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बारिश, ओलावृष्टि से ठंड बढ़ी, सड़कों पर पसरी गंदगी
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चंदौसी। रविवार की सुबह से शुरू जबरदस्त बारिश से शहर के कई स्थानों पर जलभराव हो गया। सड़कों से पानी उतरने के बाद नालियों की गंदगी सड़कों पर पसरी रही। जिले में जगह-जगह ओलावृष्टि भी हुई। मौसम में हल्की ठंड बढ़ी है। सड़कों पर फैले कीचड़ से नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। देर शाम तक सड़कों पर कीचड़ व गंदगी होने से आवागमन प्रभावित बना रहा। वहीं मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि आगामी दो बादल छाए रहेंगे।
रविवार की सुबह चार बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश सुबह करीब नौ बजे तक जारी बनी रही। इसके बाद देर शाम तक रुक-रुककर बूंदाबांदी का क्रम बना रहा। शनिवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे से रविवार की सुबह साढ़े आठ बजे तक 20.5 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। बारिश व ओलावृष्टि होने से ठंड अधिक बढ़ गई है। सुबह हुई बारिश से शहर के स्टेशन रोड, शक्ति नगर, गैस गोदाम, पंचशील कॉलोनी, विकास नगर, संभल गेट, गोशाला रोड, आवास विकास, जारई गेट, सीकरी गेट, नोनवाला मोहल्ला, सीता रोड, बिसौली गेट सहित कई स्थानों पर सड़कों पर जलभराव हो गया। बारिश खत्म होने पर सुबह दस बजे सड़कों से पानी उतर सका। इसके बाद सड़क पर नालियों की गंदगी व कीचड़ होने से नागरिकों को आवागमन का सामना करना पड़ा। पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरके सिंह का कहना है कि आगामी दो दिन बादल छाए रहने का अनुमान है।
आलू व सरसों के लिए 'अभिशाप' बनकर बरसे बदरा
चंदौसी। रविवार की सुबह हुई झमाझम बारिश व ओलावृष्टि से आलू व सरसों की फसल के लिए अभिशाप बनकर बरसी है। इस बारिश से आलू व सरसों की फसल को भारी नुकसान है। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें स्पष्ट नजर आ रही हैं।
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रविवार की सुबह करीब चार बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश व ओलावृष्टि के मध्यम गति की हवा भी चली। कुढ़फतेहगढ़, बनियाठेर, संभल, असमोली क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई। जिससे सरसों की अगेती फसल पर आया फूल गिर गया, कहीं-कहीं फसल भी गिर गई। इससे सरसों की फसल को नुकसान है। पिछले करीब छह दिनों से मौसम खराब है और आसमान में बादल छाए हुए हैं। बारिश भी हो रही है। आलू के खेतों में लगातार नमी बनी है और पानी भी भरा हुआ है। ऐसी स्थिति में जमीन के अंदर आलू की फसल में गलन उत्पन्न हो जाएगी। साथ ही पौधे पर ऊपरी की ओर फफूंदी और झुलसा रोग बढ़ जाएगा। दोनों ही स्थिति में आलू की फसल को नुकसान है। इसको लेकर किसान चिंतित हैं।
किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश से उनकी फसल को खराब करने का कार्य किया है। आलू व सरसों की फसल में पानी भरने से फसल बर्बाद होने का खतरा है। किसानों ने बताया कि कर्जा लेकर आलू व सरसों की फसल लगाई थी। फसल अच्छी होने पर अब बारिश ने उनकी फसल को बर्बाद करने का कार्य किया है।
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रविवार की सुबह चार बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश सुबह करीब नौ बजे तक जारी बनी रही। इसके बाद देर शाम तक रुक-रुककर बूंदाबांदी का क्रम बना रहा। शनिवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे से रविवार की सुबह साढ़े आठ बजे तक 20.5 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। बारिश व ओलावृष्टि होने से ठंड अधिक बढ़ गई है। सुबह हुई बारिश से शहर के स्टेशन रोड, शक्ति नगर, गैस गोदाम, पंचशील कॉलोनी, विकास नगर, संभल गेट, गोशाला रोड, आवास विकास, जारई गेट, सीकरी गेट, नोनवाला मोहल्ला, सीता रोड, बिसौली गेट सहित कई स्थानों पर सड़कों पर जलभराव हो गया। बारिश खत्म होने पर सुबह दस बजे सड़कों से पानी उतर सका। इसके बाद सड़क पर नालियों की गंदगी व कीचड़ होने से नागरिकों को आवागमन का सामना करना पड़ा। पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरके सिंह का कहना है कि आगामी दो दिन बादल छाए रहने का अनुमान है।
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आलू व सरसों के लिए 'अभिशाप' बनकर बरसे बदरा
चंदौसी। रविवार की सुबह हुई झमाझम बारिश व ओलावृष्टि से आलू व सरसों की फसल के लिए अभिशाप बनकर बरसी है। इस बारिश से आलू व सरसों की फसल को भारी नुकसान है। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें स्पष्ट नजर आ रही हैं।
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रविवार की सुबह करीब चार बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश व ओलावृष्टि के मध्यम गति की हवा भी चली। कुढ़फतेहगढ़, बनियाठेर, संभल, असमोली क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई। जिससे सरसों की अगेती फसल पर आया फूल गिर गया, कहीं-कहीं फसल भी गिर गई। इससे सरसों की फसल को नुकसान है। पिछले करीब छह दिनों से मौसम खराब है और आसमान में बादल छाए हुए हैं। बारिश भी हो रही है। आलू के खेतों में लगातार नमी बनी है और पानी भी भरा हुआ है। ऐसी स्थिति में जमीन के अंदर आलू की फसल में गलन उत्पन्न हो जाएगी। साथ ही पौधे पर ऊपरी की ओर फफूंदी और झुलसा रोग बढ़ जाएगा। दोनों ही स्थिति में आलू की फसल को नुकसान है। इसको लेकर किसान चिंतित हैं।
किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश से उनकी फसल को खराब करने का कार्य किया है। आलू व सरसों की फसल में पानी भरने से फसल बर्बाद होने का खतरा है। किसानों ने बताया कि कर्जा लेकर आलू व सरसों की फसल लगाई थी। फसल अच्छी होने पर अब बारिश ने उनकी फसल को बर्बाद करने का कार्य किया है।