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अमर उजाला शिक्षा अभियान : कोरोना संक्रमण के बाद खुले विद्यालयों में नजर आया काफी बदलाव
Thu, 31 Mar 2022 01:12 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, संभल
अमर उजाला ब्यूरो, संभल
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2022 01:12 AM IST
सार
जिले में मौजूद एक से 12 वीं तक के 1660 विद्यालयों में से करीब 70 फीसदी ने कोरोना गाइड लाइन के अनुरूप उपचार की व्यवस्था किया है। इन 1660 विद्यालयों में कक्षा एक से कक्षा 12 तक के करीब चार लाख लाख छात्र पंजीकृत हैं।
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चंदौसी के चंदौसी पब्लिक स्कूल में प्राथमिक उपचार को रखा बेड दिखाती शिक्षिकाएं।
- फोटो : CHANDAUSI
विस्तार
कोरोना संक्रमण काल में शिक्षण कार्य पूरी तरह से प्रभावित हुआ, विद्यालय बंद होने पर छात्र-छात्राएं ऑनलाइन शिक्षा पर निर्भर थे। तीसरी लहर के बाद अब जब विद्यालय खुले, तो व्यवस्थाओं में काफी बदलाव के साथ। स्कूल में प्रवेश करते ही छात्रों और शिक्षकों को पहले सैनिटाइजर का प्रयोग करना होता है। इसके अलावा मास्क पहन कर सामाजिक दूरी का अनुपालन भी जरूरी है।
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जिले में मौजूद एक से 12 वीं तक के 1660 विद्यालयों में से करीब 70 फीसदी ने कोरोना गाइड लाइन के अनुरूप उपचार की व्यवस्था किया है। इन 1660 विद्यालयों में कक्षा एक से कक्षा 12 तक के करीब चार लाख लाख छात्र पंजीकृत हैं। कोरोना संक्रमण की पहली लहर में 18 मार्च 2020 को शासन के आदेश पर विद्यालयों को बंद किया गया। यह आदेश कोरोना संक्रमण के तीन लहरों तक जारी रहा, इससे शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए विद्यालयों द्वारा ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था शुरू की गई। इस दौरान विद्यार्थी पूरी तरह ऑनलाइन शिक्षा पर निर्भर हो गए थे।
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तीसरी लहर के बाद अब विद्यालय फिर से पूरी तरह से खुल गए हैं। इस दौरान स्कूलों में कोरोना संक्रमण से बचाव के काफी उपाय किए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। विद्यालय में तबियत खराब होने पर छात्रों के लिए बेड की व्यवस्था की गई है। ताकि छात्रों को तत्काल विद्यालय में ही प्राथमिक उपचार दिया जा सके।
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विद्यालय में प्रत्येक बच्चे व शिक्षकों को सैनिटाइजर के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। विद्यालय आने पर बच्चों के जिम्मेदारी हमारी हो जाती है। इसलिए बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए हर मुमकिन इंतजाम किए गए हैं। ताकि अभिभावकों को चिंता न करनी पड़े।- अवध किशोर शर्मा, प्रधानाचार्य, चंदौसी पब्लिक स्कूल, चंदौसी
विद्यालय में मास्क व सैनिटाइजर की व्यवस्था है। जो विद्यार्थी से घर से मास्क लगाकर विद्यालय नहीं आता है। उसे विद्यालय स्तर पर मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है। विद्यालय में प्रवेश के दौरान बच्चों के हाथों को सैनिटाइजर कराया जा रहा है।- राजवीर सिंह, प्राथमिक विद्यालय मौलागढ़, चंदौसी
कोरोना संक्रमण के बाद अब विद्यालय खुले हैं। विद्यालय में छात्र एक-दूसरे से दूर से ही बात करते हैं। कक्षाओं में भी दूरी बनाकर बैठकर शिक्षा ग्रहण की जा रही है। घर पर भी कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है। -जीत बजाज, छात्रा चंदौसी
विद्यालय में पूरी तरह कोरोना गाइडलाइन का पालन कराया जा रहा है। विद्यालय में मास्क लगाकर ही शिक्षा ग्रहण करते हैं। एक-दूसरे से कोई छात्र हाथ नहीं मिलता। शिक्षकों व अभिभावकों की बातों पर पूरा ध्यान दे रहे हैं। -अविरल गोयल, छात्र, चंदौसी
स्वयं कर रहे पालन, छात्रों को सिखा रहे
चंदौसी के सीपीएस स्कूल में गेट के पास ही सैनिटाइज मशीन लगी है। कक्षाएं संचालित हैं। विद्यालय के प्रबंधक विक्रम सिंह ने बताया कि शिक्षक स्वयं भी प्रवेश के समय हाथों को सैनिटाइज करती है तथा छात्रों के हाथों को भी सैनिटाइज कराया जा रहा था। इसके साथ ही छात्रों के लिए मास्क अनिवार्य किया गया।
कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। सभी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि मास्क, सैनिटाइज, थर्मल स्क्रीनिंग आदि का विशेष ध्यान रखे हैं। 70 फीसदी से अधिक विद्यालयों में प्राथमिक उपचार की सुविधा भी है। मनोज कुमार आर्य, डीआईओएस संभल