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Sambhal News: तेंदुए का शावक समझकर जाल बिछाया, निकली जंगली बिल्ली
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असमोली क्षेत्र के गांव मुरथला के जंगल में पड़ा घायल शावक। संवाद
संभल। असमोली क्षेत्र के कुतुबपुर मुरथला से भटपुरा संपर्क मार्ग पर शनिवार की शाम करीब चार बजे तेंदुए की तरह बिल्ली देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। वन विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम भी तेंदुए का बच्चा (शावक) समझी और जाल लगाकर पकड़ा लिया। इसके बाद पशु चिकित्सक को बुलाकर बेहोशी का इंजेक्शन लगाया। जांच की तो पता चला कि वह जंगली बिल्ली है। बिल्ली किसी जानवर के हमले में घायल है। इसलिए राजकीय पशु चिकित्सालय मनोटा में उपचार किया जा रहा है।
वन विभाग के डिप्टी रेंजर उस्मान अली ने बताया कि सूचना पर वह टीम के साथ पहुंचे थे। बिल्ली का उपचार चल रहा है। इसके बाद खेतों में छोड़ दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने डिप्टी रेंजर को बताया कि खेतों के आसपास जब देखा तो तेंदुए की तरह नजर आई। इससे लोगों में दहशत हो गई। इसके चलते ही वन विभाग को सूचना दी गई थी। डिप्टी रेंजर ने बताया कि पशु चिकित्सक योगेश कुमार ने उपचार शुरू कर दिया है। ग्रामीणों को भी इसकी जानकारी दी गई है। बताया गया है कि किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। बिल्ली खेतों में अक्सर घूमती रहती हैं जो छोटे जानवरों का शिकार करती हैं।
मालूम हो असमोली क्षेत्र के कई गांवों में पिछले एक महीने में कई बार तेंदुए का शोर मच चुका है। वन विभाग की टीम ने भी तेंदुआ होने की पुष्टि की थी। इसके चलते ग्रामीणाें में बिल्ली देखकर दहशत पनपी।
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जंगली बिल्ली घायल अवस्था में मिली है। पशु चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। शावक नहीं है, उसका रंग तेंदुए के शावक की तरह है। उपचार के बाद खेतों में ही छोड़ दिया जाएगा।
-प्रीति यादव, डीएफओ, संभल
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वन विभाग के डिप्टी रेंजर उस्मान अली ने बताया कि सूचना पर वह टीम के साथ पहुंचे थे। बिल्ली का उपचार चल रहा है। इसके बाद खेतों में छोड़ दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने डिप्टी रेंजर को बताया कि खेतों के आसपास जब देखा तो तेंदुए की तरह नजर आई। इससे लोगों में दहशत हो गई। इसके चलते ही वन विभाग को सूचना दी गई थी। डिप्टी रेंजर ने बताया कि पशु चिकित्सक योगेश कुमार ने उपचार शुरू कर दिया है। ग्रामीणों को भी इसकी जानकारी दी गई है। बताया गया है कि किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। बिल्ली खेतों में अक्सर घूमती रहती हैं जो छोटे जानवरों का शिकार करती हैं।
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मालूम हो असमोली क्षेत्र के कई गांवों में पिछले एक महीने में कई बार तेंदुए का शोर मच चुका है। वन विभाग की टीम ने भी तेंदुआ होने की पुष्टि की थी। इसके चलते ग्रामीणाें में बिल्ली देखकर दहशत पनपी।
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जंगली बिल्ली घायल अवस्था में मिली है। पशु चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। शावक नहीं है, उसका रंग तेंदुए के शावक की तरह है। उपचार के बाद खेतों में ही छोड़ दिया जाएगा।
-प्रीति यादव, डीएफओ, संभल