{"_id":"6a9dcbe8cbeea474280c1ec7","slug":"people-rushed-upon-hearing-a-loud-explosion-upon-reaching-the-scene-they-found-bodies-scattered-about-sambhal-news-c-275-1-smbd1030-140022-2026-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: जोरदार धमाका सुन दौड़े लोग... मौके पर पहुंचे तो बिखरे पड़े थे शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: जोरदार धमाका सुन दौड़े लोग... मौके पर पहुंचे तो बिखरे पड़े थे शव
Mon, 07 Sep 2026 01:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Mon, 07 Sep 2026 01:54 AM IST
विज्ञापन
संभल। हम घर में बैठे हुए थे, अचानक तेज धमाके की आवाज आई। हमें लगा कि शायद किसी वाहन का टायर फट गया है। बाहर गए तो दूर तक शव पड़े दिखाई दिए। मौके पर पहुंचे तो खून ही खून पड़ा था। दोनों बच्चों की मौत हो गई थी। ऑटो चालक मदद की गुहार लगा रहा था लेकिन वह फंसा हुआ था, कई लोगों ने निकालने की कोशिश की लेकिन नहीं निकाल सके। जब तक निकाला गया, उसकी भी जान चली गई।
प्रत्यक्षदर्शी रामवीर ने बताया कि राहगीर भी हादसा देखकर जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी। साथ ही जो घायल इधर-उधर पड़े थे, उनको उठाया। 15 मिनट में पुलिस और एंबुलेंस पहुंच गई थी, तब जाकर सभी को अस्पताल भेजा गया। बताया कि डंपर का चालक भाग गया था। चंदौसी से बबराला जा रहे बिलारी निवासी सुमित ने बताया कि वह करीब 200 मीटर दूर डंपर से चल रहे थे।
हादसा कैसे हुआ यह नहीं देख सके लेकिन डंपर पलटते हुए और ऑटो उछलते हुए दिखाई दिया। बाइक कुछ पीछे रोक ली थी। शुरुआत में समझ नहीं आया कि क्या किया जाए। हादसा देखकर दहशत हो गई थी। टक्कर होने से तेज धमाके जैसी आवाज हुई थी।
विज्ञापन
0000000
पीटीओ ने की जांच, तीन सीटर ऑटो में सवार थे 10 लोग
एआरटीओ अमिताभ चतुर्वेदी ने बताया कि हादसे की जांच के लिए पीटीओ योगेंद्र कुमार यादव गए थे। उन्होंने जांच में पाया है कि ऑटो के आगे चल रहे दिव्यांग ने अचानक गलत दिशा में ट्राइसाइकिल मोड़ दी थी, ऑटो चालक ने कट लिया तो वह सीधे डंपर से टकरा गया। हादसे के समय ऑटो में दो बच्चों समेत 10 लोग सवार थे। जिसमें छह की मौत हो गई और चार घायल हैं। एआरटीओ से ऑटो के मानक पर सवाल किया तो उन्होंने बताया कि ऑटो का परमिट तीन यात्रियों का होता है।
000000000
तीन जगह तैनात रहती है यातायात पुलिस...ऑटो रोक लेती तो बच सकती थी छह लोगों की जान
बहजोई से चंदौसी के लिए 50 से ज्यादा ऑटो चलते हैं। इनमें किसी भी ऑटो में नियमों का पालन नहीं होता है। ऑटो जहां से चलते हैं, वहां से लेकर बहजोई कस्बा निकलने तक तीन जगह यातायात पुलिस की तैनाती रहती है। इस दौरान न किसी ऑटो को रोका जाता है और न उसमें नियम के हिसाब से यात्री लेकर जाने की हिदायत दी जाती है। रविवार की सुबह यदि 10 लोगों को लेकर चंदौसी जा रहे ऑटो को रोक लिया जाता तो हादसा बच सकता था। छह लोगों की मौत नहीं होती। पुलिस कर्मियों की अनदेखी के चलते ऑटो आगे बढ़ गया और हादसे का शिकार हो गया। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग का दावा है कि कार्रवाई लगातार की जा रही है लेकिन यह कार्रवाई होने के बाद भी नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा.. इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
विज्ञापन
प्रत्यक्षदर्शी रामवीर ने बताया कि राहगीर भी हादसा देखकर जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी। साथ ही जो घायल इधर-उधर पड़े थे, उनको उठाया। 15 मिनट में पुलिस और एंबुलेंस पहुंच गई थी, तब जाकर सभी को अस्पताल भेजा गया। बताया कि डंपर का चालक भाग गया था। चंदौसी से बबराला जा रहे बिलारी निवासी सुमित ने बताया कि वह करीब 200 मीटर दूर डंपर से चल रहे थे।
विज्ञापन
हादसा कैसे हुआ यह नहीं देख सके लेकिन डंपर पलटते हुए और ऑटो उछलते हुए दिखाई दिया। बाइक कुछ पीछे रोक ली थी। शुरुआत में समझ नहीं आया कि क्या किया जाए। हादसा देखकर दहशत हो गई थी। टक्कर होने से तेज धमाके जैसी आवाज हुई थी।
विज्ञापन
0000000
पीटीओ ने की जांच, तीन सीटर ऑटो में सवार थे 10 लोग
एआरटीओ अमिताभ चतुर्वेदी ने बताया कि हादसे की जांच के लिए पीटीओ योगेंद्र कुमार यादव गए थे। उन्होंने जांच में पाया है कि ऑटो के आगे चल रहे दिव्यांग ने अचानक गलत दिशा में ट्राइसाइकिल मोड़ दी थी, ऑटो चालक ने कट लिया तो वह सीधे डंपर से टकरा गया। हादसे के समय ऑटो में दो बच्चों समेत 10 लोग सवार थे। जिसमें छह की मौत हो गई और चार घायल हैं। एआरटीओ से ऑटो के मानक पर सवाल किया तो उन्होंने बताया कि ऑटो का परमिट तीन यात्रियों का होता है।
000000000
तीन जगह तैनात रहती है यातायात पुलिस...ऑटो रोक लेती तो बच सकती थी छह लोगों की जान
बहजोई से चंदौसी के लिए 50 से ज्यादा ऑटो चलते हैं। इनमें किसी भी ऑटो में नियमों का पालन नहीं होता है। ऑटो जहां से चलते हैं, वहां से लेकर बहजोई कस्बा निकलने तक तीन जगह यातायात पुलिस की तैनाती रहती है। इस दौरान न किसी ऑटो को रोका जाता है और न उसमें नियम के हिसाब से यात्री लेकर जाने की हिदायत दी जाती है। रविवार की सुबह यदि 10 लोगों को लेकर चंदौसी जा रहे ऑटो को रोक लिया जाता तो हादसा बच सकता था। छह लोगों की मौत नहीं होती। पुलिस कर्मियों की अनदेखी के चलते ऑटो आगे बढ़ गया और हादसे का शिकार हो गया। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग का दावा है कि कार्रवाई लगातार की जा रही है लेकिन यह कार्रवाई होने के बाद भी नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा.. इसका जवाब किसी के पास नहीं है।