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आमी नदी में बढ़ते प्रदूषण से आहत संत समाज ने की आंदोलन की घोषणा

Fri, 10 Aug 2018 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 10 Aug 2018 11:46 PM IST
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to be demanstration against pollution in aami
आमी नदी में बढ़ते प्रदूषण से कबीरपंथ संत खासे नाराज हैं। - फोटो : अमर उजाला
मगहर। अपनी खरी बोली से दुनिया भर के लोगों को धर्म-कर्म की शिक्षा देने वाले सद्गगुरू कबीरदास की समाधि स्थली और मजार के बगल से होकर बहने वाली सदानीरा आमी नदी में बढ़ते प्रदूषण से कबीरपंथ संत खासे नाराज हैं। संत समाज ने नदी को निर्मल बनाने के लिए जन आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है।
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कबीर की अमिया की रूप में चर्चित आमी नदी मगहर में कबीर चौरा परिसर से सटे पूरब छोर पर बहती है। नदी से किनारे एक तरफ मस्जिद तो दूसरी तरफ शिवालय है। सांप्रदायिक सौहार्द, प्रेम और अहिंसा का संदेश देने वाली यह नदी अब अपने अस्तित्व को लेकर जूझ रही है।
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कबीर स्थली का विकास तो हो रहा है लेकिन अमिया (आमी नदी) काली हो गई है। बीते दिनों प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले नदी के कुछ हिस्सों की सफाई जरूर हुई थी, लेकिन अब फिर से इसमें बढ़ते प्रदूषण ने संत समाज को आंदोलन के लिए विवश कर दिया है।
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आगामी 21 अगस्त से होने वाले इस आंदोलन की रूपरेखा भी बनने लगी है। प्रधानमंत्री के आने के बाद दुनियाभर में चर्चित हुए मगहर के कबीरपंथी संतों ने नदी की सफाई नहीं होने पर जलसमाधि तक की चेतावनी दे डाली है।
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संत अरविंद दास शास्त्री का कहना है कि सद्गुरु कबीर का दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु पहले आमी नदी के जल से स्नान करते थे और बाद में प्रसाद के तौर पर यहां से जल अपने साथ ले जाते थे। लेकिन अब तो लोग नदी के किनारे जाने से भी डरते हैं।

डाक्टर हरिराम शास्त्री का कहना है कि कबीर स्थली के विकास कार्य आमी नदी को स्वच्छ किए बिना पूरा नहीं हो सकता। नदी के किनारे खड़े होकर झूठी कसमें खाने की बजाय इसको निर्मल बनाने के लिए कार्य करना होगा।

सद्गुरु कबीर समाधि की सेवा में लगे संत केशव दास शास्त्री ने कहा कि संत समाज ही नहीं क्षेत्र के आम लोग भी जीवन दायिनी आमी को स्वच्छ बनाने के लिए संकल्प ले चुके हैं। सभी का दायित्व है कि इस पवित्र नदी को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए साथ रहें।

संत रामशरण दास ने कहा कि आमी नदी के जल से निकलने वाली दुर्गंध की वजह सेयहां रहना मुश्किल होता जा रहा है। इसकी वजह से पर्यटक भी यहां आने से कतराते हैं। रमणीक स्थल होने के बावजूद लोग केवल नदी के प्रदूषण के चलते इस जगह से दूर होते जा रहे हैं।

आमी नदी के प्रदूषण के खिलाफ उपवास आज
मगहर। आमी नदी के प्रदूषण के खिलाफ नगर पंचायत मगहर की चेयरमैन संगीता वर्मा के पति व वरिष्ठ भाजपा नेता राजेश वर्मा उर्फ गुड्डू वर्मा के नेतृत्व में नगर पंचायत कमेटी के साथ शनिवार को कबीर प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय उपवास करेंगे।


यह जानकारी गुड्डू वर्मा ने शुक्रवार को दी। उन्होंने कहा कि आमी नदी को प्रदूषण मुक्त कराने के मकसद से एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिसका नगर पंचायत कमेटी भी समर्थन प्राप्त है।
 
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