{"_id":"5dc324da8ebc3e5b213bba1c","slug":"death-to-dengue-chandausi-news-mbd328351637","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंदौसी में डेंगू आशंकित पेंटर की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंदौसी में डेंगू आशंकित पेंटर की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंदौसी। बदलते मौसम के बीच बुखार से मौतों का सिलसिला कम नहीं हो रहा है। पिछले दो महीनों के दौरान 38 मौतें पहले ही हो चुकी हैं। बुधवार को चंदौसी में एक और डेंगू पीड़ित पेंटर की मौत से यह आंकड़ा 39 हो गया है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग एवं नगर पालिका परिषद द्वारा फागिंग आदि कराने के प्रयासों में तेजी नहीं लाई जा रही है। पालिका ने फागिंग कराने का एक शेड्यूल जारी किया।
शहर के भेतरी फाटक के निकट स्थित असलम नगर निवासी मुश्ताक हुसैन (40) पुत्र रसीद हुसैन को पिछले चार दिनों से बुखार आ रहा था। निजी चिकित्सालयों में दिखाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
बुखार भी कम नहीं हुआ तो मंगलवार की रात को उसकी तबियत बिगड़ गई तो उसे मुरादाबाद के एक हास्पिटल में ले जाया गया। वहां मरीज को डेंगू की आशंका जताई लेकिन यह भी कहा गया कि डेंगू मरीज के लिए अभी उनके अस्पताल में बेड खाली नहीं है। आखिरकार, मुश्ताक को काशीपुर ले जाने लगे। बताते हैं कि रात करीब साढ़े तीन बजे उसे खून की उल्टी आई, उसके कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
परिजन उसे घर वापस ले आए। मृतक के भाई गुलाम हुसैन ने बताया कि डाक्टरों ने मुश्ताक को डेंगू होने की आशंका जताई थी। मुश्ताक की मौत से उसकी पत्नी सितारा बेगम व तीन बच्चों का रोते रोते बुरा हाल है। इधर, पिछले दो महीनों में जिले में डेंगू आशंकितों समेत बुखार से ग्रस्त लोगों की मौत का आंकड़ा 39 हो गया है। हालांकि इसे लेकर ग्राम पंचायतें व स्थानीय निकाय गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। फागिंग आदि अपेक्षानुरूप नहीं कराई जा रही है। जिससे नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों की भरमार है।
विज्ञापन
शहर के भेतरी फाटक के निकट स्थित असलम नगर निवासी मुश्ताक हुसैन (40) पुत्र रसीद हुसैन को पिछले चार दिनों से बुखार आ रहा था। निजी चिकित्सालयों में दिखाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
विज्ञापन
बुखार भी कम नहीं हुआ तो मंगलवार की रात को उसकी तबियत बिगड़ गई तो उसे मुरादाबाद के एक हास्पिटल में ले जाया गया। वहां मरीज को डेंगू की आशंका जताई लेकिन यह भी कहा गया कि डेंगू मरीज के लिए अभी उनके अस्पताल में बेड खाली नहीं है। आखिरकार, मुश्ताक को काशीपुर ले जाने लगे। बताते हैं कि रात करीब साढ़े तीन बजे उसे खून की उल्टी आई, उसके कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
परिजन उसे घर वापस ले आए। मृतक के भाई गुलाम हुसैन ने बताया कि डाक्टरों ने मुश्ताक को डेंगू होने की आशंका जताई थी। मुश्ताक की मौत से उसकी पत्नी सितारा बेगम व तीन बच्चों का रोते रोते बुरा हाल है। इधर, पिछले दो महीनों में जिले में डेंगू आशंकितों समेत बुखार से ग्रस्त लोगों की मौत का आंकड़ा 39 हो गया है। हालांकि इसे लेकर ग्राम पंचायतें व स्थानीय निकाय गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। फागिंग आदि अपेक्षानुरूप नहीं कराई जा रही है। जिससे नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों की भरमार है।