{"_id":"625eef88cd87f170df6b4b0e","slug":"1475-students-is-read-in-11-room-khalilabad-news-gkp4339265155","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीजीआईसी : 11 कमरों में पढ़ती हैं 1475 छात्राएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीजीआईसी : 11 कमरों में पढ़ती हैं 1475 छात्राएं
विज्ञापन
जीजीआईसी : 11 कमरों में पढ़ती हैं 1475 छात्राएं
- बेहतर पठन पाठन व गाइडेंस के चलते छात्राओं की संख्या में लगातार हो रहा इजाफा
- कमरों की कमी छात्राओं की पढ़ाई में बन रही बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज खलीलाबाद किसी प्राइवेट विद्यालय से कम नहीं है। यहां पर तैनात शिक्षकों के बेहतर पठन पाठन और अनुशासन की वजह से इस विद्यालय में 1475 छात्राओं का नामाकंन हो चुका है। यहां नामांकन अभी बढ़ रहा है। कोविड काल में शिक्षिकाओं ने ऑनलाइन क्लास चलाकर छात्राओं को जोड़े रखा और पठन पाठन का बेहतर माहौल बनाया। यहां पर नामांकन के लिए लोग सिफारिश भी लगाते हैं, पर कमरों की कमी छात्राओं की पढ़ाई में बाधक बन रही है।
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य को लेकर कुल सात शिक्षक तैनात हैं। इसके साथ ही 11 शिक्षकों को मानदेय पर रखा गया है। विद्यालय शहर के बीचों बीच होने के चलते परिसर में जगह की कमी बनी हुई है। परिसर इतना छोटा है कि चार मंजिला भवन में इस विद्यालय को संचालित किया जाता है। यहां पर कुल 14 कमरे बने हुए हैं। जिनमें तीन कमरों को प्रयोगशाला के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। 11 कमरों में छात्राओं की पढ़ाई होती है। शिक्षिकाओं को टाइम टेबल के अनुरूप कक्षाओं में भेजा जाता है और वह अपनी जिम्मेदारियां निभाती हैं। छात्राओं को साइकिल रखने के लिए भी जगह नहीं बचती है। छात्राएं परिसर में ही साइकिल खड़ा करती हैं। उसके बावजूद विद्यालय में नामांकन के लिए भीड़ लगती है। वर्तमान में यहां पर कुल 1475 छात्राओं का नामांकन है। यह नामांकन अभी बढ़ रहा है। विद्यालय की माने तो अभी 200 के करीब और नामांकन हो सकता है। रोजाना करीब 10 से 15 लोग नामांकन के लिए सिफारिश करते हैं, पर कमरों की कमी नामांकन में बाधा बन रही है।
13 व्हाट्सअप ग्रुप बनाकर 900 छात्राओं को जोड़ा
कोरोना काल के दौरान विद्यालय करीब एक साल तक बंद रहा। इस दौरान विद्यालय पर तैनात शिक्षिकाओं ने अलग-अलग 13 ग्रुप बनाकर कुल 900 छात्राओं को व्हाट्सअप ग्रुप से जोड़ा और ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की। जिससे छात्राओं का पठन पाठन सुचारु रूप से संचालित हुआ। हर कक्षाओं का अलग-अलग ग्रुप बना था और शिक्षक विषय से संबंधित जानकारी ग्रुप में शेयर करते थे। छात्राएं भी अपने प्रश्नों का जवाब ग्रुप के माध्यम से ही पूछती थीं।
विज्ञापन
जीजीआईसी का परिसर छोटा है, कुल 14 कमरे हैं, जिसमें तीन कमरों में प्रयोगशाला है। उसके बावजूद बेहतर पठन पाठन पर जोर दिया जा रहा है। आज नामांकन 1475 पहुंच गया है, लोग लगातार नामांकन के लिए विद्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, पर कमरों की कमी की वजह से परेशानी हो रही है। इसके लिए दो शिफ्ट में कक्षाएं संचालित करने के लिए पत्राचार किया गया है।
आशा यादव, प्रधानाचार्य जीजीआईसी
विज्ञापन
- बेहतर पठन पाठन व गाइडेंस के चलते छात्राओं की संख्या में लगातार हो रहा इजाफा
- कमरों की कमी छात्राओं की पढ़ाई में बन रही बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज खलीलाबाद किसी प्राइवेट विद्यालय से कम नहीं है। यहां पर तैनात शिक्षकों के बेहतर पठन पाठन और अनुशासन की वजह से इस विद्यालय में 1475 छात्राओं का नामाकंन हो चुका है। यहां नामांकन अभी बढ़ रहा है। कोविड काल में शिक्षिकाओं ने ऑनलाइन क्लास चलाकर छात्राओं को जोड़े रखा और पठन पाठन का बेहतर माहौल बनाया। यहां पर नामांकन के लिए लोग सिफारिश भी लगाते हैं, पर कमरों की कमी छात्राओं की पढ़ाई में बाधक बन रही है।
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य को लेकर कुल सात शिक्षक तैनात हैं। इसके साथ ही 11 शिक्षकों को मानदेय पर रखा गया है। विद्यालय शहर के बीचों बीच होने के चलते परिसर में जगह की कमी बनी हुई है। परिसर इतना छोटा है कि चार मंजिला भवन में इस विद्यालय को संचालित किया जाता है। यहां पर कुल 14 कमरे बने हुए हैं। जिनमें तीन कमरों को प्रयोगशाला के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। 11 कमरों में छात्राओं की पढ़ाई होती है। शिक्षिकाओं को टाइम टेबल के अनुरूप कक्षाओं में भेजा जाता है और वह अपनी जिम्मेदारियां निभाती हैं। छात्राओं को साइकिल रखने के लिए भी जगह नहीं बचती है। छात्राएं परिसर में ही साइकिल खड़ा करती हैं। उसके बावजूद विद्यालय में नामांकन के लिए भीड़ लगती है। वर्तमान में यहां पर कुल 1475 छात्राओं का नामांकन है। यह नामांकन अभी बढ़ रहा है। विद्यालय की माने तो अभी 200 के करीब और नामांकन हो सकता है। रोजाना करीब 10 से 15 लोग नामांकन के लिए सिफारिश करते हैं, पर कमरों की कमी नामांकन में बाधा बन रही है।
विज्ञापन
13 व्हाट्सअप ग्रुप बनाकर 900 छात्राओं को जोड़ा
कोरोना काल के दौरान विद्यालय करीब एक साल तक बंद रहा। इस दौरान विद्यालय पर तैनात शिक्षिकाओं ने अलग-अलग 13 ग्रुप बनाकर कुल 900 छात्राओं को व्हाट्सअप ग्रुप से जोड़ा और ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की। जिससे छात्राओं का पठन पाठन सुचारु रूप से संचालित हुआ। हर कक्षाओं का अलग-अलग ग्रुप बना था और शिक्षक विषय से संबंधित जानकारी ग्रुप में शेयर करते थे। छात्राएं भी अपने प्रश्नों का जवाब ग्रुप के माध्यम से ही पूछती थीं।
विज्ञापन
जीजीआईसी का परिसर छोटा है, कुल 14 कमरे हैं, जिसमें तीन कमरों में प्रयोगशाला है। उसके बावजूद बेहतर पठन पाठन पर जोर दिया जा रहा है। आज नामांकन 1475 पहुंच गया है, लोग लगातार नामांकन के लिए विद्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, पर कमरों की कमी की वजह से परेशानी हो रही है। इसके लिए दो शिफ्ट में कक्षाएं संचालित करने के लिए पत्राचार किया गया है।
आशा यादव, प्रधानाचार्य जीजीआईसी