{"_id":"652eed84b4a70c4e6a097924","slug":"the-goldsmith-community-needs-to-unite-for-their-rights-and-respect-sambhal-news-c-275-1-smbd1033-4045-2023-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: स्वर्णकार समाज को अपने हक व सम्मान के लिए एकजुट होने की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: स्वर्णकार समाज को अपने हक व सम्मान के लिए एकजुट होने की जरूरत
विज्ञापन
संभल। नगर के बरेली सराय स्थित एक मैरिज हॉल में मैंढ़ कुनबा मासिक पत्र की ओर से श्री अजमीढ़ महाराज की जयंती पर स्वर्णकार सम्मान समारोह व परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया।
सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा भारत माता व अजमीढ़ महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया गया। बच्चों ने मां सरस्वती की वंदना व अतिथियों के आदर-सत्कार में सुंदर नृत्य द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि राकेश वर्मा ने कहा कि अजमीढ़ महाराज स्वर्णकार समाज के देवता हैं, जो धर्म और कर्म में विश्वास रखते थे। उन्हें आभूषण बनाने का शौक था।
आभूषण बनाकर वह अपने प्रिय जनों को भेंट किया करते थे, उनके इसी शौक को उनके वंशजों ने आगे बढ़ाकर व्यवसाय के रूप में अपना लिया। तभी से वह स्वर्णकार के रूप में जाने गए और अब तक आभूषण बनाने का यह व्यवसाय स्वर्णकारों द्वारा जारी है। राजेश वर्मा ने कहा कि स्वर्णकार समाज का अस्तित्व सदियों से है। इस अस्तित्व और सम्मान को प्राप्त करने के लिए समस्त समाज को एकजुट होकर संगठित होने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
कार्यक्रम में बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ के तहत 11 बालिकाओं को सम्मानित किया गया। प्रदीप कुमार वर्मा, उमाशंकर वर्मा, राजेश वर्मा, चंचल वर्मा, राकेश वर्मा नंद गोपाल वर्मा आदि रहे। अध्यक्षता कृष्ण कुमार वर्मा व संचालन अदिति वर्मा और विकास कुमार वर्मा ने किया।
विज्ञापन
सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा भारत माता व अजमीढ़ महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया गया। बच्चों ने मां सरस्वती की वंदना व अतिथियों के आदर-सत्कार में सुंदर नृत्य द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि राकेश वर्मा ने कहा कि अजमीढ़ महाराज स्वर्णकार समाज के देवता हैं, जो धर्म और कर्म में विश्वास रखते थे। उन्हें आभूषण बनाने का शौक था।
विज्ञापन
आभूषण बनाकर वह अपने प्रिय जनों को भेंट किया करते थे, उनके इसी शौक को उनके वंशजों ने आगे बढ़ाकर व्यवसाय के रूप में अपना लिया। तभी से वह स्वर्णकार के रूप में जाने गए और अब तक आभूषण बनाने का यह व्यवसाय स्वर्णकारों द्वारा जारी है। राजेश वर्मा ने कहा कि स्वर्णकार समाज का अस्तित्व सदियों से है। इस अस्तित्व और सम्मान को प्राप्त करने के लिए समस्त समाज को एकजुट होकर संगठित होने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
कार्यक्रम में बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ के तहत 11 बालिकाओं को सम्मानित किया गया। प्रदीप कुमार वर्मा, उमाशंकर वर्मा, राजेश वर्मा, चंचल वर्मा, राकेश वर्मा नंद गोपाल वर्मा आदि रहे। अध्यक्षता कृष्ण कुमार वर्मा व संचालन अदिति वर्मा और विकास कुमार वर्मा ने किया।