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जाम के झाम से परेशान हुए लोग
Updated Mon, 07 May 2018 11:12 PM IST
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जाम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बखिरा (संतकबीरनगर)। कस्बे में जाम एक प्रमुख समस्या बन गई है। इस जाम में फंसकर ऑफिस, दुकान, स्कूल व अन्य जरूरी कार्यों से जाने वाले लोग आए दिन देरी का शिकार होते हैं। ग्रामीणों की शिकायत है कि सहजनवां तिराहा के निकट ठेले, खोमचे व सब्जी दुकानदारों के सड़क पर कब्जा करने से कस्बे की दिनचर्या अस्त व्यस्त हो जाती है।
राजेश कुमार, दयाराम, हरिशंकर, दिलीप कुमार, रामशंकर गुप्ता, संजय कुमार, भगवान, माता प्रसाद, विजय आदि ने बताया कि कस्बे के इस प्रमुख तिराहे पर जाम एक मुसीबत बन गई है। सड़क के दोनों तरफ सब्जी व ठेला लगाने वालों द्वारा कब्जा करने की वजह से दोपहिया व चार पहिया वाहन अमूमन रोजाना जाम का शिकार होकर घंटो फंसे रहते है। यह तिराहा गोरखपुर, सहजनवां, खलीलाबाद, मेंहदावल, बांसी से होकर गन्तव्य को जाने वालों के लिए एक प्रमुख रास्ता है। स्कूली बच्चे रविकांत, मुन्ना, रोहित, दिव्यांश, राकेश, बिपुल ने बताया कि जाम लगने से वह लोग समय से कालेज नहीं आ पाते है। छुट्टी होने के बाद भी उन्हें घर जाने के लिए भी देरी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की गई, मगर उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से गुहार लगाई है कि कस्बे की जाम से उन्हें मुक्ति दिलाई जाए।
राजेश कुमार, दयाराम, हरिशंकर, दिलीप कुमार, रामशंकर गुप्ता, संजय कुमार, भगवान, माता प्रसाद, विजय आदि ने बताया कि कस्बे के इस प्रमुख तिराहे पर जाम एक मुसीबत बन गई है। सड़क के दोनों तरफ सब्जी व ठेला लगाने वालों द्वारा कब्जा करने की वजह से दोपहिया व चार पहिया वाहन अमूमन रोजाना जाम का शिकार होकर घंटो फंसे रहते है। यह तिराहा गोरखपुर, सहजनवां, खलीलाबाद, मेंहदावल, बांसी से होकर गन्तव्य को जाने वालों के लिए एक प्रमुख रास्ता है। स्कूली बच्चे रविकांत, मुन्ना, रोहित, दिव्यांश, राकेश, बिपुल ने बताया कि जाम लगने से वह लोग समय से कालेज नहीं आ पाते है। छुट्टी होने के बाद भी उन्हें घर जाने के लिए भी देरी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की गई, मगर उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से गुहार लगाई है कि कस्बे की जाम से उन्हें मुक्ति दिलाई जाए।
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