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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Sambhal: Attempt to restore old form of pilgrimage sites and wells, request to Archaeological Directorate

संभल की धरोहर: तीर्थों और कूपों को पुराने स्वरूप में लाने की कोशिश, पुरातत्व निदेशालय से किया जा रहा अनुरोध

Mon, 06 Jan 2025 12:05 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल Published by: विमल शर्मा Updated Mon, 06 Jan 2025 12:05 PM IST
सार

संभल के प्राचीन तीर्थ और कूपों को पुराने स्वरूप में लौटाने और संरक्षित इमारतों की देखभाल के लिए डीएम ने पुरातत्व निदेशालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से सहयोग का आग्रह किया है। 68 तीर्थों और 19 कूपों में से 34 तीर्थ और 19 कूपों के संरक्षण का कार्य जारी है। संभल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के प्रयास हो रहे हैं।

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Sambhal: Attempt to restore old form of pilgrimage sites and wells, request to Archaeological Directorate
संभल की जामा मस्जिद - फोटो : संवाद

विस्तार

संभल के प्राचीन तीर्थ और कूप की निगरानी के लिए पुरातत्व निदेशालय लखनऊ की टीम का सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया पत्राचार करेंगे। जिससे इन प्राचीन तीर्थ और कूप को पुराने स्वरूप में लौटाया जा सके। वहीं, दूसरी ओर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए भी डीएम द्वारा पत्राचार किया जाएगा।

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जिससे संरक्षित इमारतों की देखभाल बेहतर तरीके से हो सके। जहां अतिक्रमण है वहां अतिक्रमण हटाया जाए और अवैध निर्माण कोई न हो सके। डीएम ने बताया कि संभल ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी है। इस नगरी को पयर्टन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
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68 तीर्थ और 19 कूप इस नगरी के धार्मिक महत्व को बयान करते हैं। 34 तीर्थ और 19 कूप को संवारने का काम किया जा रहा है। जो 34 तीर्थ चिह्नित किए जाने हैं उनके लिए भी टीम को लगाया गया है। डीएम ने बताया कि कूप और तीर्थ जल संरक्षण के केंद्र होते हैं। इन संरक्षण केंद्रों को पुराने स्वरूप में लाने के लिए प्रयास हैं। यमतीर्थ को बंधन योजना के अंतर्गत संवारा जा रहा है। 

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अभी संभल की छह इमारतों का संरक्षण करती है एएसआई

संभल जिला ऐतिहासिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण है। मुगलकाल और राजपूत शासनकाल की इमारतें इसकी गवाही देती हैं। छह इमारतों का संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किया जा जाता है। इसमें संभल जामा मस्जिद, फिरोजपुर किला, सौंधन का किला, सरथल का किला, बेरनी और गुमथल की इमारतें शामिल हैं।



सौंधन किले के आसपास अतिक्रमण हटाया जाना है। फिरोजपुर किले के पास से अतिक्रमण हटाया जा चुका है। डीएम ने बताया कि शनिवार को सौंधन में स्थित प्राचीन किले का निरीक्षण किया तो काफी समस्याएं दिखाई दीं। चूंकी संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का है तो उन्हीं के द्वारा इसकी देखभाल की जा सकती है।

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