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Saharanpur News: नर्सरी के साथ फूलों की खेती करेंगी महिलाएं, बनेंगी आत्मनिर्भर
Thu, 12 Jan 2023 11:59 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 12 Jan 2023 11:59 PM IST
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आशा गांव छापुर
सहारनपुर। जनपद में पहले महिला किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) का गठन किया गया है। इससे जुड़ीं महिलाएं नर्सरी और फूल की खेती कर न सिर्फ अच्छी आय प्राप्त करेंगी बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार देंगी। इसके लिए पहले एफपीओ से जुड़ीं महिलाओं को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जनपद में यथा देवी स्तुति महिला किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठन किया गया है। एफपीओ से जुड़ीं महिलाएं पॉपुलर, यूकेलिप्टस, टीक, आम, लीची सहित अन्य फलदार एवं शोभाकारी पौधों की नर्सरी तैयार करेंगी, साथ ही गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा, जरबेरा आदि फूलों की खेती भी करेंगी। इसके लिए उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मनीष कुमार ने बताया कि महिलाओं को एफपीओ संचालित करने का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। पहले तीन वर्षों में उन्हें प्रबंधन एवं कार्यालय से जुड़े खर्चों के लिए 18 लाख रुपये और व्यवसाय को बढ़ाने के लिए 15 लाख रुपये की सहायता भी दी जाएगी, साथ ही इसके उत्पादों की मार्केटिंग में भी सहयोग किया जाएगा। इनको एक्सपोजर विजिट भी कराई जाएगी।
बोली महिलाएं
एफपीओ से जुड़ीं महिलाएं विभिन्न प्रकार के पौधों की नर्सरी तैयार कर बेचेंगी। इसके अलावा फूलों की खेती करेंगी। इसके लिए सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। जिससे महिलाओं को अच्छी आय प्राप्त होगी। - आशा, निदेशक एफपीओ, ग्राम छापुर।
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नर्सरी और फूलों की खेती से न सिर्फ एफपीओ से जुड़ीं महिलाओं का रोजगार मिलेगा बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया जाएगा। जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। - सरिता, निदेशक एफपीओ, ग्राम चौरी मंडी।
जनपद का पहला महिला किसान उत्पादक संगठन का ग्राम शाहजहांपुर में गठन किया गया है। इससे अभी तक 206 महिलाएं जुड़ीं हैं। इनको पहले प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके बाद ये नर्सरी में पौध तैयार करेंगी और फूलों की खेती करेंगी। इससे न सिर्फ एफपीओ से जुड़ीं महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी बल्कि ये अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे सकेंगी।-- मनीष कुमार, जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड।
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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जनपद में यथा देवी स्तुति महिला किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठन किया गया है। एफपीओ से जुड़ीं महिलाएं पॉपुलर, यूकेलिप्टस, टीक, आम, लीची सहित अन्य फलदार एवं शोभाकारी पौधों की नर्सरी तैयार करेंगी, साथ ही गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा, जरबेरा आदि फूलों की खेती भी करेंगी। इसके लिए उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मनीष कुमार ने बताया कि महिलाओं को एफपीओ संचालित करने का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। पहले तीन वर्षों में उन्हें प्रबंधन एवं कार्यालय से जुड़े खर्चों के लिए 18 लाख रुपये और व्यवसाय को बढ़ाने के लिए 15 लाख रुपये की सहायता भी दी जाएगी, साथ ही इसके उत्पादों की मार्केटिंग में भी सहयोग किया जाएगा। इनको एक्सपोजर विजिट भी कराई जाएगी।
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बोली महिलाएं
एफपीओ से जुड़ीं महिलाएं विभिन्न प्रकार के पौधों की नर्सरी तैयार कर बेचेंगी। इसके अलावा फूलों की खेती करेंगी। इसके लिए सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। जिससे महिलाओं को अच्छी आय प्राप्त होगी। - आशा, निदेशक एफपीओ, ग्राम छापुर।
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नर्सरी और फूलों की खेती से न सिर्फ एफपीओ से जुड़ीं महिलाओं का रोजगार मिलेगा बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया जाएगा। जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। - सरिता, निदेशक एफपीओ, ग्राम चौरी मंडी।
जनपद का पहला महिला किसान उत्पादक संगठन का ग्राम शाहजहांपुर में गठन किया गया है। इससे अभी तक 206 महिलाएं जुड़ीं हैं। इनको पहले प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके बाद ये नर्सरी में पौध तैयार करेंगी और फूलों की खेती करेंगी। इससे न सिर्फ एफपीओ से जुड़ीं महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी बल्कि ये अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे सकेंगी।

आशा गांव छापुर

आशा गांव छापुर