{"_id":"6979292667b4a672860e6d29","slug":"shankaracharya-should-give-up-his-stubbornness-and-return-to-the-monastery-pramod-krishnam-sambhal-news-c-275-1-smbd1030-131628-2026-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"शंकराचार्य को हठ छोड़कर मठ जाना चाहिए : प्रमोद कृष्णम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शंकराचार्य को हठ छोड़कर मठ जाना चाहिए : प्रमोद कृष्णम
विज्ञापन
संभल। जो लोग देश को तोड़ना चाहते हैं वह शंकराचार्य का इस्तेमाल करना चाहते हैं। इसलिए मेरा निवेदन है कि शंकराचार्य हठ छोड़कर मठ चले जाएं। देश को तोड़ने वाले वामपंथी दल उनका समर्थन करेंगे। पाकिस्तान और बांग्लादेश का भी समर्थन मिलेगा। इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि शंकराचार्य अपनी हठ छोड़ दें और मठ लौट जाएं। यह कहना है श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम का।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विवाद को लेकर आचार्य ने कहा कि अखिलेश यादव 2027 के चुनाव के चलते हिंदुओं को बांटना चाहते हैं। इसलिए वह शंकराचार्य जी को मोहरा बना रहे हैं। आगे कहा कि शंकराचार्य के समर्थन में मुस्लिम लीग भी आ सकती है। बाबर के वंशज देश को तोड़ना चाहते हैं। एक दूसरे सवाल पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शंकराचार्य का सम्मान करते हैं। यदि सम्मान नहीं करते तो अभी तक बुलडोजर चल गया होता। संवाद
विज्ञापन
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विवाद को लेकर आचार्य ने कहा कि अखिलेश यादव 2027 के चुनाव के चलते हिंदुओं को बांटना चाहते हैं। इसलिए वह शंकराचार्य जी को मोहरा बना रहे हैं। आगे कहा कि शंकराचार्य के समर्थन में मुस्लिम लीग भी आ सकती है। बाबर के वंशज देश को तोड़ना चाहते हैं। एक दूसरे सवाल पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शंकराचार्य का सम्मान करते हैं। यदि सम्मान नहीं करते तो अभी तक बुलडोजर चल गया होता। संवाद
विज्ञापन