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Sambhal News: छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित विद्यार्थियों को एक और मौका
Mon, 31 Aug 2026 11:52 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Mon, 31 Aug 2026 11:52 PM IST
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बहजोई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ प्राप्त करने से वंचित रह गए विद्यार्थियों को शासन ने एक और अवसर दिया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि भुगतान के लिए पोर्टल खोला गया है और विभिन्न स्तरों पर प्रक्रिया की समय-सारिणी तय की गई है।
शासन के निर्देशानुसार, कई कारणों से छात्रवृत्ति या शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रहे छात्रों को लाभ मिलेगा। इनमें शिक्षण संस्थाओं द्वारा आवेदन अग्रसारित न होना मुख्य कारण था। पीएफएमएस से आवेदन अस्वीकृत होना भी वजह रही।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र छात्र-छात्राएं इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। शासन का उद्देश्य सभी पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिलाना है। दिलीप कुमार ने संबंधित शिक्षण संस्थानों और संबद्ध एजेंसियों से अपील की है। उन्होंने कहा कि तय समय-सारिणी के अनुसार प्रक्रियाएं समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं।
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16-18 तक सही की जा सकेंगी त्रुटियांएक से सात सितंबर 2026 तक शिक्षण संस्थाएं अपना मास्टर डेटा तैयार करेंगी। इसके बाद, दो से आठ सितंबर तक विश्वविद्यालय या संबद्ध एजेंसी फीस आदि का सत्यापन करेगी। वहीं, तीन से नौ सितंबर तक जिला समाज कल्याण अधिकारी फीस आदि का सत्यापन करेंगे। यह प्रक्रिया आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करेगी। सोलह से अठारह सितंबर तक शिक्षण संस्थान त्रुटिपूर्ण आवेदनों को सही करेंगे।
निरस्त किए जाएंगे अपात्रों के आवेदन
सत्रह से उन्नीस सितंबर तक शिक्षण संस्थाएं सत्यापित और पात्र डेटा अग्रसारित करेंगी। इसी अवधि में अपात्र विद्यार्थियों के आवेदन निरस्त किए जाएंगे। पात्र विद्यार्थियों के आवेदनों को ऑनलाइन सत्यापित और अग्रसारित किया जाएगा। अंतिम चरण में सत्रह से पच्चीस सितंबर तक जिला स्तरीय समिति शुद्ध डेटा लॉक करेगी। दिलीप कुमार ने संबंधित संस्थानों से अपेक्षा की है कि आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया में पूरी सावधानी बरती जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र छात्र-छात्रा लाभ से वंचित न रहे।
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शासन के निर्देशानुसार, कई कारणों से छात्रवृत्ति या शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रहे छात्रों को लाभ मिलेगा। इनमें शिक्षण संस्थाओं द्वारा आवेदन अग्रसारित न होना मुख्य कारण था। पीएफएमएस से आवेदन अस्वीकृत होना भी वजह रही।
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अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र छात्र-छात्राएं इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। शासन का उद्देश्य सभी पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिलाना है। दिलीप कुमार ने संबंधित शिक्षण संस्थानों और संबद्ध एजेंसियों से अपील की है। उन्होंने कहा कि तय समय-सारिणी के अनुसार प्रक्रियाएं समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं।
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16-18 तक सही की जा सकेंगी त्रुटियांएक से सात सितंबर 2026 तक शिक्षण संस्थाएं अपना मास्टर डेटा तैयार करेंगी। इसके बाद, दो से आठ सितंबर तक विश्वविद्यालय या संबद्ध एजेंसी फीस आदि का सत्यापन करेगी। वहीं, तीन से नौ सितंबर तक जिला समाज कल्याण अधिकारी फीस आदि का सत्यापन करेंगे। यह प्रक्रिया आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करेगी। सोलह से अठारह सितंबर तक शिक्षण संस्थान त्रुटिपूर्ण आवेदनों को सही करेंगे।
निरस्त किए जाएंगे अपात्रों के आवेदन
सत्रह से उन्नीस सितंबर तक शिक्षण संस्थाएं सत्यापित और पात्र डेटा अग्रसारित करेंगी। इसी अवधि में अपात्र विद्यार्थियों के आवेदन निरस्त किए जाएंगे। पात्र विद्यार्थियों के आवेदनों को ऑनलाइन सत्यापित और अग्रसारित किया जाएगा। अंतिम चरण में सत्रह से पच्चीस सितंबर तक जिला स्तरीय समिति शुद्ध डेटा लॉक करेगी। दिलीप कुमार ने संबंधित संस्थानों से अपेक्षा की है कि आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया में पूरी सावधानी बरती जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र छात्र-छात्रा लाभ से वंचित न रहे।