भ्रष्टाचार पर संभल डीएम सख्त: सरकारी धन के बंदरबांट पर कराया केस, तकनीकी सहायक गिरफ्तार.. प्रधान व सचिव फरार
सड़क निर्माण में फर्जीवाड़ा कर पैसा हड़पने वाले तकनीकी सहायक इंद्रेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिलाधिकारी ने इस मामले में केस दर्ज करवाया था। आरोप है कि पंचायत सचित, ग्राम प्रधान और तकनीकी सहायक ने मिलकर 1.69 लाख का गबन किया है।
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जुनावई क्षेत्र के गांव रतीपुरधीर में सड़क निर्माण में फर्जीवाड़ा कर ग्रामनिधि का पैसा हड़पने वाले तकनीकी सहायक इंद्रेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में सितंबर माह में डीएम के आदेश पर पंचायत सचित, ग्राम प्रधान और तकनीकी सहायक के खिलाफ 1.69 लाख रुपये गबन करने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तभी से तीनों फरार चल रहे थे।
जुनावई ब्लॉक के गांव रतीपुरधीर में मनरेगा योजना से 63 मीटर लंबी सड़क पर इंटरलॉकिंग कार्य प्रस्तावित था। पंचायत सचिव और प्रधान ने तकनीकि सहायक से मिलकर सांसद निधि द्वारा कराए गए कार्य में से 54 मीटर कार्य को मनरेगा योजना में शामिल कर लिया।
इसके बाद गांव निवासी दिनेश के घर से गेंदनलाल के घर तक नई आईडी जनरेट कर मौके पर नौ मीटर अतिरिक्त कार्य कराकर 63 मीटर का पैसा 1.69 लाख रुपये निकालकर हड़प लिया। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र भेजकर इसकी शिकायत की थी। डीएम ने जांच कराई तो आरोप सही पाए गए।
डीएम के आदेश पर 12 सितंबर को बीडीओ जुनावई ने थाने में तकनीकि सहायक इंद्रेश कुमार, पंचायत सचिव ओमवीर सिंह और प्रधान ममता देवी के खिलाफ सरकारी पैसे का दुरुयोग करने की धारा 409 में मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से तीनों फरार चल रहे थे।
बुधवार को पुलिस ने आरोपी तकनीकि सहायक इंद्रेश कुमार को बैरपुर मोड़ के पास से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। जबकि फरार चल रही ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की गिरफ्तारी को दबिश दी।
लापरवाही पर ग्राम प्रधान और सचिव को कारण बताओ नोटिस
परिषदीय विद्यालय में विकास कार्य न कराने के मामले में बीडीओ ने ग्राम पंचायत श्योराजपुर के ग्राम प्रधान करन सिंह और सचिव अनिल कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बीडीओ प्रेमचंद्र ने बताया कि ग्राम प्रधान व सचिव की ओर से ग्राम पंचायत के परिषदीय विद्यालय की कक्षाओं में टाइल्स लगाने का काम पूरा नहीं कराया है।
वहीं दिव्यांग शोचालय भी नहीं बनवाया गया है। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा गांव की अस्थाई गोशाला में भी टीनशेड, चाहरदीवारी, भूसाघर व मुख्यद्वार का निर्माण नहीं कराया गया है। इससे सर्दी के मौसम में गोवंश को परेशानी हो रही है।
बीडीओ ने बताया कि सप्ताह भर में नोटिस का जवाब न मिलने पर पंचायती राज अधिनियम समेत पशु क्रूरता अतिचार अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को आख्या भेज दी जाएगी।