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काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों ने बजाया विदेशों में डंका
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वुड कार्विंग का सामान
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। बीते साढे़ तीन दशकों में जनपद के औद्योगिक विकास को पंख लगे हैं। जिले के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों का विदेशों में डंका बज रहा है। अमेरिका से लेकर यूरोप तक के कई देशों में काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों को खासा पसंद किया जा रहा है। जनपद से 1000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रतिवर्ष निर्यात हो रहा है।
जनपद में पिछले 35 वर्षों में बडे़ स्तर पर औद्योगिक इकाइयां लगी हैं। इस बीच दिल्ली रोड औद्योगिक क्षेत्र के साथ ही देहरादून रोड, पिलखनी, जनता रोड और कामधेनु औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुए हैं, साथ ही होजरी और काष्ठ हस्तशिल्प के क्षेत्र में भी काफी प्रगति हुई है। 35 वर्ष पहले जनपद में इंडियन टोबैको कंपनी और स्टार पेपर मिल जैसे बडे़ उद्योग स्थापित थे। अब जनपद में 2000 से अधिक छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं। इसमें वुड कार्विंग और होजरी उत्पादों को बनाने वाली इकाइयां अधिक हैं। इसके अलावा वुड कार्विंग, जूता उद्योग के लिए सीएफसी (कॉमन फेसिलिटी सेंटर) की स्थापना का काम चल रहा है, साथ ही बांस, जूता और वुड कार्विंग उद्योगों का कलस्टर भी बन रहा है। जनपद में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और उद्यमियों की हितों की रक्षा एवं समस्याओं के निस्तारण के लिए कई औद्योगिक संगठन बने हैं। इनमें इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, सहारनपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड सर्विसेज एसोसिएशन, लघु उद्योग भारती और इंडियन इंडस्ट्रीज एंड बिजनेस एसोसिएशन आदि संगठन शामिल हैं।
बढ़कर हुई दो हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां
जनपद में पिछले 35 वर्षों में औद्योगिक विकास से खासी गति पकड़ी। इस दौरान वुुड कार्विंग, होजरी सहित अन्य उत्पादों की इकाइयों में वृद्धि हुई। इस समय वुड कार्विंग की करीब 1400 इकाइयां हैं, जबकि होजरी निर्माण इकाइयां भी 360 से अधिक हो गई हैं। इसके अलावा कई अन्य औद्योगिक इकाइयां भी उत्पादन कर रही हैं।
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जनपद में बढ़ी औद्योगिक सुविधाएं
- हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के प्रशिक्षण केंद्र खुला
- संयुक्त निदेशक उद्योग कार्यालय खुला
- वुड कार्विंग कलस्टर की स्थापना में तेजी
- जूता उद्योग के लिए कलस्टर स्थापित करने की प्रक्रिया तेज
-पिलखनी, जनता रोड, कामधेनु आदि औद्योगिक क्षेत्रों का विकास
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जनपद में पिछले 35 वर्षों में बडे़ स्तर पर औद्योगिक इकाइयां लगी हैं। इस बीच दिल्ली रोड औद्योगिक क्षेत्र के साथ ही देहरादून रोड, पिलखनी, जनता रोड और कामधेनु औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुए हैं, साथ ही होजरी और काष्ठ हस्तशिल्प के क्षेत्र में भी काफी प्रगति हुई है। 35 वर्ष पहले जनपद में इंडियन टोबैको कंपनी और स्टार पेपर मिल जैसे बडे़ उद्योग स्थापित थे। अब जनपद में 2000 से अधिक छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं। इसमें वुड कार्विंग और होजरी उत्पादों को बनाने वाली इकाइयां अधिक हैं। इसके अलावा वुड कार्विंग, जूता उद्योग के लिए सीएफसी (कॉमन फेसिलिटी सेंटर) की स्थापना का काम चल रहा है, साथ ही बांस, जूता और वुड कार्विंग उद्योगों का कलस्टर भी बन रहा है। जनपद में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और उद्यमियों की हितों की रक्षा एवं समस्याओं के निस्तारण के लिए कई औद्योगिक संगठन बने हैं। इनमें इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, सहारनपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड सर्विसेज एसोसिएशन, लघु उद्योग भारती और इंडियन इंडस्ट्रीज एंड बिजनेस एसोसिएशन आदि संगठन शामिल हैं।
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बढ़कर हुई दो हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां
जनपद में पिछले 35 वर्षों में औद्योगिक विकास से खासी गति पकड़ी। इस दौरान वुुड कार्विंग, होजरी सहित अन्य उत्पादों की इकाइयों में वृद्धि हुई। इस समय वुड कार्विंग की करीब 1400 इकाइयां हैं, जबकि होजरी निर्माण इकाइयां भी 360 से अधिक हो गई हैं। इसके अलावा कई अन्य औद्योगिक इकाइयां भी उत्पादन कर रही हैं।
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जनपद में बढ़ी औद्योगिक सुविधाएं
- हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के प्रशिक्षण केंद्र खुला
- संयुक्त निदेशक उद्योग कार्यालय खुला
- वुड कार्विंग कलस्टर की स्थापना में तेजी
- जूता उद्योग के लिए कलस्टर स्थापित करने की प्रक्रिया तेज
-पिलखनी, जनता रोड, कामधेनु आदि औद्योगिक क्षेत्रों का विकास