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कोरोना : व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा कर रहा स्वास्थ्य विभाग

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 24 Dec 2021 12:57 AM IST
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Corona: Health department claiming to fix the system
संभल। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान जो समस्या हुई। वह समय फिर से न देखना पड़े। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी में लगा हुआ है। ओमिक्रोन की दस्तक के साथ ही तैयारी शुरू हो गई थी। फिलहाल हालात पर काबू पाने के लिए व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जा रहा है।
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संभावित लहर को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है और ऑक्सीजन प्लांट भी तैयार हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पांच अस्पताल तैयार होने का भी दावा है। जहां जरूरत पड़ने पर संक्रमित मरीजों को भर्ती किया जा सकता है। जिल में फिलहाल 1530 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) ऑक्सीजन के लिए पांच प्लांट लगे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सभी प्लांट चालू हैं।
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जिला अस्पताल और नरौली सीएचसी में 30-30 बेड की व्यवस्था है। जबकि कैलादेवी सीएचसी में 100 बेड तक करने की क्षमता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 15 वेंटिलेटर हैं। जिसमें दस वेंटिलेटर जिला अस्पताल में हैं और पांच वेंटिलेटर नरौली सीएचसी में रखे हुए हैं।
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यह हैं ऑक्सीजन प्लांट के केंद्र
संभल जिला अस्पताल- 500 एलपीएम
कैलादेवी अस्पताल- 500 एलपीएम
असमोली अस्पताल- 350 एलपीएम
नरौली अस्पताल- 90 एलपीएम
चंदौसी अस्पताल- 90 एलपीएम
यदि संक्रमण बढ़ा तो चुनौतीपूर्ण होगा आरटीपीआर लैब पर जांच का होना
संभल। जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर की लैब है। जहां इस समय 50-60 नमूनों की जांच की जा रही है। स्टाफ और संसाधनों की कमी के चलते यह जांच बढ़ नहीं पा रही है। जबकि जिले में 1000 से ज्यादा लोगों के नमूने लिए जा रहे हैं। ऐसे में यदि संक्रमण फैला तो लैब पर जांच होना चुनौती होगा। लैब पर तीन लैब तकनीकि सहायक, दो विज्ञानिक और एक डाटा ऑपरेटर तैनात है। स्टाफ की कमी के चलते लैब शुरू होने के बाद से जांच का दायरा नहीं बढ़ सका है। संभावित तीसरी लहर में जांच करना लैब पर चुनौती से कम नहीं होगा। जिला सर्विलांस अधिकारी का दावा है कि बाहर से आने वाले लोगों की आरटीपीसीआर की जांच लैब पर ही कराने की योजना है। जरूरत पड़ने पर जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा और स्टाफ की कमी को भी पूरा किया जाएगा। संवाद
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