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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण
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प्रशिक्षण के नाम पर खानापूर्ति, भोजन की गुणवत्ता भी खराब
सिर्फ चार्ट पेपर और मोबाइल के जरिए दिया जा रहा प्रशिक्षण, प्रोजेक्टर का नहीं हो रहा उपयोग
अमर उजाला ब्यूरो
सेमरियावां। स्थानीय ब्लॉक सभागार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण लापरवाही का शिकार होकर रह गया है। मोबाइल एप के प्रयोग के लिए दिए जा रहे इस प्रशिक्षण में प्रोजेक्टर के प्रयोग का निर्देश है, लेकिन हालत यह है कि सिर्फ चार्ट पेपर और मोबाइल के जरिए ही प्रशिक्षण कार्य पूरा किया जा रहा है। प्रशिक्षणार्थियों में खराब गुणवत्ता का भोजन देने पर भी नाराजगी है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों के साथ-साथ गृह भ्रमण और पोषाहार वितरण संबंधी समस्त जानकारियां कॉम केयर मोबाइल एप पर अपलोड करना है। कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन देकर एप पर सूचनाएं अपलोड करने का प्रशिक्षण ब्लॉक सभागार में दिया जा रहा है। 30-30 कार्यकर्ताओं का बैच बनाकर छह चरणों में प्रशिक्षण पूरा किया जाना है। महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में विभागीय लापरवाही के कारण अव्यवस्था है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रेमपति, निर्मला देवी, शहनाज बेगम, जरीना, सीमा प्रजापति, विद्यावती, रेहाना खातून आदि ने बताया कि प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के भोजन, चाय आदि के लिए प्रतिदिन 125 रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसका आधा रकम भी खर्च नहीं हो रहा है। स्टेशनरी के लिए प्रति व्यक्ति 20 रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि कोई स्टेशनरी नहीं दी गई। प्रशिक्षण के दौरान एक हजार रुपये प्रोजेक्टर पर खर्च होना है, लेकिन प्रोजेक्टर भी नहीं लगा है। बैठने के लिए टेंट हाउस से सिर्फ 20 कुर्सियां मंगवाई गई हैं।
धनउगाही का भी है आरोप
प्रशिक्षण में मौजूद कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया की सरकार की तरफ से मिले मोबाइल फोन को वितरण से पूर्व 400 रुपये की डिमांड की गई। जिन लोगों ने रुपये नहीं दिए उन्हें मोबाइल फोन नहीं दिया गया। प्रशिक्षण में रक्सा कलां की कौसर जहां, पचदेउरा की रेहाना खातून, करमा खान की सुमन देवी, सुषमा दरियाबाद, किशोरी देवी पिपरा हंकार, राजमती देवी समेत कई कार्यकर्ताओं ने अब तक मोबाइल फोन नहीं मिलने की बात कही है। प्रभारी सीडीपीओ लीलावती ने बताया की मोबाइल फोन सब को दिया जाना है। अगर किसी को समय से नहीं दिया गया तो इसके लिए कार्यालय के लिपिक जिम्मेदार हैं।
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आरोपों की कराई जाएगी जांच : डीपीओ
जिला कार्यक्रम अधिकारी विजय श्री ने बताया कि यह प्रशिक्षण काफी महत्वपूर्ण है, जो भी आरोप लग रह हैं इनकी जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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सिर्फ चार्ट पेपर और मोबाइल के जरिए दिया जा रहा प्रशिक्षण, प्रोजेक्टर का नहीं हो रहा उपयोग
अमर उजाला ब्यूरो
सेमरियावां। स्थानीय ब्लॉक सभागार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण लापरवाही का शिकार होकर रह गया है। मोबाइल एप के प्रयोग के लिए दिए जा रहे इस प्रशिक्षण में प्रोजेक्टर के प्रयोग का निर्देश है, लेकिन हालत यह है कि सिर्फ चार्ट पेपर और मोबाइल के जरिए ही प्रशिक्षण कार्य पूरा किया जा रहा है। प्रशिक्षणार्थियों में खराब गुणवत्ता का भोजन देने पर भी नाराजगी है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों के साथ-साथ गृह भ्रमण और पोषाहार वितरण संबंधी समस्त जानकारियां कॉम केयर मोबाइल एप पर अपलोड करना है। कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन देकर एप पर सूचनाएं अपलोड करने का प्रशिक्षण ब्लॉक सभागार में दिया जा रहा है। 30-30 कार्यकर्ताओं का बैच बनाकर छह चरणों में प्रशिक्षण पूरा किया जाना है। महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में विभागीय लापरवाही के कारण अव्यवस्था है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रेमपति, निर्मला देवी, शहनाज बेगम, जरीना, सीमा प्रजापति, विद्यावती, रेहाना खातून आदि ने बताया कि प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के भोजन, चाय आदि के लिए प्रतिदिन 125 रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसका आधा रकम भी खर्च नहीं हो रहा है। स्टेशनरी के लिए प्रति व्यक्ति 20 रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि कोई स्टेशनरी नहीं दी गई। प्रशिक्षण के दौरान एक हजार रुपये प्रोजेक्टर पर खर्च होना है, लेकिन प्रोजेक्टर भी नहीं लगा है। बैठने के लिए टेंट हाउस से सिर्फ 20 कुर्सियां मंगवाई गई हैं।
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धनउगाही का भी है आरोप
प्रशिक्षण में मौजूद कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया की सरकार की तरफ से मिले मोबाइल फोन को वितरण से पूर्व 400 रुपये की डिमांड की गई। जिन लोगों ने रुपये नहीं दिए उन्हें मोबाइल फोन नहीं दिया गया। प्रशिक्षण में रक्सा कलां की कौसर जहां, पचदेउरा की रेहाना खातून, करमा खान की सुमन देवी, सुषमा दरियाबाद, किशोरी देवी पिपरा हंकार, राजमती देवी समेत कई कार्यकर्ताओं ने अब तक मोबाइल फोन नहीं मिलने की बात कही है। प्रभारी सीडीपीओ लीलावती ने बताया की मोबाइल फोन सब को दिया जाना है। अगर किसी को समय से नहीं दिया गया तो इसके लिए कार्यालय के लिपिक जिम्मेदार हैं।
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आरोपों की कराई जाएगी जांच : डीपीओ
जिला कार्यक्रम अधिकारी विजय श्री ने बताया कि यह प्रशिक्षण काफी महत्वपूर्ण है, जो भी आरोप लग रह हैं इनकी जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।