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गन्ने की फसल में चोटी बेधक कीट ने किसानों की बढ़ाई चिंता

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 06 May 2022 12:18 AM IST
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Peak borer pest in sugarcane crop increased the concern of farmers
गन्ने की फसल में चोटी बेधक कीट (टॉप बोरर) ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस रोग से फसल को बचाने के लिए यूपी गन्ना शोध परिषद ने एडवाजरी जारी की है। परिषद ने कीट के प्रकार, लक्षण और इससे निपटने के लिए कीटनाशक की जानकारी साझा की है। संबंधित मिलों के अधिकारी भी किसानों को सलाह दे रहे हैं।
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असमोली चीनी मिल की ओर से किसानों को छूट पर कीटनाशक छिड़काव के लिए दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय से इस रोग पर काबू नहीं पाया गया तो गन्ने की फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है। इसलिए किसान 15 मई से पहले फसल पर कीटनाशक का छिड़काव करें।
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संभल जनपद में करीब 60 हजार हेक्टेयर भूमि पर गन्ने की फसल का उत्पादन होता है। इस बार गन्ने की फसल में चोटी बेधक कीट की प्रथम एवं द्वितीय पीढ़ी का प्रकोप देखा जा रहा है। खेत में खड़े गन्ने के पौध में प्रथम एवं द्वितीय पीढ़ी कीटों के अंडे या सूड़ियां दिखाई दें तो उससे प्रभावित पत्तियों को तोड़ कर नष्ट कर दें। अधिक प्रभावित पौधों को खुरपी से पूरा काट कर नष्ट कर दें। अंडों के समूहों एवं सूड़ियों को एकत्र कर के नष्ट कर देने से इस कीट की सूड़ी गन्ने के पौधे की गोफ में नहीं घुस पाती है तथा अगली पीढ़ी से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। ऐसा न करने पर सूड़ियां पत्ती की मध्य शीरा से प्रवेश कर गन्ने के गोफ में घुस जाती हैं और गन्ने के पौधे की बढ़ वार को रोक देती है।
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जिला कृषि अधिकारी ओंकार सिंह ने बताया कि चोटी बेधक कीट का अधिक प्रकोप गन्ने की प्रजाति कोशा-0238 में है। चोटी बेधक कीट नियंत्रण को क्लोरेंट्रोनीलीप्रोल रसायन 18.5 प्रतिशत और एसएसी 150 एमएल दवा का 400 लीटर पानी में घोल तैयार कर लें। यह घोल स्प्रे मशीन से जड़ के भाग में करना चाहिए। कोरोजन का स्प्रे भी कर सकते हैं। स्प्रे करने से कीट की रोकथाम और नियंत्रण में मदद मिलेगी।

पौधों पर ऐसे करें दवा का छिड़काव
संभल। असमोली चीनी मिल के वरिष्ठ महाप्रबंधक (गन्ना) आजाद सिंह ने बताया कि उप गन्ना शोध परिषद ने जो एडवाजरी जारी की है, उसमें बताया है कि रसायनिक नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 40 प्रतिशत रसायन को एक मिली लीटर प्रति लीटर पानी के साथ घोल बनाकर थोड़ा सा शैंपू मिलाएं और पौधों पर ड्रेन्चिंग करने से पौधे के ऊपर पाए जाने वाले अंडों के समूह, सूड़ियां एवं तितलियां नष्ट हो जाती हैं। अधिक प्रभावित फसल एवं गोफ के अंदर प्रवेश कर चुकी सूड़ियों को नष्ट करने के लिए क्लोरेन्ट्रेनिलिप्रोल 185 एससी 150 एमएल को 400 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ की दर से मई माह के प्रथम सप्ताह में खेत में नमी की स्थिति में गन्ने की लाइनों में जड़ों के पास ड्रेन्चिंग करें। इसके साथ ही खेत की सिंचाई नहीं हुई हो तो ड्रेन्चिंग करने के बाद सिंचाई कर दें। इस कीट के जैविक नियंत्रण के लिए परजीवी ट्राइकोग्रामा जापोनिकम की 20 हजार वयस्क (चार से पांच ट्राईको कार्ड) प्रति हेक्टेयर की दर से मई के प्रथम सप्ताह से अगस्त तक 30 दिन के अंतराल पर लगाएं। इससे चोटी बेधक के अंडों को किया जाता है।
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