फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   ganga

अब गंगा में प्रवाहित नहीं किए जा सकेंगे शव

Thu, 04 Feb 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला चंदौसी
ब्यूरो/अमर उजाला चंदौसी Updated Thu, 04 Feb 2016 12:33 AM IST
विज्ञापन
ganga
सदियों से समाज में यह धारणा है कि यदि मृत्यु के समय मुंह में गंगा जल की कुछ बूंदे पड़ जाएं या फिर अंतिम संस्कार पतित पावनी गंगा के निर्मल जल में हो तो मोक्ष मिलना तय है। लेकिन लगातार बढ़ते प्रदूषण ने राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) को भी इस पुरानी मान्यता पर चोट करने को विवश किया है।
विज्ञापन



उत्तर प्रदेश शासन के नगर विकास विभाग के बाद नगरीय निकाय निदेशालय के निदेशक ने जिलाधिकारी के माध्यम से गंगा किनारे स्थित सभी स्थानीय निकायों के अधिशासी अधिकारियों को गंगा व उसकी सहायक नदियों में शव प्रवाह पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन



गंगा में प्रदूषण का मुद्दा तो सड़क से संसद तक लंबे समय से गूंजता रहा है, अरबों की धनराशि भी व्यय हुई है लेकिन गंगा में प्रदूषण कम नहीं हुआ है। राष्ट्रीय हरित अभिकरण ने 18 जनवरी-2016 को आदेश जारी करके गंगा में शव का प्रवाह रोकने को कहा था। जिस पर नगर विकास विभाग के सचिव ने एक फरवरी को शासनादेश जारी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन



तीन फरवरी को नगरीय निकाय निदेशालय के निदेशक अविनाश कृष्ण ने गंगा व उसकी सहायक नदियों के किनारे बसे सभी नगर निगमों, नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को आदेश दिया है कि वह गंगा व उसकी सहायक नदियों में शवों का प्रवाहित किए जाने पर प्रतिबंध लगाएं।



चंदौसी के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि शासनादेश के अनुपालन में कार्रवाई की जाएगी। गंगा जिले की सीमा से गुजरती है, गवां नगर पंचायत क्षेत्र के छू कर जाती है लेकिन अन्य शहरी क्षेत्र तो गंगा की तलहटी से दूरी पर हैं। जिलाधिकारी की ओर से ही इस बाबत दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed