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नंबर प्लेट लगाने के नाम पर वसूली कर रहा युवक पकड़ा
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बड़गांव (सहारनपुर)। अंबेहटा चांद के मजरे गांव भगवानपुर में मकानों पर नंबर प्लेट व स्लोगन लगाने के नाम पर अवैध वसूली कर रहे एक व्यक्ति को ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने पकड़ दिया। हालांकि बाद में उसे खंड विकास कार्यालय के एक अधिकारी की सपुर्दगी में दे दिया गया। पूरा प्रकरण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना है।
शनिवार को गांव भगवानपुर में रामपुर मनिहारान खंड विकास कार्यालय के एक अधिकारी के आदेश पत्र का हवाला देकर एक व्यक्ति मकानों पर नंबर प्लेट लगाने पहुंचा। जहां उसने ग्रामीणों से 40-40 रुपए की वसूली शुरू कर दी। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए पुलिस को सूचना दी। गांव पहुंची पुलिस आरोपी को पकड़ कर थाने ले आई। थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति के पास एक अधिकारी का पत्र था। इस पत्र में जारी आदेश में प्रति व्यक्ति 40 रुपये लेने के साथ ग्राम प्रधान, आशा, आंगनबाड़ी व सफाई कर्मियों को भी सहयोग करने के लिए निर्देशित किया गया था। बाद में विकास खंड कार्यालय के आदेश जारी करने वाले अधिकारी ही आरोपी को थाने से अपनी सपुर्दगी में ले गए। यह पूरा घटनाक्रम ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना है। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारी से जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
उधर सीडीओ विजय कुमार ने बताया कि ऐसा कोई शासनादेश नहीं है जिसमें नंबर प्लेट के नाम पर चालीस रुपये वसूले जाएं। वे इस तरह के जारी किए गए पत्र की जांच करा कर दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
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शनिवार को गांव भगवानपुर में रामपुर मनिहारान खंड विकास कार्यालय के एक अधिकारी के आदेश पत्र का हवाला देकर एक व्यक्ति मकानों पर नंबर प्लेट लगाने पहुंचा। जहां उसने ग्रामीणों से 40-40 रुपए की वसूली शुरू कर दी। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए पुलिस को सूचना दी। गांव पहुंची पुलिस आरोपी को पकड़ कर थाने ले आई। थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति के पास एक अधिकारी का पत्र था। इस पत्र में जारी आदेश में प्रति व्यक्ति 40 रुपये लेने के साथ ग्राम प्रधान, आशा, आंगनबाड़ी व सफाई कर्मियों को भी सहयोग करने के लिए निर्देशित किया गया था। बाद में विकास खंड कार्यालय के आदेश जारी करने वाले अधिकारी ही आरोपी को थाने से अपनी सपुर्दगी में ले गए। यह पूरा घटनाक्रम ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना है। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारी से जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
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उधर सीडीओ विजय कुमार ने बताया कि ऐसा कोई शासनादेश नहीं है जिसमें नंबर प्लेट के नाम पर चालीस रुपये वसूले जाएं। वे इस तरह के जारी किए गए पत्र की जांच करा कर दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
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