संभल बवाल: शामिल साटा गिरोह के सदस्यों की पुलिस को तलाश, आरोपियों में सांसद बर्क और विधायक का बेटा भी शामिल
संभल बवाल में शारिक साटा गिरोह की बड़ी साजिश सामने आई है, जिसके कई सदस्य भूमिगत हो गए हैं। पुलिस अब तक गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इन पर चार हत्याओं का आरोप है। पुलिस बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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संभल में 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में शारिक साटा गिरोह ने बड़ी साजिश रची थी। इसके चलते ही पुलिस की कई टीमें साटा गिरोह के सदस्यों की तलाश में लगी हैं, लेकिन अभी तक कोई बड़ी सफलता पुलिस के हाथ नहीं लगी है। साटा गिरोह के सदस्य भूमिगत हो गए हैं।
वहीं, साटा के परिवार ने भी घर छोड़ दिया है। पुलिस साटा के परिवार की भी खोजबीन कर रही है। पुलिस साटा गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस का कहना है कि दोनों ही आरोपियों ने चार हत्याएं की थीं। पुलिस को पूछताछ में आरोपियों ने यह भी जानकारी दी थी कि बवाल में कौन-कौन शामिल रहा था।
इसके बाद से ही पुलिस की टीम उन्हीं आरोपियों की तलाश में जुटी है। संभल कोतवाली पुलिस शारिक साटा गिरोह के सदस्य मुल्ला अफरोज और वारिस को जेल भेजा चुकी है। पुलिस का कहना है कि इन दोनों ही चार हत्याएं की थीं। बिलाल और अयान की हत्या का आरोप मुल्ला अफरोज पर लगा है। जिससे 32 बोर की पिस्टल पुलिस ने बरामद की थी।
वारिस पर तुर्तीपुर इल्हा निवासी कैफ और मोहल्ला कोटगर्बी निवासी नईम की हत्या का आरोप है। इन दोनों ही पुलिस को पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी थीं। उसी जानकारी के आधार पर पुलिस तलाश में जुटी है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि टीमें लगातार काम कर रही हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
रोमान की मौत हुई गुमनाम, परिजनों ने नहीं कराई थी कोई कार्रवाई
24 नवंबर को बवाल में पांच लोगों की मौत हुई थी। इसमें हयातनगर निवासी रोमान भी शामिल था। सरायतरीन निवासी बिलाल, मोहल्ला कोटगर्बी निवासी अयान, नईम और तुर्तीपुर इल्हा निवासी कैफ के परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन रोमान के परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था।
रोमान बवाल का शिकार हुआ और न्याय भी नहीं मिल सका। पुलिस भी कार्रवाई आगे इसलिए नहीं बढ़ा सकी कि रोमान का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। जिससे यह स्पष्ट हो पाता कि मौत किस कारण से हुई थी। हालांकि, रोमान के परिजनों का दावा है कि गोली लगने से मौत हुई थी।
एक एफआईआर में सांसद बर्क और विधायक का बेटा सुहेल भी हैं आरोपी
बवाल में सात एफआईआर दर्ज की गई थीं। इसमें पांच एफआईआर संभल कोतवाली और दो एफआईआर नखासा थाने में दर्ज हैं। संभल कोतवाली में दर्ज एक एफआईआर में सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल भी आरोपी हैं। सांसद पर भड़काऊ भाषण देने और विधायक के बेटे पर उकसाने का आरोप है। 2750 अज्ञात आरोपी हैं। अभी तक पुलिस ने 73 ही आरोपी जेल भेजे हैं।