ये कैसा केंद्र विद्यालय: हिंदू छात्रों को टोपी, छात्राओं को हिजाब पहनाया; प्रिसिंपल समेत तीन निलंबित, VIDEO
वायरल वीडियो को लेकर बच्चों से जानकारी की गई तो बच्चों ने बताया कि प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक विद्यालय परिसर में मजहबी क्रियाकलापों को बढ़ावा दे रहे हैं। हिंदू छात्रों को टोपी पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए कहा जाता है। सजदा करना भी सिखाया जा रहा है।
विस्तार
यूपी के संभल स्थित गांव जालब सराय में स्थित पीएम श्री विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद, प्रभारी प्रधानाध्यापक वालेश कुमार और सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज को बीएसए अलका शर्मा ने निलंबित किया है। मुस्लिम शिक्षकों पर आरोप है कि वह विद्यालय में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे और हिंदू छात्रों को टोपी और छात्राओं को हिजाब पहनाते थे। 7 मई को इसका वीडियो वायरल हुआ था।
वालेश कुमार भी गंभीर आरोप
जांच के लिए संभल के खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल कुमार 8 मई को विद्यालय पहुंचे थे। बच्चों के बयान दर्ज करने के बाद रिपोर्ट बीएसए को भेजी गई। इसी क्रम में रविवार को निलंबन की कार्रवाई की गई है। प्रभारी प्रधानाध्यापक वालेश कुमार पर आरोप है कि उन्होंने उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं दी और अपने कर्तव्यों का निवर्हन नहीं किया। इसके चलते उनको निलंबित किया गया है। मोहम्मद अंजार अहमद और मोहम्मद गुल एजाज के खिलाफ नखासा थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।
मोहम्मद अंजार अहमद और मोहम्मद गुल एजाज अनुपस्थित मिले
खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि वायरल वीडियो और फोटो उनके पास पहुंचे तो अगले दिन वह निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। विद्यालय में प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद और सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज अनुपस्थित मिले। जानकारी करने पर पता चला कि प्रधानाध्यापक चिकित्सा अवकाश पर चल रहे हैं। वालेश कुमार को प्रभारी प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी मिली है।
सजदा करना भी सिखाया जा रहा
वायरल वीडियो को लेकर बच्चों से जानकारी की गई तो बच्चों ने बताया कि प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक विद्यालय परिसर में मजहबी क्रियाकलापों को बढ़ावा दे रहे हैं। हिंदू छात्रों को टोपी पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए कहा जाता है। सजदा करना भी सिखाया जा रहा है।
इस आधार पर हुई कार्रवाई
खंड शिक्षा अधिकारी ने माना कि मुस्लिम अध्यापक मजहबी शिक्षा को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। बताया कि वालेश कुमार ने इन गतिविधियों की जानकारी उच्च अधिकारियों को नहीं दी और कार्यालय में भी अनियमितताएं पाई गईं। इसकी विस्तृत रिपोर्ट बीएसए को भेजी गई। उसके आधार पर ही कार्रवाई की गई है।