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....तो फांसी की सजा से बचने के लिए अंजाम दिया गया था फरारी हत्याकांड ?
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चंदौसी में क़डी सुरक्षा में धर्मपाल के न्यायालय ले जाते पुलिस कर्मी।
- फोटो : CHANDAUSI
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चंदौसी। बनियाठेर थाना क्षेत्र में 17 जुलाई को हुए यूपी के बहुचर्चित फरारी हत्याकांड को कुंदरकी के इंजीनियर की अपहरण के बाद हत्या के मामले में संभावित फांसी की सजा से बचने के लिए अंजाम दिया था। यह दावा हरियाणा के गुरुग्राम में गिरफ्तार किए गए इस हत्याकांड के ढाई लाख के इनामी बदमाश धर्मपाल ने पुलिस की पूछताछ में किया है। पुलिस ने आरोपी को बुधवार को न्यायालय में पेश किया, रिमांड दाखिल किया। जिस पर न्यायालय कल सुनवाई करेगा। पुलिस रिमांड पर लेकर रायफल की बरामदगी, फरारी हत्याकांड के संसाधन मुहैया कराने वालों की जानकारी के लिए पूछताछ करना चाहती है।
17 जुलाई की शाम करीब सवा पांच बजे बनियाठेर थाना क्षेत्र में उस समय तीन बंदी दो पुलिस कर्मियों की हत्या करके उनकी एक रायफल लूटकर फरार हो गए थे, जब उन्हें पुलिस वैन से चंदौसी न्यायालय में पेशी कराकर मुरादाबाद जेल में वापस ले जाया जा रहा था। फरार होने वाले प्रत्येक बंदी पर ढाई ढाई लाख का पुरस्कार घोषित किया गया था। एसटीएफ समेत दस टीमों को तलाश में लगाया गया था।
फरार बंदियों में कमल बहादुर को तो 20 जुलाई को अमरोहा पुलिस ने मार गिराया था तो 11 अगस्त को वारदात के मास्टर माइंड शकील को रजपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। तीसरा और अंतिम हत्यारोपी भरतपुर गांव निवासी धर्मपाल अभी तक फरार था। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बुधवार को बताया कि धर्मपाल को हरियाणा राज्य के जिला गुरुग्राम के फारुखनगर में 27 अगस्त को प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सोलंकी, स्वाट टीम प्रभारी बिजेंद्र सिंह की अगुवाई में स्वाट व सर्विलांस टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कुल ग्यारह मुकदमे हैं।
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ढाई लाख का इनामी है। धर्मपाल ने पूछताछ में बताया कि उसने 2011 में जरायम की दुनियां में कदम रखा था। 2014 में उसने शकील व कमल के साथ मिलकर कुंदरकी के इंजीनियर का अपहरण करके फिरौती मांगी थी। इंजीनियर की हत्या भी कर दी थी। इसी मुकदमे की सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। उन तीनों को जानकारी मिली थी कि इस मुकदमे में उन्हें फांसी की सजा होगी। तब तीनों ने मिलकर विचार किया, जब मरना ही है तो एक बार भागने का प्रयास करके देखा जाए। जब जेल से बाहर होंगे तो मुकदमे के गवाहों पर दबाव बनाया जा सकता है।
वारदातों को अंजाम देकर धन कमाकर अच्छी जिंदगी बिताई जा सकती है। इसके अलावा हरियाणा व राजस्थान में जाकर अपने साथियों के साथ गैंग बनाकर जरायम की दुनिया में अपना नाम व पैसा दोनों कमाने की योजना थी। इसी कारण 17 जुलाई को दो पुलिस कर्मियों की हत्या करके वह उनकी एक रायफल लूटकर भाग निकले थे। अभी रायफल नहीं मिली है, घटना से जुड़े कई सवाल अनसुलझे हैं। इसके लिए धर्मपाल को रिमांड पर लेने का प्रयास किया जा रहा है।
थानाध्यक्ष बनियाठेर सुमन कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार इनामी हत्यारोपी धर्मपाल को बुधवार को चंदौसी न्यायालय में पेश किया गया। रिमांड दाखिल किया गया। जिस पर सुनवाई गुरुवार को होगी। न्यायालय ने गुरुवार को धर्मपाल को तलब किया है। रिमांड मिलने के बाद पुलिस पूछताछ करेगी।
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17 जुलाई की शाम करीब सवा पांच बजे बनियाठेर थाना क्षेत्र में उस समय तीन बंदी दो पुलिस कर्मियों की हत्या करके उनकी एक रायफल लूटकर फरार हो गए थे, जब उन्हें पुलिस वैन से चंदौसी न्यायालय में पेशी कराकर मुरादाबाद जेल में वापस ले जाया जा रहा था। फरार होने वाले प्रत्येक बंदी पर ढाई ढाई लाख का पुरस्कार घोषित किया गया था। एसटीएफ समेत दस टीमों को तलाश में लगाया गया था।
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फरार बंदियों में कमल बहादुर को तो 20 जुलाई को अमरोहा पुलिस ने मार गिराया था तो 11 अगस्त को वारदात के मास्टर माइंड शकील को रजपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। तीसरा और अंतिम हत्यारोपी भरतपुर गांव निवासी धर्मपाल अभी तक फरार था। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बुधवार को बताया कि धर्मपाल को हरियाणा राज्य के जिला गुरुग्राम के फारुखनगर में 27 अगस्त को प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सोलंकी, स्वाट टीम प्रभारी बिजेंद्र सिंह की अगुवाई में स्वाट व सर्विलांस टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कुल ग्यारह मुकदमे हैं।
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ढाई लाख का इनामी है। धर्मपाल ने पूछताछ में बताया कि उसने 2011 में जरायम की दुनियां में कदम रखा था। 2014 में उसने शकील व कमल के साथ मिलकर कुंदरकी के इंजीनियर का अपहरण करके फिरौती मांगी थी। इंजीनियर की हत्या भी कर दी थी। इसी मुकदमे की सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। उन तीनों को जानकारी मिली थी कि इस मुकदमे में उन्हें फांसी की सजा होगी। तब तीनों ने मिलकर विचार किया, जब मरना ही है तो एक बार भागने का प्रयास करके देखा जाए। जब जेल से बाहर होंगे तो मुकदमे के गवाहों पर दबाव बनाया जा सकता है।
वारदातों को अंजाम देकर धन कमाकर अच्छी जिंदगी बिताई जा सकती है। इसके अलावा हरियाणा व राजस्थान में जाकर अपने साथियों के साथ गैंग बनाकर जरायम की दुनिया में अपना नाम व पैसा दोनों कमाने की योजना थी। इसी कारण 17 जुलाई को दो पुलिस कर्मियों की हत्या करके वह उनकी एक रायफल लूटकर भाग निकले थे। अभी रायफल नहीं मिली है, घटना से जुड़े कई सवाल अनसुलझे हैं। इसके लिए धर्मपाल को रिमांड पर लेने का प्रयास किया जा रहा है।
थानाध्यक्ष बनियाठेर सुमन कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार इनामी हत्यारोपी धर्मपाल को बुधवार को चंदौसी न्यायालय में पेश किया गया। रिमांड दाखिल किया गया। जिस पर सुनवाई गुरुवार को होगी। न्यायालय ने गुरुवार को धर्मपाल को तलब किया है। रिमांड मिलने के बाद पुलिस पूछताछ करेगी।