावन महीने में सोमवार को यहां विशेष भीड़ होती है। कुछ श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित पोखरे से भी जल भरकर जलाभिषेक किया। यहां महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग लाइन लगाई गई थी। इसी तरह से शहर के स्टेशनपुरवा स्थित शिव मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, गन्ना समिति परिसर स्थित शिव मंदिर समेत अन्य मंदिरों पर भीड़ रही। हरिहरपुर प्रतिनिधि के अनुसार भगता के सिद्धेश्वरनाथ मंदिर पर भी काफी संख्या में भक्तों ने भोले बाबा का जलाभिषेक कर आशीर्वाद लिया। मगहर प्रतिनिधि के अनुसार कबीर चौरा के आमी नदी के तट पर स्थित शिव मंदिर पर भक्तों ने जलाभिषेक कर पूजन-अर्चन किया।
मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार भंगेश्वरनाथ मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। बघौली प्रतिनिधि के अनुसार कोपिया के शिव मंदिर पर श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। इसी तरह से हैंसर के हैंहेश्वरनाथ, धनघटा के दानीनाथ मंदिर और पौली के कंकड़ेश्वरनाथ और बिड़हर घाट स्थित शिव मंदिर और बेलहर कला के सेहुआनाथ शिवमंदिर, भितरी टोला स्थित शिवमंदिर पर भी काफी संख्या में श्रद्धालु दिखे। सभी मंदिरों पर दोपहर बाद तक श्रद्धालुओं की काफी संख्या में मौजूदगी रही।
विज्ञापन
मेले का भी आनंद लिया
संतकबीरनगर। सावन का अंतिम सोमवार होने के चलते तामेश्वरनाथ मंदिर परिसर में मिष्ठान और शृंगार प्रसाधन के साथ घरेलू सामानों की दुकानों पर खरीदारी के लिए भीड़ लगी रही। पूजा के बाद महिलाएं सामानों की खरीदारी भी करती देखी गईं। जलेबी की दुकान पर काफी भीड़ लगी थी। मेले में खाने-पीने के सामानों के साथ ही खिलौने की दुकानें भी लगाई गई थीं। जिसका बच्चों ने खूब लुत्फ उठाया।
कमिश्नर ने किया जलाभिषेक
संतकबीरनगर। बस्ती मंडल की कमिश्नर अनीता भटनागर जैन भी सावन के अंतिम सोमवार को तामेश्वरनाथ मंदिर पहुंची और भगवान शिव को जलाभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने परिसर का निरीक्षण कर मंदिर के इतिहास की जानकारी ली। मंदिर कमेटी के सदस्य व प्रधान नागेंद्र नाथ भारती ने कमिश्नर को तामेश्वरनाथ धाम के इतिहास के बारे में बताया।
अंतिम सोमवार को कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया
बखिरा। सावन माह के अंतिम सोमवार को सैकड़ों की संख्या में कांवड़ियों ने बाबा भंगेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। 60 किलो मीटर की इस पदयात्रा में महिलाएं व बच्चे भी शामिल रहे। भक्तिगीतों व बोलबम के जयघोष से समूचा क्षेत्र भक्तिमय हो गया था। कार्यक्रम बाबा भंगेश्वरनाथ सेवा दल की तरफ से आयोजित किया गया था। शनिवार की रात में कस्बे से कांवडिए बिड़हरघाट स्थित सरयू नदी का पवित्र जल भरने के लिए रवाना हुए थे। जल भरकर पैदल ही बखिरा स्थित भंगेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ियों का जत्था निकल पड़ा। बिडहरघाट से बखिरा तक पूरे रास्ते डीजे की धुन पर भक्ति गीतों की धुन पर नाचते गाते हुए व बोलबम के नारे लगाते हुए कांवड़िये चल रहे थे। 60 किमी की इस यात्रा में खलीलाबाद समय माता मंदिर व कोपिया शिव मंदिर पर कांवड़ियों का पड़ाव था। बखिरा का भ्रमण करते हुए बाबा भंगेश्वरनाथ मंदिर में कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। पदयात्रा में सेवादल के हरिशंकर साहनी, राजेश गुप्त, गुड्डू वर्मा आदि मौजूद रहे। इस दौरान इंस्पेक्टर सदानंद सिंह, चौकी इंचार्ज राममिलन यादव पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
मंदिर में रुद्राभिषेक भी किया
रोसयाबाजार। सावन के अंतिम सोमवार पर क्षेत्र के श्रद्धालुओं का जत्था सरयू नदी के चहोड़ा और मैंदी घाट से जल भरकर पौली के महादेव (मोहम्मदपुर) स्थित बाबा कुबेरनाथ, बाबा कंकड़ेश्वर नाथ, मड़पौना स्थित बाबा बौरहऊनाथ मंदिर पर पहुंच कर जलाभिषेक किया। शिवालय परिसर शिव भक्तों के हर हर महादेव के नारों से गूंजते रहे और लोगों ने नीलकंठ भगवान शिव का गंगाजल और दूध से जलाभिषेक किया। महिलाओं ने इन स्थानों पर कड़ाही चढ़ाई तो बहुत से शिव भक्तों ने अंतिम सोमवार पर रुद्राभिषेक का भी आयोजन किया।
विज्ञापन
सावन का अंतिम सोमवार होने के चलते तामेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए सबसे अधिक भीड़ थी। मंदिर के प्रवेश द्वार के सामने लंबी कतार लगी थी। मंदिर के व्यवस्थापक कमेटी के सदस्य और प्रधान नरेंद्र नाथ भारती ने बताया कि सावन महीने में सोमवार को यहां विशेष भीड़ होती है। कुछ श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित पोखरे से भी जल भरकर जलाभिषेक किया। यहां महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग लाइन लगाई गई थी। इसी तरह से शहर के स्टेशनपुरवा स्थित शिव मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, गन्ना समिति परिसर स्थित शिव मंदिर समेत अन्य मंदिरों पर भीड़ रही। हरिहरपुर प्रतिनिधि के अनुसार भगता के सिद्धेश्वरनाथ मंदिर पर भी काफी संख्या में भक्तों ने भोले बाबा का जलाभिषेक कर आशीर्वाद लिया। मगहर प्रतिनिधि के अनुसार कबीर चौरा के आमी नदी के तट पर स्थित शिव मंदिर पर भक्तों ने जलाभिषेक कर पूजन-अर्चन किया।
विज्ञापन
मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार भंगेश्वरनाथ मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। बघौली प्रतिनिधि के अनुसार कोपिया के शिव मंदिर पर श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। इसी तरह से हैंसर के हैंहेश्वरनाथ, धनघटा के दानीनाथ मंदिर और पौली के कंकड़ेश्वरनाथ और बिड़हर घाट स्थित शिव मंदिर और बेलहर कला के सेहुआनाथ शिवमंदिर, भितरी टोला स्थित शिवमंदिर पर भी काफी संख्या में श्रद्धालु दिखे। सभी मंदिरों पर दोपहर बाद तक श्रद्धालुओं की काफी संख्या में मौजूदगी रही।
विज्ञापन
मेले का भी आनंद लिया
संतकबीरनगर। सावन का अंतिम सोमवार होने के चलते तामेश्वरनाथ मंदिर परिसर में मिष्ठान और शृंगार प्रसाधन के साथ घरेलू सामानों की दुकानों पर खरीदारी के लिए भीड़ लगी रही। पूजा के बाद महिलाएं सामानों की खरीदारी भी करती देखी गईं। जलेबी की दुकान पर काफी भीड़ लगी थी। मेले में खाने-पीने के सामानों के साथ ही खिलौने की दुकानें भी लगाई गई थीं। जिसका बच्चों ने खूब लुत्फ उठाया।
कमिश्नर ने किया जलाभिषेक
संतकबीरनगर। बस्ती मंडल की कमिश्नर अनीता भटनागर जैन भी सावन के अंतिम सोमवार को तामेश्वरनाथ मंदिर पहुंची और भगवान शिव को जलाभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने परिसर का निरीक्षण कर मंदिर के इतिहास की जानकारी ली। मंदिर कमेटी के सदस्य व प्रधान नागेंद्र नाथ भारती ने कमिश्नर को तामेश्वरनाथ धाम के इतिहास के बारे में बताया।
अंतिम सोमवार को कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया
बखिरा। सावन माह के अंतिम सोमवार को सैकड़ों की संख्या में कांवड़ियों ने बाबा भंगेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। 60 किलो मीटर की इस पदयात्रा में महिलाएं व बच्चे भी शामिल रहे। भक्तिगीतों व बोलबम के जयघोष से समूचा क्षेत्र भक्तिमय हो गया था। कार्यक्रम बाबा भंगेश्वरनाथ सेवा दल की तरफ से आयोजित किया गया था। शनिवार की रात में कस्बे से कांवडिए बिड़हरघाट स्थित सरयू नदी का पवित्र जल भरने के लिए रवाना हुए थे। जल भरकर पैदल ही बखिरा स्थित भंगेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ियों का जत्था निकल पड़ा। बिडहरघाट से बखिरा तक पूरे रास्ते डीजे की धुन पर भक्ति गीतों की धुन पर नाचते गाते हुए व बोलबम के नारे लगाते हुए कांवड़िये चल रहे थे। 60 किमी की इस यात्रा में खलीलाबाद समय माता मंदिर व कोपिया शिव मंदिर पर कांवड़ियों का पड़ाव था। बखिरा का भ्रमण करते हुए बाबा भंगेश्वरनाथ मंदिर में कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। पदयात्रा में सेवादल के हरिशंकर साहनी, राजेश गुप्त, गुड्डू वर्मा आदि मौजूद रहे। इस दौरान इंस्पेक्टर सदानंद सिंह, चौकी इंचार्ज राममिलन यादव पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
मंदिर में रुद्राभिषेक भी किया
रोसयाबाजार। सावन के अंतिम सोमवार पर क्षेत्र के श्रद्धालुओं का जत्था सरयू नदी के चहोड़ा और मैंदी घाट से जल भरकर पौली के महादेव (मोहम्मदपुर) स्थित बाबा कुबेरनाथ, बाबा कंकड़ेश्वर नाथ, मड़पौना स्थित बाबा बौरहऊनाथ मंदिर पर पहुंच कर जलाभिषेक किया। शिवालय परिसर शिव भक्तों के हर हर महादेव के नारों से गूंजते रहे और लोगों ने नीलकंठ भगवान शिव का गंगाजल और दूध से जलाभिषेक किया। महिलाओं ने इन स्थानों पर कड़ाही चढ़ाई तो बहुत से शिव भक्तों ने अंतिम सोमवार पर रुद्राभिषेक का भी आयोजन किया।