{"_id":"5c59e009bdec22108404c1ba","slug":"51549393929-sambhal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फार्मासिस्ट की हालत में सुधार, फार्मासिस्टों ने दी आंदोलन की चेतावनी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फार्मासिस्ट की हालत में सुधार, फार्मासिस्टों ने दी आंदोलन की चेतावनी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संभल। दो साल से वेतन नहीं मिलने से परेशान जिला संयुक्त चिकित्सालय के फार्मासिस्ट कृष्ण कांत हटवाल की हालत में सुधार बताया जा रहा है। हालांकि अभी उपचार जारी है। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी यहां बैठक कर उत्पीड़न के खिलाफ आंदोलन की बात कही। अस्पताल आकर फार्मासिस्ट का हालचाल भी जाना। वहीं, दूसरे विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फार्मासिस्ट का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए जो भी न्यायालय का आदेश होगा, उसका अनुपालन किया जाएगा। फिलहाल तो फार्मासिस्ट को एडी (हेल्थ) के कार्यालय में ही ज्वायनिंग देनी होगी।
जिला संयुक्त चिकित्सालय के फार्मासिस्ट केके हटवाल ने सोमवार को विषाक्त पदार्थ खा लिया था। जिसके बाद उसे संयुक्त चिकित्सालय के बाद शहर के फजल एंड आनंद हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहां के चिकित्सक डा. आनंद सिंह के अनुसार अब हालत में सुधार है, लेकिन अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। फिलहाल हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इसके अलावा डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संदीप बडोला के नेतृत्व में डीएस नेगी आदि कई पदाधिकारियों ने फार्मासिस्ट केके हटवाल का हालचाल जाना। साथ ही एक बैठक भी की। बैठक में कहा गया कि फार्मासिस्ट को तत्काल प्रभाव से बहाल कराया जाए। उसका उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि फार्मासिस्ट के मामले में किसी अधिकारी की कोई गलती निकली तो उसके खिलाफ आंदोलन भी किया जाएगा।
विज्ञापन
इधर, मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. एके गुप्ता का कहना है कि फार्मासिस्ट केके हटवाल का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए न्यायालय का जो भी आदेश होगा, उसका अनुपालन कराया जाएगा। फिलहाल तो फार्मासिस्ट का उपचार चल रहा है। ठीक होने के बाद भी फार्मासिस्ट को पूर्व के आदेशों के तहत अपर निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) के कार्यालय में ही ज्वानिंग देनी होगी। जब हाजिरी लगेगी, तभी वेतन दिया जा सकेगा।
इधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अमिता सिंह ने बताया कि अभी सबसे पहले फार्मासिस्ट का पूरी तरह स्वस्थ होना जरूरी है। जब वह बात करने की स्थिति में होगा, तभी उससे बातचीत के बाद कोई अग्रिम कार्रवाई की जा सकेगी।
विज्ञापन
जिला संयुक्त चिकित्सालय के फार्मासिस्ट केके हटवाल ने सोमवार को विषाक्त पदार्थ खा लिया था। जिसके बाद उसे संयुक्त चिकित्सालय के बाद शहर के फजल एंड आनंद हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहां के चिकित्सक डा. आनंद सिंह के अनुसार अब हालत में सुधार है, लेकिन अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। फिलहाल हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
इसके अलावा डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संदीप बडोला के नेतृत्व में डीएस नेगी आदि कई पदाधिकारियों ने फार्मासिस्ट केके हटवाल का हालचाल जाना। साथ ही एक बैठक भी की। बैठक में कहा गया कि फार्मासिस्ट को तत्काल प्रभाव से बहाल कराया जाए। उसका उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि फार्मासिस्ट के मामले में किसी अधिकारी की कोई गलती निकली तो उसके खिलाफ आंदोलन भी किया जाएगा।
विज्ञापन
इधर, मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. एके गुप्ता का कहना है कि फार्मासिस्ट केके हटवाल का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए न्यायालय का जो भी आदेश होगा, उसका अनुपालन कराया जाएगा। फिलहाल तो फार्मासिस्ट का उपचार चल रहा है। ठीक होने के बाद भी फार्मासिस्ट को पूर्व के आदेशों के तहत अपर निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) के कार्यालय में ही ज्वानिंग देनी होगी। जब हाजिरी लगेगी, तभी वेतन दिया जा सकेगा।
इधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अमिता सिंह ने बताया कि अभी सबसे पहले फार्मासिस्ट का पूरी तरह स्वस्थ होना जरूरी है। जब वह बात करने की स्थिति में होगा, तभी उससे बातचीत के बाद कोई अग्रिम कार्रवाई की जा सकेगी।