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करंट लगने से युवक की मौत, लड़की झुलसी
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हिंदूवाला में नीचे लटकी एचटी लाइन की तार
- फोटो : SAHARANPUR
शाकंभरी। विद्युत निगम की लापरवाही ने गांव हैदरपुर उर्फ हिंदूवाला में युवक की जान ले ली। युवक अपनी भतीजी के साथ पशुओं को चारा खिलाने जंगल में गया था। वहां काफी नीचे तक झूल रही हाईटेंशन विद्युत लाइन से युवक का शरीर छू गया। जिससे उसके शरीर में आग लग गई और युवक का शरीर कोयला बन गया। वहीं, युवक की भतीजी भी झुलस गई, जिसे अंधविश्वास के चलते लोगों ने गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबा दिया। बाद में पुलिस ने लड़की को अस्पताल भिजवाया।
कोतवाली मिर्जापुर के गांव हैदरपुर उर्फ हिंदूवाला निवासी रामपाल उर्फ नीटू (30) पुत्र महेंद्र मंगलवार को अपनी 10 वर्षीय भतीजी प्रियांशी के साथ पशुओं को चारा खिलाने जंगल गया था। दोपहर करीब एक बजे वह विद्युत लाइन से टकरा गया, जो काफी नीचे झूल रही थी। इससे उसके शरीर में आग लग गई और काफी देर तक जलने के बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रियांशी भी बुरी तरह से झुलस गई।
ग्राम प्रधान रियाजुल चौधरी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिजली अधिकारियों को सूचना देकर आपूर्ति बंद कराई। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता की मांग के चलते हंगामा किया। मौके पर पहुंचे एसडीएम बेहट दीप्ति देव, सीओ विजयपाल सिंह, कोतवाली प्रभारी अमरदीप लाल और विद्युत निगम के एसडीओ द्वारा उचित मुआवजा दिलवाने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
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- एक मीटर ऊंचाई पर झूल रही विद्युत लाइन
जिस हाईटेंशन विद्युत लाइन से हादसा हुआ वह मिर्जापुर उपकेंद्र से गांव हैदरपुर उर्फ हिंदूवाला जा रही है। विद्युत लाइन जमीन से करीब एक मीटर ऊंचाई पर झूल रही है। दो दिन पूर्व ही ट्रैक्टर ट्रॉली में लदा छोर भी इसी विद्युत लाइन के संपर्क में आने से जल गया था, जबकि ट्रैक्टर के चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई थी।
मिर्जापुर विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि बरसात में नदी में बिजली के खंभे बह जाने से विद्युत लाइन ढीली हो गई है। खंभे लगवाकर जल्दी ही बिजली लाइन को सही कराया जाएगा।
झुलसे व्यक्ति को मिट्टी में दबाना गलत
गांव हैदरपुर उर्फ हिंदूवाला के प्रधान रियाजुल चौधरी ने बताया कि 10 साल पूर्व गांव का शहजाद करंट लगने पर बुरी तरह झुलस गया था। उसको दो घंटे तक मिट्टी में दबाकर रखा गया था, जिसके बाद चिकित्सक से उपचार कराया और शहजाद स्वस्थ हो गया। उनका कहना है कि करंट लगने पर मिट्टी में दबाने से करंट का प्रभाव कम होने पर तात्कालिक आराम मिल जाता है, इसी सोच के कारण ग्रामीण ऐसा करते हैं।
वहीं जिला अस्पताल की बर्न यूनिट में कार्यरत सर्जन डॉ. नरेश सैनी का कहना है कि करंट लगने से झुलसने पर व्यक्ति को मिट्टी में दबाना गलत है, पीड़ित व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सुविधा दिलाई जानी चाहिए। ताकि सही उपचार मिल सके। मिट्टी में दबाने से तो इंफेक्शन बढ़ सकता है।
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कोतवाली मिर्जापुर के गांव हैदरपुर उर्फ हिंदूवाला निवासी रामपाल उर्फ नीटू (30) पुत्र महेंद्र मंगलवार को अपनी 10 वर्षीय भतीजी प्रियांशी के साथ पशुओं को चारा खिलाने जंगल गया था। दोपहर करीब एक बजे वह विद्युत लाइन से टकरा गया, जो काफी नीचे झूल रही थी। इससे उसके शरीर में आग लग गई और काफी देर तक जलने के बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रियांशी भी बुरी तरह से झुलस गई।
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ग्राम प्रधान रियाजुल चौधरी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिजली अधिकारियों को सूचना देकर आपूर्ति बंद कराई। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता की मांग के चलते हंगामा किया। मौके पर पहुंचे एसडीएम बेहट दीप्ति देव, सीओ विजयपाल सिंह, कोतवाली प्रभारी अमरदीप लाल और विद्युत निगम के एसडीओ द्वारा उचित मुआवजा दिलवाने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
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- एक मीटर ऊंचाई पर झूल रही विद्युत लाइन
जिस हाईटेंशन विद्युत लाइन से हादसा हुआ वह मिर्जापुर उपकेंद्र से गांव हैदरपुर उर्फ हिंदूवाला जा रही है। विद्युत लाइन जमीन से करीब एक मीटर ऊंचाई पर झूल रही है। दो दिन पूर्व ही ट्रैक्टर ट्रॉली में लदा छोर भी इसी विद्युत लाइन के संपर्क में आने से जल गया था, जबकि ट्रैक्टर के चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई थी।
मिर्जापुर विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि बरसात में नदी में बिजली के खंभे बह जाने से विद्युत लाइन ढीली हो गई है। खंभे लगवाकर जल्दी ही बिजली लाइन को सही कराया जाएगा।
झुलसे व्यक्ति को मिट्टी में दबाना गलत
गांव हैदरपुर उर्फ हिंदूवाला के प्रधान रियाजुल चौधरी ने बताया कि 10 साल पूर्व गांव का शहजाद करंट लगने पर बुरी तरह झुलस गया था। उसको दो घंटे तक मिट्टी में दबाकर रखा गया था, जिसके बाद चिकित्सक से उपचार कराया और शहजाद स्वस्थ हो गया। उनका कहना है कि करंट लगने पर मिट्टी में दबाने से करंट का प्रभाव कम होने पर तात्कालिक आराम मिल जाता है, इसी सोच के कारण ग्रामीण ऐसा करते हैं।
वहीं जिला अस्पताल की बर्न यूनिट में कार्यरत सर्जन डॉ. नरेश सैनी का कहना है कि करंट लगने से झुलसने पर व्यक्ति को मिट्टी में दबाना गलत है, पीड़ित व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सुविधा दिलाई जानी चाहिए। ताकि सही उपचार मिल सके। मिट्टी में दबाने से तो इंफेक्शन बढ़ सकता है।

हादसे के बाद गांव हिंदूवाला में मौके पर जमा ग्रामीणों की भीड़- फोटो : SAHARANPUR

गांव हिदूवाला में करंट लगने के बाद मिट्टी में दबाई गई बच्ची- फोटो : SAHARANPUR